आज की इस गे हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढेंगे की कैसे एक समलैंगिक मामा ने पहली बार अपने गे भांजे की कुंवारी गांड के साथ गुदा मैथुन करा था और पुरे जोश के साथ उसकी सील पैक वर्जिन गांड को चोदा था. मेरी हिन्दी गे सेक्स स्टोरी शुरू करने से पहले मै आप सभी को मेरा परिचय दे देता हूँ. दोस्तों मेरा नाम देव है और मैं 20 साल का हूँ। मैं एक प्राइवेट कॉलेज का स्टूडेंट हूं और पढाई में बहुत अच्छा हूँ। मुझे लड़कियों में रूचि नहीं होकर लड़कों में है अर्थात मैं . शुरू से ही मेरी रूचि लड़कियों की जगह लड़कों में ज्यादा रही है जिससे यह प्रतीत होता है की मै भविष्य में गे ही बनूँगा. मै अक्सर रात में सोने से पहले मेरे मोबाइल फोन में ब्लू फिल्में देखा करता था और मुझे ब्लू फिल्म भी गे वाली ही पसंद आती थी. इस तरह से वक्त के साथ मुझे पता चला कि मैं तो समलैंगिक हूं.
दोस्तों यदि आप को पता नहीं है की ये समलैंगिक अर्थात गे क्या होता है तो मैं आप को बता देता हूँ, समलैंगिक पुरुष अर्थात गे पुरुष को महिलाओं की जगह पुरुषों के साथ गुदा मैथुन अर्थात गांड चुदाई करना पसंद होता है. दोस्तों गे ब्लू फिल्में देख देखकर मेरा मन भी करने लगा कि मैं भी अपनी सील पैक वर्जिन गांड में किसी मर्द का लंड लेकर गुदा मैथुन करूँ और अपने वर्जिन लंड से किसी मर्द की गांड की चुदाई करूँ. मेरी मम्मी के छोटे भाई अर्थात मेरे छोटे मामा पर मेरी गन्दी नजर थी. मेरे छोटे मामा जी बचपन से ही हमारे साथ रहते थे. जब मेरी मम्मी शादी होकर अपने ससुराल आई थी तब वह अपने साथ अपने छोटे भाई को लेकर आयी थी क्योंकि वो अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे और उन्होंने जिद कर ली थी की वो अपनी बहन के साथ ही रहेंगे. मेरे मामा जी का नाम धीरज है और उनकी उम्र करीब 26 साल हैं.
समलैंगिक मामा ने वर्जिन भांजे की कुंवारी गांड के साथ गुदा मैथुन करा गे सेक्स स्टोरी

मेरे मामा जी पेशे से कंप्यूटर ओपरेटर थे और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे. मेरे मामा जी का गठीला बदन अब मेरा ध्यान आकर्षित करने लगा था. रोज सुबह वो वर्कआउट करने जाया करते थे. जब मेरे मामा जी वापस घर आते थे तो उनके डोले और छाती फूली होती थी जिसको देखकर मेरी गांड में मामा जी के लौड़े से चुदवाने की कुलबुलाहट सी होने लगती थी. मामा जी जॉकी की बनियान पहना करते थे जो की पूरी पसीने में भीगी रहती थी और मैं उनके आसपास घूमता रहता था ताकि उनके बदन को ताड़ सकूं. मेरे मामा जी का तगड़ा लौड़ा उनकी जीन्स में साफ साफ उभार बनाये रहता था और मेरी नजर वहीं उनके लौड़े पर टिकी रहती थी. बहुत बार मैं छुप छुपकर उनको बाथरूम में नंगा होकर नहाते हुए देखा करता था. नहाते हुए जब उनका अंडरवियर गीला रहता था तो उनके लंड का साइज भी पता लग जाता था. गे मामा जी का सख्त लौड़ा सोया हुआ ही 4 इंच के करीब लगता था.
इन सब बातों के शुरू होने के बाद उनकी जॉब बदल गयी और वो दिल्ली रहने चले गये. वहां पर वो अपने कुछ रूममेट के साथ रहने लगे. अभी कुछ दिन पहले जब वो हमसे मिलने हमारे घर आये तो 10-12 दिन की छुट्टी लेकर आये थे. अबकी बार मैंने ठान लिया था की अबकी बार किसी भी तरह से मामा जी के लौड़े से गांड मरवाने का सतूना करना है. मैंने संकल्प कर लिया था की मैं अबकी बार अपनी गांड को मामा जी से मरवा कर ही दम लूँगा. वैसे तो उनके और मेरे बीच में बहुत बातें होती थीं लेकिन लाज और शरम के मारे मै कभी गे सेक्स करने की इच्छा को जाहिर ही नहीं कर पाया. उनको आये हुए दो तीन दिन बीत चुके थे और मेरे हाथ कुछ नहीं लगा था. मैं बस उनको अपने बदन के इशारों में बताने की कोशिश करता कि मेरी गांड चोद लो लेकिन वो इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे थे.
हमारा एक कमरा छत पर बना हुआ था उसके साथ अटेच लेट्रिंग बाथरूम था जिसको हम गेस्ट रूम की तरह इस्तेमाल करते थे. कुछ समय बाद मैं उसी गेस्ट रूम में रहने लगा था क्योंकि अब मैं जवान हो चूका था और मुझे भी अब थोड़ी प्राइवेसी चाहिए थी. उस हसीन रात को मेरे कामुक मामा जी मेरे रूम में ही थे. हम दोनों लैपटॉप में फिल्म देख रहे थे. बातों बातों में मैंने उनसे पूछा- मामा जी, कोई लड़की पटाई या बस यूं ही काम चला रहे हो? मेरे मामा जी बोले- हां, अंजलि नाम की एक लड़की है. वो मेरी सेटिंग है. मगर वो ज्यादा कुछ करने नहीं देती.
मैं बोला तो फिर कोई और देख लो. मामा जी- नहीं यार, इतना टाइम नहीं मिलता. उसी से काम चल जाता है. फिर वो मूवी देखने लगे. थोड़ी देर में मूवी खत्म हो गयी और हम सोने लगे. कुछ देर बाद मुझे गहरी नींद आ गयी. मामा जी तो पहले ही सो चुके थे. फिर अचानक 2-3 घंटे बाद मेरी नींद कुछ चीखती आवाजों ने खोल दी. मैंने उठकर देखा तो नजर मामा जी के मोबाइल फोन की स्क्रीन पर गयी. मामा जी फोन में ब्लू फिल्म देख रहे थे और अपनी गांड में ऊँगली कर रहे थे. मामा जी ने मुझे देखा तो वो सहम से गये. पर मैं मुस्करा दिया तो वो भी मुस्करा दिये. मैं फिर वापस से करवट लेकर सो गया.
जब सुबह उठा तो वो कहने लगे- साले रात को ऐसे क्या देख रहा था? मुझे पता है कि तू भी ब्लू फ़िल्में देखते देखते हस्तमैथुन करता होगा अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए, अब बच्चा थोड़ी है तू अब तो तेरे हथियार में भी हलचल होती होगी लड़कियों और भाभी को देखकर..! फिर वो मुझसे पूछने लगे की क्या तेरे लैपटॉप में हैं ब्लू फ़िल्में? मैं बोला- हां देखता तो हूं लेकिन मैं ऑनलाइन इंडियन सेक्स बाज़ार पोर्न ट्यूब पर देखता हूँ. मेरे पास लैपटॉप में ब्लू फ़िल्में नहीं है मैं तो जब मन करता है पोर्न ट्यूब पर देख लेता हूँ. मेरे मामा जी बोले- कोई नहीं, तू ऑनलाइन पोर्न ट्यूब पर ही कोई नयी वाली सेक्स फिल्म दिखा दे. फिर मैंने लैपटॉप पर एक ब्लू साइट खोली और उस पर गे वाली कैटेगरी पर क्लिक कर दिया. गे चुदाई की फिल्म चलने लगी. मामा जी बोले- ये देखता है तू? मैं- मैं तो सब देखता हूं. जिस ऑप्शन पर क्लिक हो गया वही देखने लगता हूं.
वो फिर चुपचाप नंगे लड़के की दुसरे लड़के के लंड से गांड मरवाने की ब्लू फिल्म देखते रहे. मेरी लुल्ली तो खड़ी हो गयी थी. साथ में मेरे छबीले मामा जी बैठे थे और सामने लड़के की गांड चोदी जा रही थी. मैंने पूछा- आपने कभी किसी लड़के की गांड मारी है या किसी लड़के से अपनी गांड मरवाई है? मेरे गे मामा जी ने शरमाते हुए नहीं में अपनी गर्दन हिलायी और चुपचाप पोर्न फिल्म देखते रहे. फिर मैंने उनकी जांघ पर हाथ रख लिया. मेरे मामा जी ने एक बार मेरी ओर देखा और फिर दोबारा से स्क्रीन पर देखने लगे. शायद उनको मेरी बात से कुछ पता चलने लगा था. धीरे धीरे मेरा हाथ सरक कर उनके तने हुए लंड की ओर जा रहा था.
मेरे अंदर गुदा मैथुन करने की हवस बढ़ती जा रही थी और फिर देखते देखते मैंने मामा जी के तगड़े लौड़े को छू लिया और मेरे हाथों का स्पर्श पाकर उनका लौड़ा खड़ा होने लगा. अब मैंने उनके लंड पर पूरा हाथ रख लिया और उसको सहलाने लगा और फिर जोर जोर से दबाने लगा. अब मेरे गे मामा जी ने भी मेरी जांघ को सहलाना शुरू कर दिया. मैंने उनके तगड़े लौड़े को हाथ में भर लिया और उनका लौड़ा पूरा तन गया. अब मेरे गे मामा जी का हाथ भी मेरी लुल्ली पर आ चुका था. हम दोनों एक दूसरे के लंडों को सहला रहे थे. वो मेरी गांड को दबाते हुए बोले- तुझे लंड पकड़ना पसंद है क्या भांजे..? मैंने हां में गर्दन हिला दी.
मेरे हाथ में मामा जी का लम्बा मोटा लंड था और अब मेरी हालत खराब हो रही थी क्योंकि अपने जीवन में पहली बार मैंने किसी और का लंड पकड़ा था. फिर मैंने उनकी लोअर में हाथ डालकर उनके अंडरवियर के अंदर हाथ ले जाकर उनके तगड़े लौड़े को पूरा हाथ में भर लिया. बहुत गर्म और सख्त लंड था धीरज मामा जी का. मेरे मामा जी बोले भांजे अगर तू पहले बता देता की तू भी गे है तो मैं पहले ही तुझे लंड दे देता. मेरे प्यारे भांजे मैं तो खुद तेरे साथ गुदा मैथुन करना चाह रहा था बहुत दिन से तेरी गांड बहुत मस्त है अपनी कॉलोनी वाले राहुल से भी मस्त.
मैंने हैरानी से पूछा- तो क्या मामा जी वो अपनी कॉलोनी वाला राहुल भी गुदा मैथुन करने के लिए आपके पास ही आता है? मेरे गे मामा जी बोले- हां वो भी गांड मरवाने मेरे पास ही आता है वो साला भी तो गे है, मैंने कई बार उसके साथ गुदा मैथुन करा है. एक बार तो उसने भी मेरी मारी हुई है. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरे सगे मामा जी भी मेरी तरह गे हैं और वो भी कई लड़की की गांड मार चुके हैं. मेरी तो लॉटरी लग गयी थी ये बात जानने के बाद. अब मुझे समझ में आया कि राहुल और धीरज मामा जी इतने अच्छे दोस्त कैसे बने हुए थे. उनके बीच में तो आये दिन गे सेक्स होता था. मैंने अब मेरे गे मामा जी के लंड की मुठ मारनी शुरू कर दी.
मै उनको हस्तमैथुन का आनंद दे रहा था और फिर हस्तमैथुन का आनंद लेते लेते मेरे सामने अपनी बनियान उतारने लगे. गे मामा जी का सख्त लौड़ा लोअर को पूरा तंबू बनाये हुए था. मैं तो उनके तगड़े लौड़े को देखने के लिए बेताब सा हो उठा था. फिर मेरे गे मामा जी ने लोअर को निकाल दिया. अब अंडरवियर जब नीचे खींचा तो मेरी आँखें हैरानी से फैल गयीं. सांवले से रंग का मूसल लंड उनकी टांगों के बीच में झूल रहा था. मेरे पास आकर वो मेरे चेहरे को अपनी तरफ करके मेरे होंठों को चूसने लगे. मैं भी जैसे उनके होंठों में खो गया.
फिर वो मेरे कपड़े उतारने लगे और मुझे पूरा नंगा धडंगा कर दिया. अब मेरा बदन मामा जी के सामने पूरा नंगा था आज हम मामा जी भांजे मिलकर पहली बार गे सेक्स करने वाले थे मै बहुत बैचेन और उतावला हुए जा रहा था. उनके लंड में झटके लग रहे थे. फिर वो मुझे नीचे लिटा कर मेरे बूब्स को चूसने लगे. मैं मदहोश सा होने लगा. ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं किसी स्वर्ग में हूं. उनकी गर्म सांसें मेरी उत्तेजना को और ज्यादा बढ़ा रही थीं. मेरी छोटी छोटी गोल चूचियों को चूसते और दांतों से काटते हुए वो नीचे की ओर बढ़ रहे थे.
मेरे पेट पर चूमने के बाद मेरे गे मामा जी ने मुझे दूसरी तरफ पलटा दिया. अब मेरी गांड मामा जी के सामने ऊपर की ओर थी. मेरे गे मामा जी ने मेरे चूतड़ों पर अपने गर्म होंठों से चूमा तो मेरे लंड में सरसरी दौड़ गयी. बहुत अच्छा लगा मुझे! मेरा मन किया कि टाइट गांड को मामा जी के गर्म होंठों पर लगा दूं और वो मेरे छेद को जोर जोर चाटें और चूमें. वो मेरे चूतड़ों को बार बार दबाते और फिर चूम लेते. तीन चार मिनट तक मेरे गे मामा जी ने मेरे चूतड़ों से खेला. मेरी गांड का छल्ला अब खुद ही ढीला सा पड़ने लगा. जैसे कि वो लंड के इंतजार में खुद को तैयार कर रहा है. अब मेरे गे मामा जी मेरे बगल में आ लेटे और फिर मेरे गे मामा जी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.
मेरे उप्पर मेरे छोटे मामा जी के गठीले बदन का खुमार चढ़ चूका था और मैंने अपनी हर चाहत पूरी करने की ठान ली. मैंने उनके होंठों को चूसना शुरू किया. वो भी मेरा सिर पकड़ कर मेरी लार पीने लगे. फिर मैं नीचे गर्दन को चूसने लगा. उनकी गर्दन चूसने में मुझे और ज्यादा उत्तेजना होने लगी. वो भी मुझे कसकर भींचने लगे. फिर मैंने छाती के निप्पल मुंह में भर लिये. उनके निप्पल बहुत रसीले थे. मन कर रहा था कि चूसता ही रहूं. मगर मेरी हालत ऐसी थी कि किसी भूखे के सामने ढेर सारा खाना डाल दिया गया हो और वो हर एक चीज को चखना चाह रहा हो. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने मामा जी के गठीले कसरती बदन को कहां कहां से चूमूं और चाटूं. हर हिस्से को चूसना चाह रहा था मैं! बेसब्री से उनकी छाती और पेट को चूमते हुए मैं नीचे जाने लगा.
जैसे ही उनके झांटों के भाग पर पप्पी करी तो मेरे गे मामा जी ने मेरे सिर को नीचे दबाते हुए खुद ही मेरे होंठों को अपने लंड के टोपे पर लगवा दिया. उनके लौड़े से निकली कामरस की बूंद को मैंने जीभ की नोक से चाट लिया. फिर उनकी आँखों में देखते हुए अपना मुंह खोलकर उनके मोटे सुपारे को अपने मुंह में भर लिया और आंख बंद करके चूसने लगा. हाय … इतना रसील लंड था उनका. मेरे मुंह में लार की धार बह निकली. दो मिनट में ही तगड़े लौड़े को मैंने थूक में सान दिया. मामा जी के मुंह से निकलती सिसकारियां बता रही थीं कि वो कितने आनंद में हैं.
उनका एक हाथ मेरे सिर पर था जो मेरे सिर को बार बार उनके लंड पर दबा रहा था. दूसरे हाथ से वो अपने पेट और छाती को सहला रहे थे. उनका ये कामुक रूप देखकर मेरा तो मन जैसे खिल उठा. इतना रसीला मर्द आज मुझे चूसने के लिए मिल गया है. उस टाइम मुझे एसा लग रहा था जैसे मैं सातवें आसमान पर हूँ। क्या टेस्ट था उनके लंड का! वो मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुंह को अपने लन्ड पर आगे पीछे कर रहे थे। मामा जी मुह चोदने में भी पूरे खिलाड़ी थे. मुझे लंड चूसते हुए 8-10 मिनट हो गये लेकिन वो झड़े नहीं.
अब मेरे गे मामा जी ने मुझे उठने के लिए कहा. मैं समझ गया कि मेरी वर्जिन गांड की पहली चुदाई करवाने का शुभ मुहूर्त हो गया है. मेरी वर्जिन गांड अब मामा जी के लौड़े से चुदने वाली थी. पहली बार मेरी गांड को लंड का आनंद भोगना था. मेरी गांड मारने के लिए मेरे गे मामा जी ने मुझे अपनी वर्जिन गांड की चुदाई करवाने के लिए घोड़ी बनने के लिए कहा. मुझे मामा जी का सख्त लौड़ा देखकर ही डर लग रहा था.
मैंने पूछा- पहली बार गांड मरवाने में ज्यादा दर्द तो नहीं होगा? मेरे गे मामा जी बोले- यार … अरे भांजे तू भी क्या लड़कियों की तरह डरता है गांड चुदाई (Anal Sex) करवाने में? चल जल्दी से घोड़ी बन जा पहली बार गांड मरवाने में मामूली दर्द होगा और वो भी थोड़ी देर बाद आनंद में बदल जायगा! मन ही मन मैं तो खुश हो रहा था कि आज मेरी वर्जिन गांड मरवाने की मनोकामना पूरी हो जाएगी। पहली बार अपनी वर्जिन गांड मरवाने का आनंद प्राप्त करने के लिए मैं अपनी गांड उप्पर करके गांड चुदाई करवाने के लिए झट से घोड़ी बन गया.
फिर मामा जी अपने मुह से थूक हथेली में लेकर मेरी सील पैक वर्जिन गांड के छेद पर मलने लगे ताकि पहली गांड चुदाई (Anal Sex) में मुझे दर्द कम हो और मेरी गांड फटे नहीं. उनकी उंगलियां जब मेरी वर्जिन गांड के छेद को सहला रही थीं तो मेरी वर्जिन गांड का छेद फैलने लगा. मेरी आंखें आनंद में बंद होने लगीं. फिर मेरे गे मामा जी ने लंड पर थूक मला और मेरे छेद पर सुपारा टिका दिया. एक दो बार मेरे छेद को लंड के टोपे से सहलाया. मेरी आह्ह … निकल गयी. फिर मेरे गे मामा जी ने शॉट मारा तो लंड एकदम से फिसल गया. मेरी गांड वर्जिन थी इस लिये बहुत टाइट थी.
मेरे गे मामा जी ने थोड़ा और थूक अपने लौड़े के लाला लाल टोपे पर लगाया. लंड डालने से पहले अपनी उंगली पर थूक लिया और मेरी सील पैक वर्जिन गांड के अंदर पेल दी. इससे मुझे दर्द हुआ लेकिन फिर वर्जिन गांड खुलने लगी. वो उंगली को अंदर बाहर करने लगे और अपनी ऊँगली से ही मेरी गांड को चोदने लगे. मुझे उनकी खुरदरी उँगली गांड में लेकर बहुत मजा आ रहा था. उंगली करने के बाद मेरे गे मामा जी ने फिर से तगड़े लौड़े को छेद पर टिकाया. अबकी बार बहुत जोर से शॉट मारा और उनका सुपाड़ा मेरी सील पैक गांड के दरवाजे को तोड़ता हुआ अंदर जा फंसा. मेरी तो हालत ख़राब हो गई. जिन्दगी में पहली बार इतना दर्द महसूस किया था.
किसी तरह मैंने अपने मुंह पर हाथ रखकर अपनी चीख दबाई लेकिन फटी हुई गांड का दर्द मेरी जान निकाल रहा था. मामा जी मेरे ऊपर आ लेटे और मैं बोला- छोड़ दो मामा जी, नहीं लिया जा रहा आपका लंड मुझसे बहुत ही ज्यादा तेज दर्द हो रहा है. मेरे गे मामा जी बोले- लिया जायेगा. तू तो पूरा ले लेगा मेरी जान … बस थोड़ी देर रुक जा आज पहली बार गुदा मैथुन कर रहा है ना इस लिए थोडा ज्यादा दर्द हो रहा है अभी थोड़ी देर में ये दर्द आनंद में बदल जायगा इस लिए बस थोड़ी से हिम्मत और कर ले. वो मेरी चूचियों को भींचते हुए मुझे प्यार करने लगे. मुझे अच्छा लगा और फिर कुछ देर में पहले झटके का दर्द कम होने लगा. अब मेरे गे मामा जी ने धीरे धीरे तगड़े लौड़े को और अंदर सरकाना शुरू किया. बड़ी मुश्किल से लंड फंसता हुआ अंदर जा रहा था.
धीरे धीरे करके मेरे गे मामा जी ने मेरी गांड में पूरा लंड उतार दिया. ऐसा लगा कि जैसे कुछ मोटी चीज मेरे पिछवाड़े में ठूंस दी गयी हो. धीरे धीरे मेरे गे मामा जी ने धक्के लगाने चालू किये. अब मेरी सकड़ी से गांड को लम्बे मोटे लिंग को रास्ता देना ही था. गांड चुदाई के दौरान अब मेरी टाइट गांड चौड़ी होने लगी और लंड ने चुदाई करने की गति बढ़ानी शुरू कर दी. मामा जी के धक्के तेज होने लगे और धीरे धीरे मेरी गांड का दर्द संतुष्टि में बदलने लगा. कुछ ही देर में मेरी गांड फट कर बहुत ही ज्यादा चौड़ी हो गयी और अब खुद ही तगड़े लौड़े को और अंदर तक रास्ता देने लगी. मेरा मन करने लगा कि मामा जी अपना पूरा लिंग मेरी गांड की जड़ तक घुसा दें और बड़े अच्छे से गुदा मैथुन करे.
गुदा मैथुन करने के दौरान मेरे मुंह से दर्द भरी आहें निकल रही थी और मामा जी की ओह्ह … मेरी जान … ओह्ह मेरी रानी … ओह्ह मेरे चिकने करके सीत्कार से फूट रहे थे. इस तरह हम दोनों मामा जी-भांजे गे सेक्स में डूब गये. अब लग रहा था कि मैं कुतिया हूं और मामा जी एक ठरकी कुत्ते का रूप ले चुके हैं जो अपनी कुतिया को बुरी तरह चोद देना चाहते हैं. मेरा अंग अंग दर्द करने लगा. उनके धक्के झेलते झेलते मेरा चेहरा लाल हो उठा.
वो फिर मेरे छोटे छोटे बूब्स दबाते हुए और जोर से तगड़े लौड़े को मेरी गांड की आंतो तक पेलने लगे उनका पूरा लंड मेरी गांड से निकल रहे खून और टट्टी से संद चूका था. मैं अब बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. मेरी गांड के चिथड़े खुल रहे थे. धक्के मारते हुए वो बड़बड़ा रहे थे- जोर से ले … हम्म … हम्म … और ले … आह्ह … ले भोसड़ी के … मेरा पूरा लंड ले ले तू! जब उनका झड़ने को हो गया तो बोले- बता भांजे, गांड में ही छोड़ दूं या मुंह में पीयेगा लंड से निकलने वाला गरमा गरम माल? मैंने आज तक कभी किसी का माल नहीं पिया था, मैं बोला- मुंह में मामा जी.
गुदा मैथुन करने के बाद मेरे गे मामा जी ने मेरी गांड के छेद से अपना लंड निकाला और मुंह में दे दिया. मामा जी के लंड पर मेरी टट्टी लगी हुई थी जिसे ना चाहते हुए मुझे चाटनी पड़ी. फिर वे मेरे मुंह को चोदने लगे और एक मिनट के बाद उनका वीर्य मेरे मुंह में जाने लगा जिसका मीठा-खट्टा और नमकीन सा स्वाद मुझे मिलने लगा. पहली बार वीर्य का स्वाद मिला था. मुझे बहुत अच्छा लगा. गर्म गर्म माल अमृत के जैसा लग रहा था.
फिर जब सारा माल मेरे गले में अंदर तक चला गया तो फिर उसके बाद मेरे समलैंगिक मामा जी ने अपने लिंग को मेरे मुंह से बाहर निकाल लिया. मैंने चाटकर मामा जी का सख्त लौड़ा साफ किया. फिर रात को मामा जी ने एक बार फिर मेरी गांड मारी. आज मैंने पहली बार अपनी वर्जिन गांड की चुदाई करवाई थी इस कारण मेरी गांड सूज कर लाल हो गयी थी और उसमे बहुत तेज जलन भी हो रह थी जिस करण मुझे टट्टी करने से भी डर लग रहा था. दोस्तों समलैंगिक मामा के लंड से चुदवाने के कारण मेरी गांड काफी ज्यादा फट चुकी थी जिस वजह से अगले दिन तो मुझे चलने में भी बहुत दिक्कत हुई आखिर वर्जिन गांड की पहली चुदाई जो हुई थी मम्मी के भाई के सख्त लौड़े से.
दोस्तों मैंने जीवन में पहली बार किसी मर्द के साथ गुदा मैथुन करा था और मुझे अपनी सील पैक वर्जिन गांड की चुदाई करवाने में थोडा दर्द जरुर हुआ था मगर बाद में बड़ा आनंद आया था. दोस्तों आज रात को मैं मेरे समलैंगिक मामा की की गांड चोदने वाला हूँ वो वाली हिंदी सेक्स स्टोरी अगले भाग में शेयर करूँगा. कुछ देशों और संस्कृतियों में समलैंगिकता या परिवार के भीतर यौन संबंध स्वीकार्य नहीं हैं। मामा-भांजे का रिश्ता पारिवारिक और सामाजिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस रिश्ते में यौन गतिविधियों को शामिल करना जटिलताएं और तनाव पैदा कर सकता था मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. यह कानूनी और सामाजिक समस्याएं पैदा कर सकता है. यदि आप में से भी कोई मेरे साथ गुदा मैथुन करना चाहता है तो तुरंत मुझे ईमेल करे…


