HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesपहली बार मोटे लंड से गांड चुदाई हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल की

पहली बार मोटे लंड से गांड चुदाई हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल की

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मैं जब 32 साल की हुई तो मुंबई की इस रौनक भरी ज़िंदगी ने मुझे सिखा दिया था कि औरत का जिस्म ही उसकी सबसे बड़ी ताक़त है, और मेरा जिस्म देखते ही मर्दों की आँखों में जो आग जलती थी, उसे मैंने अपना हथियार बना लिया था। मेरा नाम नैना है और मैं एक हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल (Call Girl) हूँ, लेकिन उस शाम विक्रम मल्होत्रा के वर्ली वाले आलीशान पेंटहाउस में जो कुछ हुआ, उसने मुझे पहली बार एहसास दिलाया कि मैं भी एक आम औरत की तरह बिखर सकती हूँ। वो शाम मेरी ज़िंदगी की सबसे गर्म और चिपचिपी रात बनने वाली थी, जहाँ मेरी चूत और गांड दोनों को एक ऐसा लंड मिलने वाला था जिसकी गर्माहट आज भी मेरे अंदर धड़कती है।

पेंटहाउस (बहुमंजिला इमारत) की बालकनी से अरब सागर का नज़ारा लाजवाब था और ठंडी हवा मेरे लाल रंग के डीप नेक ब्लाउज़ के अंदर से मेरे 36D के बोबों को सहला रही थी, जिससे मेरे निप्पल पहले से ही तने हुए थे। विक्रम ने पीछे से आकर मेरी कमर पर हाथ रखा और मेरे कान में फुसफुसाया कि तुम्हारी ये महक मुझे पागल कर रही है, और उसी पल मुझे पता चल गया कि ये रात आम रातों जैसी नहीं होगी। मैंने पलटकर उसकी आँखों में देखा और मेरी साँसें तेज़ हो गईं क्योंकि उसकी नज़रों में वो जानवर भूख थी जो किसी रंडी को नहीं, बल्कि एक कामुक औरत को नोचकर खा जाने की चाहत रखती है।

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विक्रम करीब 6 फुट का कद और साँवला रंग लिए एक कामुक मर्द था जिसकी कमीज़ के बटन खुलते ही मैंने उसकी चौड़ी छाती पर घने झांट जैसे बाल देखे, और मेरी चूत ने पहला रस छोड़ना शुरू कर दिया। मैंने उसकी कमीज़ उतारते हुए अपनी उँगलियाँ उसके सीने पर फिराईं और जब मेरा हाथ उसकी बेल्ट तक पहुँचा, तो उसकी पैंट के अंदर एक मोटा लौड़ा सख़्त होकर कपड़े से बाहर झाँकने को बेताब था। मैंने जैसे ही उसकी पैंट की ज़िप खोली, मेरे हाथ में एक गर्म और मोटी लंड की थरथराहट महसूस हुई, और मैं समझ गई कि ये 7 इंच से ऊपर का लम्बा और मोटा लंड मेरी बालों वाली चूत को फाड़कर रख देगा।

मैंने धीरे से उसके अंडरवियर के ऊपर से ही उसके तने हुए लंड को सहलाना शुरू किया और उसकी गर्म साँसें मेरे माथे पर पड़ रही थीं, जिससे मुझ हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल के पूरे जिस्म में एक बिजली सी दौड़ गई। विक्रम ने मेरे बालों को मुट्ठी में जकड़ा और मेरा चेहरा अपनी क्रॉच पर दबाते हुए कहा कि आज तू मेरी रांड बनकर रहेगी नैना, और ये सुनते ही मेरी चूत का रस मेरी जांघों तक बहने लगा। मैंने उसके अंडरवियर को दाँतों से खींचकर नीचे उतारा और सामने जो देखा, वो देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं—उसका खड़ा लंड देखने में किसी शाही तलवार से कम नहीं लग रहा था, जिसकी नसें उभरी हुई थीं और सुपारी जैसा गहरा लाल रंग था।

मैंने सबसे पहले उसके फौलादी लंड के गोटे अपने मुँह में लिए और धीरे-धीरे चूसने लगी, जिसकी गर्माहट और नमकीन स्वाद ने मेरे दिमाग़ को सुन्न कर दिया। मेरी जीभ उसके अंडकोष की थैली पर गोल-गोल घूम रही थी और विक्रम की ज़ोरदार कराहट पूरे बेडरूम में गूँज रही थी, जिससे मुझे अपनी छिनालपन पर एक अजीब सा गर्व होने लगा। फिर मैंने अपने होंठों को उसके लंड के ऊपरी सिरे पर रखा और एक झटके में पूरा 4 इंच तक अपने गले के अंदर उतार लिया, और वो गर्म मांस का टुकड़ा मेरे गले को चीरता हुआ सा लग रहा था।

विक्रम ने मेरा सिर पकड़कर ज़ोर से अपने लंड पर ठेलना शुरू किया और मेरे इस मुंह चुदाई के कार्यक्रम के दौरान मेरी आँखों से पानी बहने लगा, लेकिन उस वक्त मैं खुद को एक भूखी रंडी से ज़्यादा कुछ नहीं समझ रही थी। मेरी लार उसके देसी लंड पर गिरकर चिपचिपी सफ़ेद धारियाँ बना रही थी और मैं उसे और ज़ोर से चूसते हुए अपना सिर तेज़ी से आगे-पीछे कर रही थी। मेरी नाक से निकलती गर्म साँसें उसके झांट के बालों से टकरा रही थीं और हर साँस के साथ मेरे अंदर एक जानवर जाग रहा था जिसे सिर्फ और सिर्फ मोटे लंड की भूख थी।

उसने मुझे बालों से खींचकर ऊपर उठाया और बिना एक पल गँवाए मेरा ब्लाउज़ फाड़ दिया, जिससे मेरे भारी 36D के बोबे बाहर उछल पड़े और हवा में लटक गए। विक्रम ने मेरे दोनों स्तनों को अपने बड़े-बड़े हाथों से दबोच लिया और मेरे निप्पल इतने सख़्त हो गए जैसे दो छोटे पत्थर मेरी छाती पर चिपके हों। मैंने उसकी गर्दन पकड़कर उसे अपनी बोबों के बीच खींच लिया और उसने मेरे बाएँ निप्पल को इतनी बेरहमी से चूसना शुरू किया कि मेरी चीख निकल गई, लेकिन दर्द और मज़े की वो मिली-जुली सनसनी मेरे बुर के अंदर तक सिहरन पैदा कर रही थी।

मेरी ब्लैक लेस पैंटी पहले से ही मेरी चूत के रस से पूरी तरह भीग चुकी थी और विक्रम की उँगलियाँ जैसे ही उसके ऊपर से गुज़रीं, उसने मेरी पैंटी को एक झटके में फाड़कर नीचे खींच लिया। उसने मुझे दीवार से सटाकर मेरी टाँगें फैलाईं और मेरी मोटी और बालों वाली चूत पर अपनी पूरी हथेली रख दी, जो उसके हाथ की गर्मी से तड़प उठी। मेरे झांट के घुँघराले बाल उसकी उँगलियों में उलझ रहे थे और जब उसने मेरी चूत की फाँक पर अपना अँगूठा रगड़ा, तो मेरी पूरी बॉडी में एक झटका लगा और मेरे मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकल गई।

विक्रम ने मेरी गांड के चूतड़ों को ज़ोर से दबाया और मुझे उठाकर बिस्तर पर पटक दिया, जहाँ मेरा पूरा नंगा जिस्म सफ़ेद चादर पर मछली की तरह तड़प रहा था। उसने मेरी दोनों जाँघें चौड़ी करके बीच में अपना चेहरा छुपा लिया और उसकी जीभ ने जैसे ही मेरे चूत के रसीले होंठों को छुआ, मैंने उसके बाल पकड़कर ज़ोर से अपनी तरफ खींच लिया। उसकी जीभ मेरी रसदार चूत के अंदर गहराई तक जा रही थी और मेरे मुंह से बस यही निकल रहा था कि हाँ विक्रम, ऐसे ही चूत चाट, मेरी फुद्दी को पूरा चूस ले।

उसकी जीभ मेरी क्लिट पर तेज़ी से हरकत कर रही थी और मेरी उँगलियाँ उसके बालों में जकड़ी हुई थीं, जबकि मेरी कमर अपने आप ऊपर की तरफ उठ रही थी। मेरी चूत से रस की एक गर्म धार निकलकर सीधे उसके मुँह में गई और उसने मेरी पूरी टाइट चूत को ऐसे चाटा जैसे कोई आखिरी बार पानी पी रहा हो। ये देखकर मेरी बेचैनी चरम पर पहुँच गई और मैंने उसका सिर अपनी जांघों के बीच दबाकर कहा कि बस कर यार, अब तो अंदर डाल अपना बड़ा लंड वरना मैं पागल हो जाऊँगी।

विक्रम ने अपना चेहरा ऊपर उठाया जो पूरी तरह से मेरी चूत के चिपचिपे माल से चमक रहा था, और उसने एक कुटिल मुस्कान के साथ मुझसे पूछा कि बोल नैना, तू मेरी क्या लगती है। मैंने बिना किसी झिझक के उसकी आँखों में देखते हुए जवाब दिया कि तेरी सबसे बड़ी रंडी, तेरी चुदासी औरत, जिसे अभी और इसी वक्त तेरा मोटा लौड़ा चाहिए। ये सुनते ही उसने अपना 7.5 इंच का लम्बा लंड मेरी चूत के दरवाज़े पर रखा और बिना किसी चेतावनी के एक ही झटके में अंदर तक घुसा दिया, और मेरी चीख पूरे कमरे में गूँज उठी।

मेरी टाइट चूत के अंदर उसका मोटा लंड भर गया और उस पल मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे शरीर का हर रोम-रोम सुलग उठा हो। उसने मेरे पैरों को अपने कंधों पर डालकर ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी और हर धक्के के साथ मेरा पूरा बिस्तर हिल रहा था, जैसे किसी तूफ़ान में फँसी नाव हो। मेरे बोबे ऊपर-नीचे उछल रहे थे और उसके हर वार के साथ मेरी चूत से ‘चप-चप’ की आवाज़ें आ रही थीं, जिसे सुनकर मैं और भी ज़ोर से चिल्ला रही थी कि और ज़ोर से चोद मुझे, मेरी बुर फाड़ दे।

विक्रम ने मेरी कमर को दोनों हाथों से पकड़कर अपनी गति तेज़ कर दी और उसका लंड मेरी चूत के अंदर एक अनजानी गहराई तक पहुँच रहा था। मेरी योनि की मांसपेशियाँ उसके लंड को कसकर जकड़ रही थीं और हर बार जब वो बाहर खींचता, मेरी चूत की गुलाबी अंदरूनी परत उसके लंबे मोटे लंड के साथ बाहर खिंचती हुई आती और फिर अंदर धँस जाती। मेरी आँखों के सामने तारे नाच रहे थे और मेरे पूरे जिस्म पर पसीने की बूँदें मोतियों की तरह झिलमिला रही थीं, जबकि विक्रम लगातार मेरी गांड के चूतड़ों पर थप्पड़ मार रहा था।

अचानक उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर खींचा और मुझे उल्टा करके कुत्ते की पोज़ीशन (Doggy Sex Position) में लिटा दिया, जहाँ मेरी मोटी गांड उसके सामने पूरी तरह खुली हुई थी। मेरी तंग गांड का छेद उसके सामने था और मैंने घबराकर पलटकर देखा, क्योंकि मुझे अंदाज़ा हो गया था कि अब वो मेरी तंग गांड मारने वाला है। उसने अपनी उँगली पर मेरी चूत का चिपचिपा रस लगाया और बहुत धीरे से मेरे गांड के छेद पर मलना शुरू किया, जिससे मेरे पूरे शरीर में एक कंपकंपी दौड़ गई और मैंने अपनी मुट्ठियाँ भींच लीं।

मैंने उससे कराहते हुए कहा कि विक्रम, वहाँ नहीं, बहुत दर्द होगा, लेकिन मेरे अंदर की कामुक औरत यही चाहती थी कि वो मेरी गांड फाड़ दे। विक्रम ने मेरी पीठ पर हल्के से थपकी दी और कहा कि चुप रह रांड, तुझे तो गुदा सेक्स का असली मज़ा लेना ही होगा, और ये कहते हुए उसने अपनी उँगली धीरे से मेरे गांड के छेद के अंदर घुसा दी। एक तीखी चुभन के साथ ही मैंने अपना मुँह तकिये में दबा लिया और अपने दाँत भींच लिए, जबकि उसकी उँगली धीरे-धीरे मेरी गांड को ढीला करने के लिए अंदर-बाहर हो रही थी।

फिर उसने अपनी दूसरी उँगली भी अंदर डाल दी और मेरी टाइट गांड का तंग छेद अब धीरे-धीरे फैलने लगा था, जिसके साथ एक अजीब सी भरापन की सनसनी मेरे अंदर दौड़ रही थी। मेरी चूत से रस टपककर सीधे चादर पर गिर रहा था और विक्रम ने अपनी उँगलियाँ बाहर निकालकर अपने लंड पर मेरी ही चूत का चिपचिपा माल अच्छी तरह लगाया। उसके बाद उसने अपने लंड की नोक मेरे गांड के छेद पर रखी और धीरे-धीरे दबाव डालना शुरू किया, और मैं ज़ोर-ज़ोर से साँसें भरते हुए बस अपनी पूरी ताक़त से आराम करने की कोशिश कर रही थी।

जैसे ही उसके मोटे लौड़े का ऊपरी सिरा अंदर घुसा, मेरी चीख निकल गई और मुझे ऐसा लगा जैसे कोई मेरी गांड को अंदर से चीर रहा हो, लेकिन साथ ही वो भरापन इतना सुखद था कि मैं रोने और हँसने के बीच झूल रही थी। विक्रम ने रुककर मुझसे पूछा कि क्या तू चाहती है कि मैं रुक जाऊँ, लेकिन मैंने अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेलते हुए कहा कि पूरा अंदर डाल, मेरी गांड का छेद तोड़ दे। ये सुनकर उसने अपनी कमर पर ज़ोर लगाया और अपना पूरा लम्बा लंड एक ही बार में मेरी गांड के अंदर गहराई तक घुसा दिया, और उस पल मैं सिर्फ चीखी नहीं, बल्कि मेरी पूरी रूह काँप उठी।

मेरी गांड में उसका तना हुआ लंड अब पूरी तरह समाया हुआ था और मैं उसकी लय के साथ आगे-पीछे हिल रही थी, जैसे कोई पूरी तरह ट्रेंड रंडी हो। विक्रम की उँगलियाँ मेरे कूल्हों पर गड़ी हुई थीं और उसका हर धक्का मेरे पूरे वजूद को झकझोर रहा था, जबकि मेरी चूत से रस की धार बनकर बह रहा था और मेरी जाँघों पर चिपचिपी लकीरें छोड़ रहा था। उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा सिर पीछे खींच लिया और मेरी कमर झुकाकर मुझे और भी नीचे दबा दिया, जिससे उसका लंड मेरी गांड में और भी गहराई तक पहुँच रहा था और मैं बस कराहती जा रही थी।

मैंने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर उसकी लंड के गोटों को सहलाना शुरू किया जो मेरी गांड से टकरा रहे थे, और वो नमी से भरपूर भारी भरकम गोले मेरी उँगलियों के नीचे गर्म और चिपचिपे महसूस हो रहे थे। विक्रम ने मेरी गांड मारने की गति तेज़ कर दी और बेडरूम में बस दो चीज़ों की आवाज़ गूँज रही थी—मेरी गांड पर उसकी जाँघों के टकराने की धमक और मेरी बेकाबू चीखें। मुझे लग रहा था कि मेरी सारी इंद्रियाँ बंद हो चुकी हैं और सिर्फ और सिर्फ मेरी गांड का वो तंग छेद ही मेरी पूरी कायनात बन चुका है, जिसमें विक्रम का मोटा लौड़ा तूफ़ान मचा रहा था।

अचानक विक्रम ने मेरी गांड से अपना लंड बाहर निकाला और मुझे पलटकर फिर से मिशनरी पोजीशन (Missionary Position) में लिटा दिया, और इस बार बिना रुके सीधे मेरी टाइट चूत में घुस गया। मेरी चूत की जलन और मेरी गांड की टीस दोनों एक साथ मिलकर एक ऐसा विस्फोटक सुख बन रहे थे जिसे मैं बयान नहीं कर सकती, और मेरी टाँगें उसकी कमर से लिपटकर उसे और अंदर खींच रही थीं। मैंने उसकी पीठ पर नाखून गड़ा दिए और ज़ोर से चिल्लाई कि मुझे अभी चरम पर पहुँचा दे विक्रम, मेरी चूत में ही अपना पूरा वीर्य भर दे।

मेरी ये गंदी बातें सुनकर विक्रम पूरी तरह हैवान बन चुका था और अब वो मेरे साथ सिर्फ चुदाई नहीं कर रहा था, बल्कि मेरे पूरे शरीर को तोड़ रहा था। उस हरामी के हर धक्के इतने ज़ोरदार थे कि मेरे बोबे उछल-उछलकर एक-दूसरे से टकरा रहे थे और मेरी निप्पल हवा में तने हुए थे। मैंने अपनी उँगलियाँ अपनी चूत पर रखकर अपनी क्लिट को तेज़ी से रगड़ना शुरू कर दिया, जबकि विक्रम मेरी गहराईयों में लगातार चोट कर रहा था, और अगले ही पल मेरे पूरे बदन में एक ज़बरदस्त ऑर्गेज़म की लहर दौड़ गई।

चुदाई के दौरान मेरा ऑर्गेज़म इतना तीखा था कि मेरी चूत की मांसपेशियाँ विक्रम के लंड पर लगातार सिकुड़ और फैल रही थीं, और उसी दबाव ने उसे भी अपनी हद तक पहुँचा दिया। विक्रम ने मेरे कंधों को ज़ोर से पकड़ा और एक गहरी दहाड़ के साथ अपना गर्म और चिपचिपा वीर्य मेरी चूत के सबसे अंदर तक छोड़ दिया, जिसकी गर्माहट मेरे अंदर फैलती चली गई। हम दोनों पसीने से लथपथ एक-दूसरे में लिपटे पड़े थे और उसके लंड की आखिरी थरथराहट मेरी बुर के अंदर धीरे-धीरे ख़त्म हो रही थी, जबकि मेरी चूत से वीर्य और चूत के रस का मिला-जुला चिपचिपा माल बाहर टपककर चादर पर गिर रहा था।

हम देर तक ऐसे ही उलझे रहे और विक्रम ने मेरे माथे पर प्यार से चूमते हुए कहा कि तू आज तक की मेरी सबसे बेहतरीन चुदाई थी, और इतना कहकर उसने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया। मेरी साँसें अब भी तेज़ थीं और मेरे पूरे जिस्म पर उसके प्यार और जुनून के नीले-लाल निशान उभर आए थे, जिन्हें देखकर मुझे एक अजीब सा सुकून मिल रहा था कि कम से कम इस रात मैं सिर्फ एक धंधेवाली रंडी नहीं, बल्कि एक औरत थी जिसे पूरी तरह जी लेने का हक़ था। मेरी थकी हुई बंद पलकों के पीछे उसके मोटे लंड की तस्वीर घूम रही थी और मैं सोच रही थी कि शायद मैंने किसी मर्द को पहली बार अपने अंदर इतनी गहराई तक उतरने दिया है।

अगली सुबह जब मैं उठी तो विक्रम के हाथ मेरी बोबों को थामे हुए थे और उसका अधनंगा जिस्म मेरे जिस्म से चिपका हुआ था, और मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार किसी मर्द के साथ सुबह की ये गर्माहट महसूस की। मैंने चुपके से उसके माथे को चूमा और बिस्तर से उठकर अपने कपड़े पहन लिए, लेकिन मेरी चूत और गांड दोनों में अब भी उसके लंड की मौजूदगी का अहसास ज़िंदा था। उस पेंटहाउस से निकलते हुए मैंने पीछे मुड़कर एक बार फिर उसे सोते हुए देखा और मेरे अंदर की सबसे ईमानदार औरत ने कहा कि नैना, तू सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल ही नहीं, बल्कि एक असली औरत है जिसने आज एनल सेक्स (गांड की चुदाई) करके पहली बार अपनी गांड के रास्ते भी मोक्ष का स्वाद चखा है।

मैं हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल अपनी इस “हैवान बन पहली बार मोटे लंड से गांड चुदाई हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट गर्ल की” गर्म और बेलगाम कहानी के आखिरी शब्द लिखते हुए अब आप सब रीडर्स की तरफ देख रही हूँ, और मैं जानना चाहती हूँ कि क्या आपको मेरी ये सच्ची चुदाई की दास्ताँ पसंद आई और क्या आप मेरी रूह की इस चीख को महसूस कर पाए। कृपया मुझे नीचे कमेंट करके ज़रूर बताइएगा कि आपको मेरी कहानी का कौन सा हिस्सा सबसे ज़्यादा पसंद आया और मुझसे आपकी कोई और फैंटेसी है जिसे मैं अपने अगले अनुभव में जीकर शब्दों में ढालूँ। आपकी ईमानदार राय ही मेरी असली ताक़त है और मैं आपके हर कमेंट का बेसब्री से इंतज़ार करूँगी।

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