एनल सेक्स के दौरान पड़ोसन की तंग गांड ने मेरे लंड को चारों ओर से जकड़ लिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश (Anal sex ke dauran padosan ki tang gaand ne mere lund ko chaaron or se jakad liya – Antarvasna Hindi Sex Story) :- एक गर्मियों की शाम को मैं अपने कमरे में अकेले बैठा हुआ था, जब अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई। बाहर खड़ी थी मेरी पड़ोसन रीमा, उसकी नम आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वह अपनी साड़ी के पल्लू को बेचैनी से सहला रही थी, जैसे कोई राज बताने वाली हो। मैंने उसे अंदर आने का इशारा किया, और वह धीरे से कमरे में दाखिल हुई, उसकी मादक खुशबू ने पूरे कमरे को भर दिया।
रीमा की उंगलियाँ टेबल के किनारे पर टिकी थीं, उसकी नाखूनों पर लगा लाल रंग उसकी त्वचा के साथ बेहद खिल रहा था। वह मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई, “तुम्हें पता है, आज मेरे पति शहर से बाहर गए हैं,” उसने धीमी आवाज़ में कहा, उसकी सांसों की गर्मी मेरे कान को छू गई। मैंने उसकी ओर देखा, उस पड़ोसन का नेकलेस ब्लाउज उसकी गहरी नाभि की ओर सरक रहा था। वह आगे बढ़ी, और मेरे सोफे के आर्मरेस्ट पर बैठ गई, उसकी जांघें मेरी जांघों से सट गईं।
एनल सेक्स के दौरान पड़ोसन की तंग गांड ने मेरे लंड को चारों ओर से जकड़ लिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी

“मैं तुम्हारे बारे में सोचती रहती हूँ,” उसने कहा, उसकी आवाज़ में एक कर्कशाहट थी जो मेरे दिमाग को झकझोर गई। उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा, और धीरे से दबाया। मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा। उसकी उंगलियाँ मेरे जांघों के बीच तक पहुँच गईं, और मैंने महसूस किया कि मेरा शरीर उसकी छुअन के लिए तड़प रहा है।
“क्या तुम मुझे छूओगे?” उसने फुसफुसाया, उसकी आँखें मेरी आँखों में डूबी हुई थीं। मैंने अपना हाथ उसकी कमर पर रखा, उसकी गर्म त्वचा मेरी उंगलियों के नीचे जल रही थी। वह करीब आई, और उसके होठ मेरे गले पर टिक गए। उसकी सांसें मेरी त्वचा को गुदगुदा रही थीं, और मैंने उसके बालों को अपनी उंगलियों में भर लिया। उसका सेक्सी शरीर मेरे मर्दाना शरीर से दब गया, और मैंने महसूस किया कि उसकी तंग चूत की गर्मी मेरी जांघों को जला रही है।
एक रात की वह गर्माहट जो हमेशा के लिए याद रह जाएगी
मेरी पड़ोसन रीमा ने अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया, और मैंने देखा कि उसने अंदर कुछ नहीं पहना था। उसके भरे हुए बोबे मेरी छाती से दब गए, और मैंने उन्हें अपने हाथों में ले लिया। उसकी चूचियाँ मेरी उंगलियों के नीचे सख्त हो गईं, और उसने एक गहरी सांस ली। “मुझे चोदो,” उसने कहा, उसकी आवाज़ में एक जंगलीपन था जिसने मेरे खून को उबाल दिया। मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया, और उस कामुकता से भरी छिनाल की टाइट चूत के ऊपर बैठ गया। उसकी गांड मेरी जांघों के बीच फंस गई, और मैंने महसूस किया कि उसका सेक्सी शरीर मेरे लिए तरस रहा है।
मेरी पड़ोसन रीमा रीमा की चूत से रिसता हुआ गीला पन मेरे लंड को अपनी ओर खींच रहा था, जैसे कोई भूखी रंडी अपने भोजन की तरफ लपकती हो। उसने अपनी जांघें और खोल दीं, और मैंने अपनी उंगली उसकी गर्म सुरंग में डाल दी। वह चीखी, “अह्ह्ह… येस… और अंदर डालो!” उसकी चूत की दीवारें मेरी उंगली को चूस रही थीं, जैसे कोई छिनाल अपने सारे जिस्म से चूसती हो। मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रगड़ा, और उसका पानी मेरी गांड तक पहुंच गया।
वह मेरे कानों में कराहने लगी, “मुझे जोर से चोदो… मेरी टाइट चूत फाड़ दो!” उसकी बातें सुनकर मेरा लंड और सख्त हो गया। मैंने एक झटके में अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। उसकी तंग सुरंग मेरे लंड को निगल गई, और उसकी आंखें पलक झपकते ही पीछे को चली गईं। “ओह गॉड! कितना बड़ा है तुम्हारा लंड!” वह चिल्लाई, और उसकी चूत की मांसपेशियां मेरे लंड को जकड़ने लगीं।
मैंने मेरी पड़ोसन रीमा को जोर-जोर से चोदना शुरू किया, और उसकी चूत से चप-चप की आवाज़ गूंजने लगी। उसके कामुकता से भरी महिला के नंगे बोबे हवा में आजाद उछल रहे थे, और उसकी चूचियाँ कड़क होकर खड़ी हो गई थीं। चुदते चुदते वो साली रांड मेरे कंधों पर अपने नाखून गड़ा रही थी, और उसके मुंह से बस एक ही शब्द निकल रहा था—”और… और… और!” मैंने उसकी गांड को अपने हाथों में भर लिया, और उसे और गहराई से अपने लंड पर झुलाने लगा। उसकी चूत का गर्म पानी मेरे जांघों पर बहने लगा, और मैंने महसूस किया कि वह अपने ओर्गास्म की कगार पर पहुंच चुकी है।
“मैं आ रही हूँ!” वह चीखी, और उसकी चूत में एक जबरदस्त ऐंठन हुई। उसका पूरा शरीर कांपने लगा, और उसकी आंखें लाल हो गईं। मैंने उसे और तेजी से चोदा, और अचानक मेरे मुसल जैसे लंड से गर्म स्पर्म की फुहार निकलकर उस छिनाल की टाइट चूत के अंदर जा गिरी। वह मेरे ऊपर लटक गई, और उसके होठों पर एक संतुष्ट मुस्कान तैर गई।
वह सुबह जब हमारी हवस ने नया रूप लिया
रीमा के शरीर का पसीना मेरी छाती से चिपक रहा था, उसकी सांसें अब धीमी हो चुकी थीं। मैंने उसके गीले बालों को अपनी उंगलियों से सहलाया, और उसने आँखें बंद करके मेरे सीने पर अपना गाल रगड़ा। “तुमसे बनता नहीं था कि तुम इतने जंगली हो,” उसने फुसफुसाया, उसकी उंगलियाँ मेरे पेट पर नाच रही थीं। मैंने उसकी ठोड़ी पकड़कर उसके होंठों को चूमा, और उसकी जीभ ने तुरंत मेरे मुंह में घुसपैठ कर ली।
अचानक मेरी पड़ोसन रीमा ने मेरा हाथ अपनी गांड पर रखवाया, और मैंने महसूस किया कि वहाँ भी उसका छिद्र पूरी तरह गीला था। “ये भी चाहिए तुमसे,” उसने कहा, उसकी आवाज़ में एक नया ही लालच था। मैंने उसकी गांड को दबाया, और उसने एक कामुक कराह भरी। उसने खुद को पलटा, और अपनी गोल-मटोल गांड हवा में उठा दी। “चलो, इसे भी भर दो,” उसने कहा, उसकी चूत से अभी भी मेरा स्पर्म टपक रहा था।
मैंने अपना लंड, जो अब फिर से सख्त हो चुका था, मेरी पड़ोसन रीमा की गांड के छिद्र पर रगड़ा। वह चिल्लाई, “हाँ… वहीं… धीरे से!” मैंने थोड़ा सा लार लगाया, और धीरे से अपना सिर अंदर धकेला। एनल सेक्स के दौरान पड़ोसन की तंग गांड ने मेरे लंड को चारों ओर से जकड़ लिया। वह दर्द से कराही, लेकिन फिर भी पीछे को धकेलने लगी। “पूरा… अंदर डालो,” उसने हांफते हुए कहा।
मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड पड़ोसन की तंग गांड के अंदर धकेला, और उसका शरीर एकदम स्थिर हो गया। फिर अचानक उसने पीछे को झटका दिया, और मैंने जोर से उसे चोदना शुरू कर दिया। नंगी पड़ोसन की तंग गांड की आवाज़ अलग थी—एक गूंजती हुई, गीली आवाज़ जो कमरे में गूंज रही थी। उसने अपना सिर पीछे को फेंका और चिल्लाई, “हाँ! गांड मारो मेरी! मुझे पागल कर दो!”
उस रात के बाद, पड़ोसन रीमा और मेरे बीच का रिश्ता पूरी तरह बदल गया। वह अक्सर अपने पति के बाहर जाते ही मेरे पास आ जाती, और हम नए-नए तरीके आज़माते। कभी मैं उसे किचन की मेज़ पर चोदता, कभी बाथरूम में उसकी गांड मारता। हर बार वह और ज्यादा उत्तेजित होकर आती, और हर बार मैं उसे नई सीमाओं तक ले जाता।


