सफ़र में मिले गे दोस्त की पत्नी के साथ उसी के घर में सुहागरात मनाई और उसे चोदकर गर्भवती करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह कहानी राज नाम के एक युवक की है जो रांची से कानपुर नौकरी के इंटरव्यू के लिए ट्रेन में सफ़र कर रहा था। ट्रेन में सफ़र करने के दौरान उसकी मुलाकात सुधीर नाम के एक अनजान व्यक्ति से होती है जो उसे अपने घर ठहरने का निमंत्रण देता है। सुधीर की पत्नी कोमल एक आकर्षक सुंदरी है जिसे संतान न होने का दुख है। एक रात कोमल राज के कमरे में आती है और उससे बच्चा पैदा करने की भीख माँगती है। इसके बाद दोनों के बीच होने वाले जुनूनी और गर्मागर्म यौन संबंधों की दास्तान है। राज दो दिन तक कोमल के साथ रहता है और कई बार संभोग करता है। बाद में पता चलता है कि कोमल ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है और वह राज को फिर से मिलने के लिए कानपुर बुलाती है।
दोस्तों, मैं हूँ राज और यह कहानी रांची से शुरू होती है। उन दिनों की बात है जब मुझे कानपुर की एक कंपनी से इंटरव्यू का बुलावा आया था। मैं ट्रेन से यात्रा कर रहा था और मेरे सामने वाली सीट पर करीब चालीस साल का एक व्यक्ति बैठा था। उसने मुझसे पूछा, “भैया, आप कहाँ तक जा रहे हैं?” मैंने बताया कि मैं कानपुर जा रहा हूँ। वह बोला, “आप तो कानपुर के नहीं लगते।” मैंने उसे अपनी यात्रा का कारण बताया और धीरे-धीरे हमारी बातचीत गहरी होती चली गई।
ट्रेन में हम इतने अच्छे दोस्त बन गए कि जब कानपुर पहुँचने वाला था, तो मैंने उससे अच्छे होटल के बारे में पूछा। सुधीर नाम के उस व्यक्ति ने कहा, “आप मेरे साथ मेरे घर चलिए। कल आपका इंटरव्यू है और फिर आपको चले ही जाना है। मैं और मेरी पत्नी अकेले रहते हैं, घर भी बड़ा है, आपको कोई तकलीफ नहीं होगी।” वह मेरा बैग लेकर आगे-आगे चलने लगा। मैं अनिच्छा से ही सही, पर उसके पीछे हो लिया।
जब हम उसके घर पहुँचे तो शाम के सात बज रहे थे। उसकी पत्नी ने दरवाज़ा खोला और मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। वह एक बम्पर खूबसूरत महिला थी – नीले रंग की साड़ी, खुले पेट, ऊँचे-ऊँचे उभरे हुए स्तन, चमकती आँखें और पतली सी कमर। मैं तो उसे देखता ही रह गया। मेरे दोस्त ने हमारा परिचय करवाया तो उसने भी मुझे एक सेक्सी नज़र से देखा। हम अंदर चले गए और फिर मेरे उस अंजन मित्र मुझे मुझे उनका गेस्ट रूम दिखा दिया और कहा की , “यह आपका कमरा है, जब तक मन करे यहाँ रुकिए।”
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थोड़ी देर बाद जब हम फ्रेश होकर ड्रॉइंग रूम में टीवी देख रहे थे, तभी उसकी पत्नी कोमल वहाँ आई। मैंने पूछा, “भाभी जी, सुधीर जी कहाँ गए?” वह बोली, “वह बाज़ार गए हैं, अभी आ जाएँगे। आप बैठिए, मैं चाय लाती हूँ।” वह चली गई और कुछ देर में चाय लेकर वापस आई। चाय देते समय जैसे ही अनजान मित्र की पत्नी थोडा निचे झुकी, उसका पल्लू खिसक गया और मुझे उसके भरपूर स्तन बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दिए। मेरे अनजान मित्र की पत्नी के मोटे मोटे बूब्स देखकर मेरी आँखें बाहर निकल आईं और मेरा लंड चुदाई करने के लिए उत्सुक हो उठा। वे कितने सुडौल और मोहक थे! मन कर रहा था कि बस उन्हें चूम लूँ, चाट लूँ, हाथ डालकर मसल डालूँ।
तभी मैंने नोटिस किया कि मेरे अनजान मित्र की पत्नी भी मुझे भावुक नज़रों से देख रही है। मैं शर्मा गया और बोला, “भाभी जी, आपका पल्लू चाय में गिर गया है।” वह मुस्कुराई और बोली, “देवर जी, आपकी शादी नहीं हुई क्या?” मैंने कहा नहीं। वह बोली, “आपकी हालत देखकर कोई भी बता सकता है।” फिर मैंने पूछा, “आपके बच्चे नहीं हैं क्या?” इस पर वह थोड़ी उदास हो गई और बताने लगी कि भगवान ने उन्हें सब कुछ दिया पर संतान सुख से वंचित रखा हुआ है।
कामुकता से भरी भाभी के साथ रात्रि की मोहक शुरुआत और जुनूनी पल
मेरे अनजान दोस्त की कामुक पत्नी कोमल जोर-जोर से रोने लगी और उसकी नशीली आखों में से आंसू की धारा बहने लगी। मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूँ। मैं उठकर उसके पास गया और चुप कराने की कोशिश करने लगा। तभी वह मुझसे लिपट गई और फूट-फूट कर रोने लगी। उसकी पीठ थपथपाते हुए मैंने उसे चुप कराने की कोशिश की। मैं एक मर्द था, मेरी छाती से उसके स्तन सटे हुए थे और मेरा लंड उसकी जांघ में दबा हुआ महसूस हो रहा था।
मेरे अनजान दोस्त की सेक्सी पत्नी मुझसे बोली की तुम मुझे चोदकर एक बच्चा दे सकते हो अगर तुम चाहों तो. फिर उन्होंने बताया की रात को तुम्हारे भैया शराब पीकर सो जाते हैं वो एक गे (समलैंगिक) हैं और उन्हें महिलाओं की चूत की बजाय पुरुषों में गांड में रूचि है, वह जैसे तुम्हे लेकर हमारे आये हैं वैसे आये दिन किसी नए मर्द को घर ले आते हैं और मौका मकर उसकी गांड मार देते हैं। दोस्तों मैं ये तो शुक्र है उस समलैंगिक आदमी की पत्नी का जो उसने मुझे उसके गे पति की वास्तविकता से अवगत करवा दिया नहीं तो अभी तक तो मेरे साथ समलैंगिक सेक्स हो गया होता
मेरे गे दोस्त की कामुक पत्नी मुझसे बोली की प्लीज़, मुझे चोदकर गर्भवती कर दो और एक बच्चा दे दो। तुम्हें जितने पैसे चाहिए, मैं दूँगी।” मैंने कहा, “ठीक है, पैसे नहीं चाहिए आपकी चूत चोदने का सोभाग्य प्राप्त हो रहा है वाही काफी है, पर अवैध सेक्स बनाना थोडा रिस्क है भाभी यदि आपके पति ने देख लिया तो मुसीबत आ जायगी।” उसने कहा उनको पता चलने का तो सवाल ही नहीं उठता वो तो शाम होते ही नशे में डूब जाते हैं, खैर वह सब तुम मुझ पर छोड़ दो तुम तो बस मेरी चुदाई करके मुझे गर्भवती करने की तैयारी करों” रात को उस कामुकता से भरी महिला का पति सुधीर ब्लैक डॉग व्हिस्की की बोतल लेकर आए और दो पैग जबरदस्ती पिला दिए। बिना खाना खाए ही सो गए।
भाभी ने मुझे खाना खिलाया और कहा, “चलो कमरे में चलते हैं संभोग करने के लिए। मैं फ्रेश होकर आती हूँ।” एक घंटे बाद वह मेरे कमरे में आई। लाल बनारसी साड़ी पहने, पूरे जेवरों से सजी-धजी, वह बिलकुल दुल्हन की तरह सजी हुई थी। हाथ में दूध का गिलास लिए हुए थी। मैं तो डर गया। उसने कहा, “पहले दूध पी लो।” दूध में केसर, काजू और न जाने क्या-क्या मिला हुआ था।
मैंने पूछा, “यह क्या है?” तो वह बोली, “आज तुम मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी मुराद पूरी करने वाले हो। मैंने सोचा कि तुम्हारी भी रात यादगार बना दूँ।” वह मेरे पास बैठ गई और बोली, “आज मैं तुम्हारी दुल्हन हूँ और तुम मेरे दुल्हे राजा चलो जल्दी से अब मेरे साथ सुहागरात मनाओ, बस इतना ही सोचो और मेरी गांड और चूत की चुदाई करके मेरे कामुक जिस्म का मजा लो।” मैंने कहा, “ठीक है मेरी जान।” मैंने उसका घूँघट खोला, वह शरमा गई। मैंने उसके माथे पर चुंबन किया, फर गाल पर, फिर होंठों पर। क्या मज़ा आ रहा था। इतने में ही मेरा लंड खड़ा हो गया और वह भी मेरे साथ दे रही थी।
गे दोस्त की दुल्हन बनी पत्नी के साथ सुहागरात पर अत्यंत कामुक संभोग
करीब दस मिनट तक हमारे होठ जुड़े रहे। फिर मैंने एक-एक कर उसके जेवर उतारने शुरू किए। साड़ी उतार दी। अब वह ब्लाउज और पेटीकोट में थी, दोनों ही लाल रंग के। मैं उसके ऊपर चढ़ गया और पूरे बदन को कपड़ों के ऊपर से ही चाटने लगा। वह पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और चटपटाने लगी। मैंने भी अपने पैंट और शर्ट उतार दिए। मेरा लंड देखकर वह खुश हो गई और बोली, “यह मुझे जीवन की सबसे ज़्यादा खुशी देने वाला है और मेरी सबसे बड़ी कमी को पूरा करेगा।”
गे दोस्त की दुल्हन बनी हुई पत्नी ने मेरे लंड को पाँच बार चूमा, फिर मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा तो पहली बार था, दस मिनट में ही मुझे लगा कि अब तो वीर्य निकल जाएगा। मैंने कहा, “मैं जल्द ही निकलने वाला हूँ।” उसने झटके से मेरा लंड बाहर निकाला और बोली, “रुक, जाओ मेरे दुल्हे राजा दो मिनट… वीर्य नहीं निकलेगा। आज जो भी, जितना भी निकलेगा, सब मेरी चूत में। डॉन्ट वरी मेरे दुल्हे राजा, कुछ नहीं होगा। पहली बार ऐसा ही होता है।” फिर उसने अपनी पेटीकोट उठाई और बोली, “लो, चोदो और अंदर ही छोड़ दो सारा माल।”
मैंने भी लंड महाराज से कहा, “जा बेटा, चोद दे चूत।” मैंने लंड डाल दिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। उसे भी मज़ा आ रहा था, वह भी अपनी गाँध उछाल-उछालकर चुदवा रही थी और चिल्ला रही थी, “चोद… और चोद… मैं तेरी बीवी हूँ, मान ले सुहागरात… आह्ह्ह्ह… उईइइ…” चोदते-चोदते मैंने उसके स्तनों को भी आज़ाद कर दिया। कभी चूस रहा था, तो कभी दबा रहा था, कभी दोनों स्तनों को दोनों तरफ से दबाकर उनके निपल्स को एक साथ मुँह में लेकर चूस रहा था। दोस्तों, दोनों निपल्स को एक साथ चूसने में मुझे बड़ा मज़ा आता है।
दो-तीन मिनट के बाद मैं निकल गया। रात में हमने दो बार और संभोग किया। गांड भी मारी, चूत भी चूसी, स्तन भी नचाए, पर माल हमेशा चूत में ही छोड़ा। मैं दो दिन तक कानपुर में रहा और हमने लगभग पंद्रह बार संभोग किया। फिर मैं रांची वापस आ गया। अब कभी-कभी बात होती है। फेसबुक पर भाभी ने बताया कि मैंने उनके साथ सुहागरात मनाई थी और उन्हें चोदा था उस सेक्स की वजह से वो गर्भवती हो गई थी रो उन्हें जुड़वा बच्चे हुए हैं – एक बेटा और एक बेटी। वह मुझे कानपुर बुलाती है, पर मेरी हिम्मत नहीं होती। बच्चों को देखकर मुझे डर लगता है कि कहीं कोई गलत हरकत हो गई तो उनके जीवन में समस्या आ जाएगी।
कहानी “गे दोस्त की पत्नी के साथ सुहागरात मनाई चोदकर गर्भवती करा” का निष्कर्ष
राज की यह सेक्स कहानी एक ऐसी घटना है जो उसके जीवन में एक गहरी छाप छोड़ गई। कानपुर की उस यात्रा ने न केवल उसकी जिंदगी को एक नया मोड़ दिया, बल्कि उसे नैतिकता, जिम्मेदारी और मानवीय रिश्तों के जटिल स्वरूप को समझने का मौका भी दिया। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी एक युवक राज और सुधीर की पत्नी कोमल के बीच हुए जुनूनी अवैध सेक्स संबंधों की दास्तान है और इसे पढ़ते पढ़ते आप सभी का लंड खड़ा हो गया होगा इस बात का हमें पूर्ण विश्वास है।
जिस रात की शुरुआत एक साधारण अतिथि-सत्कार से हुई, वह एक गर्मागर्म अवैध यौन संबंध में बदल गई। कोमल की मातृत्व की चाहत और राज का यौन उत्साह दोनों ने मिलकर एक ऐसा जुनून पैदा किया जो दो दिनों तक चलता रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि कोमल गर्भवती हो गयी और उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। हालाँकि राज अब उन सभी से दूरी बनाए हुए है, पर यह कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी जीवन में अप्रत्याशित घटनाएँ कितनी मजेदार और यादगार बन जाती हैं।


