HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesरंडियों को चोदने के लिए खटिया पर नंगी करके लिटाया

रंडियों को चोदने के लिए खटिया पर नंगी करके लिटाया

गाँव की दो देसी रंडियों को चोदने के लिए खेत में पड़ी खटिया पर नंगी करके लिटाया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह कामुकता भरी हिंदी सेक्स कहानी एक ऐसी नशीली रात की है, जो मेरी ज़िंदगी की सबसे उत्तेजक और शर्मनाक रात थी। मैं, रमेश, एक 35 साल का साधारण आदमी, अपने गाँव की एक शादी में शामिल हुआ। वहाँ मेरी मुलाकात शीला, मेरी पुरानी सहेली, और उसकी नई दोस्त रेखा से हुई। इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी में हँसी, शर्मिंदगी, और कामवासना से भरी बेकाबू इच्छाएँ हैं, जो एक छोटे से गाँव के माहौल में सामने आती हैं। यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक और मूल है, जिसमें ग्रामीण भारत के रंग और बोलचाल का इस्तेमाल किया गया है।


मैं रमेश, गाँव का एक साधारण सा आदमी, जिसकी ज़िंदगी में खेत, खलिहान, और दोस्तों की महफिल के अलावा कुछ खास नहीं था। उस रात, गाँव में एक शादी थी। ढोल-नगाड़ों की आवाज़ और रंग-बिरंगी लाइटों ने माहौल को मस्त कर रखा था। मैंने सोचा, चलो, थोड़ा मज़ा लिया जाए। शीला, मेरी पुरानी मित्र, वहाँ थी। उसकी हँसी और चटपटी बातें मुझे हमेशा हँसाती थीं। साथ में थी रेखा, उसकी नई दोस्त, जो गाँव में नई-नई आई थी। रेखा की आँखें चमकती थीं, और उसकी मुस्कान में कुछ शरारत थी। दोनों ने मुझे देखते ही बुला लिया।

शीला ने मुझे पास बुलाया और बोली, “अरे रमेश, कहाँ छुपा था, भोसड़ी के? आज रात मज़े करने का टाइम है बोल करने क्यां क्या मजे ???” मैं हँसा और उनके पास बैठ गया, मैं समझ चूका था की आज तो रात में दो दो रंडीयों के साथ आउटडोर थ्रीसम सेक्स करने का जुगाड़ हो गया है। रेखा ने मुझे एक गिलास देसी दारू थमाया। उसकी उंगलियाँ मेरे हाथ को छू गईं, और मेरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गई। उसकी साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था, और उसके बूब्स की गोलाई साफ दिख रही थी। मैंने नज़रें हटाने की कोशिश की, लेकिन उसकी आँखों ने मुझे जकड़ लिया।

गाँव की दो देसी रंडियों को चोदने के लिए खेत में पड़ी खटिया पर नंगी करके लिटाया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी

गाँव की दो देसी रंडियों को चोदने के लिए खेत में पड़ी खटिया पर नंगी करके लिटाया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी Two Desi village whores were made to lie naked on a cot in the field to fuck them. Antarvasna Hindi threesome sex story
Two Desi village whores were made to lie naked on a cot in the field to fuck them – Antarvasna Hindi threesome sex story

दारू का नशा चढ़ने लगा। शीला ने रेखा को कुछ इशारा किया, और दोनों हँसने लगीं। मैंने पूछा, “क्या बात है, रंडियों? मुझसे क्या छुपा रही हो?” शीला ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और बोली, “अरे, तुझे रेखा पसंद है न? बोल, आज रात इसका चूत मारना है कि नहीं?” मैं शरमा गया, लेकिन मेरे लंड में एक अजीब सी हलचल होने लगी। रेखा ने मेरी तरफ देखा और होंठ चाटते हुए बोली, “रमेश, तू तो शरमाता बहुत है, लेकिन देख, मैं तो तैयार हूँ।”

मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि शीला इतनी बेशर्मी से बात करेगी। लेकिन उसकी बातों में एक मज़ा था, जो मुझे उकसा रहा था। रेखा ने मेरे कान में फुसफुसाया, “चल, पीछे खेत में चलते हैं चुदाई करने के लिए। वहाँ कोई नहीं आएगा।” चुदाई करने की बात सुनते ही मेरी साँसें तेज़ हो गईं। मैंने हाँ में सिर हिलाया, और हम तीनों शादी की भीड़ से दूर, अंधेरे खेत की ओर चल पड़े।

हवा में ठंडक थी, लेकिन मेरा बदन गर्म हो रहा था। खेत में एक पुरानी खटिया पड़ी थी। शीला ने हँसते हुए कहा, “यहाँ तो हम दोनों रंडियों की थ्रीसम चुदाई का पूरा सीन बन सकता है, भैनचोद!” रेखा ने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया, और उसके बड़े बड़े बूब्स की गोलाई चाँद की रोशनी में चमक रही थी। मैंने उसे देखा, और मेरा लंड मेरे कच्छे में तन गया। उसने मेरी पैंट की ज़िप खोली और बोली, “देखूँ तो, तेरा लंड कितना बड़ा है साले हरामी।”

उस बहन की लौड़ी के हाथों ने मेरे केले जैसे लंड को बड़े प्यार से पकड़ा, और मैं सिहर उठा। उसकी उंगलियाँ मुलायम थीं, लेकिन उसकी पकड़ में एक जंगलीपन था। शीला पास में खड़ी थी, और उसने अपनी साड़ी भी उतार दी। उसकी चूत की खुशबू हवा में फैल रही थी। मैंने कहा, “शीला, तू भी इसमें शामिल हो रही है? ये क्या चक्कर है?” वो हँसी और बोली, “अरे, रमेश, ज़िंदगी में मज़ा लेना पड़ता है। तू बस देख, आज तुझे स्वर्ग दिखाती हूँ।”

खेत में दो रंडियों के साथ थ्रीसम चुदाई का खेल

रेखा ने मेरे लंड को अपने मुँह में लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सुपारे पर घूम रही थी, और मैं आहें भर रहा था। शीला मेरे पास आई और अपने बूब्स मेरे मुँह पर रगड़ने लगी। उसकी चूचियाँ इतनी मुलायम थीं कि मैंने उन्हें चूसना शुरू कर दिया। रेखा ने मेरे लंड को चूसते हुए कहा, “रमेश, तेरा लंड तो बिल्कुल लोहे जैसा है। अब इसे मेरी चूत में डाल।”

मैंने रेखा को खटिया पर लिटाया। उसकी टाँगें चौड़ी थीं, और उसकी चूत गीली हो चुकी थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत में धीरे-धीरे डाला। वो चिल्लाई, “आह, भोसड़ी के, और ज़ोर से!” मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उसकी चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड हर धक्के में और उत्तेजित हो रहा था। शीला मेरे पीछे खड़ी थी और मेरे गोटों को सहला रही थी। वो बोली, “रमेश, तू तो कमाल का चोदता है। अब मेरी बारी।”

मैंने रेखा को छोड़ा और शीला को खटिया पर लिटाया। उस बहन की लौड़ी की टाइट चूत रेखा से भी ज़्यादा गीली थी। मैंने अपना खड़ा लंड उसमें डाला, और वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी। “हाँ, रमेश, चोद मुझे अपनी रंडी बनाकर और आज मेरी चूत फाड़ कर भोसड़ा बना डाल!” मैंने पूरी ताकत से धक्के मारे। रेखा पास में बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी और हँसते हुए बोली, “शीला, तू तो रंडी की तरह चिल्ला रही है!”

इसके बाद, हम तीनों ने पोजीशन बदली। रेखा मेरे लंड पर बैठ गई और उछल-उछल कर चुदने लगी। शीला ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी। मैं उसकी चूत चाट रहा था, और उसका रस मेरे मुँह में आ रहा था। मैं शर्म और उत्तेजना के बीच झूल रहा था। ये सब इतना गंदा था, लेकिन इतना मज़ेदार भी।

थ्रीसम चुदाई के नशे में डूबी कामुक रात

रात गहराती जा रही थी। हम तीनों पसीने से लथपथ थे। साली रंडी रेखा ने मेरे लंड को फिर से चूसा और बोली, “रमेश, अब मेरी गांड मार घोड़ी बनाकर।” मैं गांड चुदाई करने में थोड़ा झिझका, लेकिन साली रंडी शीला ने हँसते हुए कहा, “अरे, डर मत, गांड मारने में साले भडवे। तुझे भी मजा आयगा और इसे भी मज़ा आएगा गांड चुदाई में इस लिए ज्यादा सोच मत जल्दी से गांड में लंड पेल के मजे कर।” मैंने रेखा को गांड चुदाई करने के लिए घोड़ी बनाया और थूक लगाकर अपना लंड उसकी गांड में पेल डाला। वो दर्द से चिल्लाई, लेकिन फिर गांड चुदाई के मज़े लेने लगी। मैंने धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई, और उसकी गांड मेरे लंड को जकड़ रही थी।

गाँव की देसी रंडी शीला ने हम दोनों की गांड चुदाई देखते देखते हमारे सामने अपनी दोनों टाँगें चौड़ी कीं और अपनी चूत में उंगली करने लगी। वो बोली, “रमेश, तू तो जादूगर है, साले आज तो तूने हमें रंडी बना दिया।” मैं हँसा और बोला, “अरे, तुम दोनों तो पहले से रंडियाँ थीं। मैंने तो बस मज़ा लिया।” हम तीनों हँसने लगे।

आखिरकार, मैं गांड मारते-मारते गाँव की देरी रंडी रेखा की गांड में ही झड़ गया और उसकी गांड में वीर्य भर दिया। गांड चुदाई के दौरान मेरे लंड से काफी ज्यादा माल निकला था और सारा माल गांड के अंदर खाली हो चूका था। गांड से लंड निकलते ही अब मेरा माल उस साली रंडी की गांड से बह रहा था। शीला ने मेरे लंड को चाटकर साफ किया और बोली, “रमेश, तू तो साला कमाल का है।” मैं थककर खटिया पर लेट गया। मेरे दिल में शर्म थी, लेकिन साथ ही एक अजीब सा सुकून भी।


गाँव की दो देसी रंडियों को चोदने के लिए खेत में पड़ी खटिया पर नंगी करके लिटाया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

उस कामुकता भरी रात ने मुझे शर्म, उत्तेजना, और हँसी का एक अनोखा मिश्रण दिया। शीला और रेखा के साथ बिताए पल मेरी ज़िंदगी का सबसे गंदा, लेकिन सबसे मज़ेदार अनुभव थे। मैं आज भी उस रात को याद करके हँसता हूँ और शरमाता हूँ। क्या आपको यह आउटडोर थ्रीसम सेक्स कहानी पसंद आई? क्या शीला और रेखा जैसे किरदार आपको उत्तेजित करते हैं? या कहानी का गाँव का माहौल आपको पसंद आया? अपने विचार बताएँ!

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