प्रोमोशन का लालच देकर चोदा मम्मी और मुझे पापा के बॉस ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- रिया, 19 साल की, और उसका भाई रवि, 21 साल का, दिल्ली की एक तंग गली में अपने माता-पिता, शालिनी और रमेश, के साथ रहते हैं। एक दिन शालिनी पति रमेश के ऑफिस जाती हैं, जहाँ उनके बॉस राकेश उनकी खूबसूरती पर फिदा हो जाते हैं। राकेश, रमेश को प्रोमोशन (पदोन्नति) का लालच और नौकरी से निकाले जाने की धमकी देकर शालिनी के साथ हार्डकोर थ्रीसम सेक्स की माँग करते हैं। रमेश और शालिनी सहमत हो जाते हैं, और राकेश के साथ उनके घर में थ्रीसम होता है, जिसे रिया और रवि चुपके से देख लेते हैं।
माँ की चुदाई देखकर उत्तेजित हुए रिया और रवि अपनी हवस में बहक जाते हैं और एक-दूसरे के साथ इन्सेस्ट सेक्स करते हैं। अगले दिन राकेश की नजर रिया पर पड़ती है, और वह रमेश से रिया के साथ थ्रीसम की माँग करता है। शालिनी और रमेश की सहमति से राकेश और रवि मिलकर रिया के साथ थ्रीसम करते हैं। कहानी में हवस, पारिवारिक रिश्तों की निषिद्ध सीमाएँ, और हल्का-फुल्का हास्य शामिल है, जो परिवार की आर्थिक जरूरतों और निषिद्ध इच्छाओं के बीच की जटिलता को दर्शाता है। अंत में, रमेश को प्रोमोशन मिलता है, और परिवार की टेंशन कम होती है, लेकिन उनकी हवस की आग नई शुरुआत की ओर इशारा करती है।
हमारा घर, दिल्ली की एक तंग गली में बसा हुआ, हमेशा हँसी-मजाक और छोटी-मोटी नोंकझोंक से भरा रहता था। मैं, रिया, 19 साल की एक कुंवारी लड़की, और मेरा भाई रवि, 21 साल का, दोनों कॉलेज में पढ़ते थे। हमारे पापा, रमेश, एक प्राइवेट कंपनी में क्लर्क थे, और मम्मी, शालिनी, 38 साल की, एकदम मस्त माल थीं—गोरी, भरे हुए जिस्म वाली, और उनकी साड़ी में लिपटी कमर हर किसी का ध्यान खींच लेती थी। पापा हमेशा कहते, “शालिनी, तुम तो मेरी मिस वर्ल्ड हो!” और मम्मी हँसकर जवाब देतीं, “बस करो, रमेश, अब तो उम्र हो गई!”
एक दिन मम्मी को पापा के ऑफिस जाना पड़ा। पापा ने कहा था, “शालिनी, मेरे बॉस को कुछ कागजात चाहिए, तुम ले आना।” मम्मी ने अपनी लाल साड़ी पहनी, जिसमें वो किसी बॉलीवुड हीरोइन से कम नहीं लग रही थीं, और ऑफिस चली गईं। वहाँ पापा के बॉस, राकेश सर, 45 साल के, लंबे-चौड़े, और थोड़े गंजे, मम्मी को देखते ही फिदा हो गए। राकेश सर की आँखों में एक चमक थी, जैसे कोई भूखा शेर हिरन को देख रहा हो। “अरे, रमेश, ये तो तुम्हारी पत्नी हैं? कमाल की हैं!” राकेश सर ने मम्मी को घूरते हुए कहा। मम्मी ने शरमाते हुए साड़ी का पल्लू ठीक किया और मुस्कुराकर चली गईं। लेकिन राकेश सर का दिल तो मम्मी पर आ गया था। वो सोचने लगे, “इसे तो मैं बिस्तर पर लिटाऊँगा, चाहे कुछ भी हो जाए!”
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पापा को प्रोमोशन की सख्त जरूरत थी। घर का खर्चा बढ़ रहा था, और रवि का इंजीनियरिंग कॉलेज का खर्चा भी कम नहीं था। एक दिन राकेश सर ने पापा को अपने केबिन में बुलाया। “रमेश, तुम प्रोमोशन चाहते हो, ना?” राकेश सर ने सिगार जलाते हुए पूछा। पापा ने उत्साह से सिर हिलाया, “हाँ, सर, बहुत जरूरी है।” राकेश सर ने शातिर मुस्कान के साथ कहा, “ठीक है, लेकिन एक शर्त है। अपनी बीवी को मेरे साथ एक रात बिताने दे।” पापा के होश उड़ गए। “सर, ये क्या कह रहे हैं?” पापा ने काँपती आवाज में अपने बॉस से पूछा। राकेश सर ने ठंडी साँस ली और बोले, “रमेश, या तो ये डील पक्की, या कल से तुम बेरोजगार।”
पापा ने उनसे सोचने के लिए कुछ समय माँगा, तो उने बॉस ने उन्हें एक दिन की मोहलत दी। पापा घर आए तो उनका चेहरा लटका हुआ था। मम्मी ने पूछा, “क्या हुआ, रमेश? कोई प्रॉब्लम?” पापा ने सारी बात मम्मी को बताई। मम्मी पहले तो गुस्से में आ गईं, “ये राकेश कौन सा बॉस है, जो ऐसी गंदी डील करता है?” लेकिन फिर मम्मी ने सोचा, “रमेश, अगर प्रमोशन मिल जाए तो हमारी जिंदगी बदल जाएगी, हमारे पास पैसा और रुतबा होगा। और वैसे भी, एक रात की बात है।” पापा हैरान थे, लेकिन मम्मी ने हँसकर कहा, “अरे, मैं तो बस एक रात का ड्रामा कर लूँगी। तुम टेंशन मत लो! जरा सोचो तुम्हारा प्रमोशन हो जायगा तो तुम्हारी सेलेरी डबल हो जायगी”
पापा और उनके बॉस का माँ के साथ थ्रीसम करना और हम भाई बहन का छुप छुपकर देखना
अगले दिन मेरे पापा के बॉस, राकेश सर हमारे घर आए मेरी माँ के साथ चोदा चादी करके अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए। मम्मी ने काले रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें उनकी कर्व्स और भी उभर रहे थे। राकेश सर ने आते ही मम्मी को गले लगाया और बोले, “शालिनी, तुम तो आज और भी हॉट लग रही हो!” मम्मी ने हँसकर कहा, “बस, सर, ज्यादा तारीफ मत करो, वरना साड़ी और ब्लाउज उतरने से पहले ही शरमा जाऊँगी!” पापा ने थोड़ा अजीब सा मुँह बनाया, लेकिन उनके बॉस राकेश सर की बात मान ली।
हम भाई-बहन को कुछ अजीब सा लगा, तो हमने चुपके से ड्रॉइंग रूम की खिड़की से झाँकना शुरू किया। राकेश सर ने मम्मी को सोफे पर बिठाया और उनकी साड़ी का पल्लू खींच दिया। मम्मी ने नखरे करते हुए कहा, “अरे, सर, जरा धीरे!” लेकिन राकेश सर तो जैसे भूखे भेड़िए थे। उन्होंने मम्मी की ब्लाउज उतारी और उनके भारी स्तनों को देखकर सीटी बजाई, “वाह, शालिनी, ये तो जन्नत के सेब हैं!” पापा भी अब मूड में आ गए और बोले, “राकेश सर, मेरी बीवी को संभाल के, ये मेरी शान है!”
राकेश सर ने मम्मी की साड़ी पूरी उतार दी, और मम्मी सिर्फ पेटीकोट और ब्रा में थीं। पापा ने भी अपने कपड़े उतारे और मम्मी के पीछे से उनके कूल्हों को सहलाने लगे। राकेश सर ने मम्मी की ब्रा खोल दी, और उनके निप्पल्स को चूसने लगे। मम्मी चुदते चुदते सिसकार रही थीं, “आह्ह… सर, जरा धीरे!” लेकिन उनकी आँखों में मस्ती थी। रवि और मैं एक-दूसरे को देखकर हैरान थे, लेकिन हमारी साँसें तेज हो रही थीं। रवि ने फुसफुसाकर कहा, “रिया, ये क्या तमाशा है? मम्मी तो मजे ले रही हैं!” मैंने हँसकर कहा, “हाँ, और पापा भी तो शामिल हो गए!”
राकेश सर ने मम्मी को सोफे पर लिटाया और उनकी चूत पर जीभ फिराई। मम्मी चिल्लाईं, “उउउई… राकेश जी, ये क्या कर रहे हो?” पापा ने मम्मी के मुँह में अपना लंड डाल दिया और बोले, “शालिनी, चुपके से मजे ले!” मम्मी ने पापा का लंड चूसना शुरू किया और पापा के बॉस ने माँ की चूत में अपना मोटा लंड पेल दिया। फच-फच की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। रवि ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और बोला, “रिया, ये देखकर कुछ-कुछ हो रहा है!” मैंने शरमाते हुए कहा, “हाँ, भैया, मेरी तो पैंटी गीली हो गई!”
हम कामवासना से भरे भाई-बहन की हवस इन्सेस्ट सेक्स करके ही शांत हुई
मम्मी की जोरदार थ्रीसम चुदाई देखकर हम दोनों भाई बहन की जवानी जाग गई और जवानी के जोश में हम भाई बहन बहक गए। रवि मेरा भाई मेरे बाल खींचकर मुझे अपने बैडरूम में ले गया और बोला, “रिया, तू भी तो मम्मी की तरह बहुत मस्त माल है। चल, कुछ मज़ा करते हैं हम भाई बहन दोनों मिलकर!” मैंने नखरे किए, “भैया, इन्सेस्ट सेक्स गलत है यदि किसी को पता चल गया तो हमारी बहुत बदनामी हो जायगी!” लेकिन मेरी चूत में आग लगी थी।
भाई बोला की मुझे सब पता है तेरा भी मन चुदने का हो रहा है, चल अब ज्यादा नखरे मत कर और जल्दी से मेरी रंडी बन कर चुदाई के मजे लुट ले। फिर मेरे भाई रवि ने मेरी स्कर्ट उतारी और मेरी पैंटी में हाथ डाला। “वाह, रिया, तू तो पूरी गीली है!” उसने हँसकर कहा। मैंने शरमाते हुए कहा, “भैया, बस थोड़ा सा, मम्मी-पापा को पता नहीं चलना चाहिए!” मेरे भाई रवि ने इन्सेस्ट सेक्स प्रारंभ करने के लिए मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरी चूत को चाटने लगा। “आह्ह… भैया, ये क्या मज़ा है!” मैं सिसकारी। रवि ने अपना लंड निकाला—लंबा और सख्त।
मेरे भाई ने ठुक लगाने के बाद अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डाल दिया। “उउउई… भैया, दर्द हो रहा है!” मैंने कहा, लेकिन मज़ा भी आ रहा है। रवि ने धक्के मारने शुरू किए, और मैं चिल्लाई, “और ज़ोर से, भैया!” हम दोनों ने अपनी हवस की आग बुझाई, और मैं झड़ गई। रवि ने मेरे पेट पर अपना रस छिड़क दिया और हँसकर बोला, “रिया, तू तो मम्मी से भी तेज है!” फिर हम भाई बहन जल्दी से सेक्स ख़त्म करने के बाद स्नान करके तैयार हो गए पोअपा के बॉस को अलविदा कहने के लिए…
पापा के बॉस की मुझ पर गंदी नज़र और मैं बनी चुदाई का नया टारगेट
जब मेरे पापा के बॉस मेरी मम्मी को चोदकर जा रहे थे, उनकी गंदी नज़र मुझ पर पड़ी। मैं अपनी स्कर्ट ठीक कर रही थी, लेकिन मेरे भरे हुए कूल्हे और टाइट टॉप ने उनका ध्यान खींच लिया। राकेश सर ने पापा से कहा, “रमेश, तेरी बेटी भी कमाल की है। कल मैं इसे चखने आऊँगा!” पापा पहले तो हड़बड़ाए, लेकिन फिर मम्मी ने हँसकर कहा, “राकेश जी, रिया भी जवान है, मज़े लेने दो!” मैं हैरान थी, लेकिन मम्मी ने मुझे आँख मारी और बोलीं, “रिया, बस थोड़ा मज़ा, प्रोमोशन का सवाल है!”
अगले दिन पापा के बॉस, राकेश सर फिर से हमारे घर पर आए। इस बार मेरा भाई रवि भी थ्रीसम सेक्स करने के मूड में था। राकेश सर ने मुझे अपनी गोद में बिठाया और मेरी स्कर्ट उतार दी। “वाह, रिया बेटी, तू तो अपनी माँ की कार्बन कॉपी है!” उन्होंने मेरे स्तनों को दबाते हुए कहा। रवि ने हँसकर कहा, “सर, मेरी बहन को संभाल के, ये मेरी शान है!” मम्मी और पापा ड्रॉइंग रूम में बैठकर हँस रहे थे, जैसे तो कोई कॉमेडी शो चल रहा हो।
मेरे पापा के ठरकी बॉस, राकेश सर ने मेरी चूत में उंगली डाली, और मैं सिसकारी, “आह्ह… सर, जरा धीरे!” मेरे भाई रवि ने मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और बोला, “रिया मेरी प्यारी बहन, चूस ना मेरे लंड को, हम दोनों को ही इसमें बड़ा मज़ा आएगा!” राकेश सर ने मेरी चूत में अपना मोटा लंड पेल दिया, और मैं दर्द के मारे जोर से चिल्लाई, “उउउई माँ… सर, फट कर भोसड़ा बन गई आज मेरी चूत तो.. उई माँ!” लेकिन मेरे जिस्म में मस्ती जाग रही थी। रवि मेरे पीछे आया और मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया। “भैया, ये क्या!” मैंने चीखा, लेकिन दोनों ने मुझे सैंडविच बना दिया। फच-फच की आवाजें और मेरी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।
मम्मी ने बाहर से चिल्लाकर कहा, “रिया बेटी, जोर से चिल्ला, चुदाई का मज़ा दोगुना हो जाएगा!” पापा हँस रहे थे, “शालिनी, हमारी बेटी तो सेक्स के मामले में हमसे भी आगे निकल गयी!” राकेश सर और मेरे भाई रवि ने मुझे इतना चोदा कि मेरी चूत और गांड से रस के साथ साथ खून भी बहने लगा। करीब दो घंटे के हार्डकोर थ्रीसम सेक्स के बाद अब मैं झड़ गई, और राकेश सर ने मेरे चेहरे पर अपना रस छिड़क दिया। मेरे भाई रवि ने मेरे स्तनों पर अपना रस गिराया और बोला, “रिया, तू तो पोर्न फिल्मों की सुपरस्टार बनने लायक है!”
प्रोमोशन का लालच देकर चोदा मम्मी और मुझे पापा के बॉस ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
सब थककर सोफे पर लेट गए। मम्मी ने चाय बनाई और हँसकर कहा, “राकेश जी, अब तो प्रमोशन पक्का, ना?” राकेश सर ने हँसकर कहा, “शालिनी, तुम और तुम्हारी बेटी रिया की चूत ने तो मेरी जिंदगी बना दी! रमेश, प्रोमोशन पक्का!” मैं और रवि एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए। ये गुनाह था, लेकिन इसने हमारे घर की सारी टेंशन खत्म कर दी थी। मेरे प्यारे पाठकों, ये माँ और बेटी के साथ थ्रीसम सेक्स की हिंदी कहानी कैसी लगी? क्या आपको इस हवस भरे ड्रामे में मज़ा आया? क्या राकेश सर की शरारत और हमारे परिवार की मस्ती ने आपको हँसाया? अपनी राय जरूर बताएँ!


