फ्री में पढ़ें मामी व दो मौसियों ने मेरे लंड को बारी-बारी से चूसा और चुदवाया कामुकता भरी अन्तर्वासना हिंदी 18+ ग्रुप सेक्स कहानी – Free mein padhein mami va do mausiyon ne mere lund ko baari-baari se choosa aur chudvaya kamukta bhari antarvasna Hindi 18+ XXX group sex kahani …
ग्रुप सेक्स की यह कामुकता से भरी घटना तब की है जब मैं 21 साल का बिलकुल वर्जिन लड़का था और मेरी ज़िंदगी का सबसे गर्म और भीगा हुआ अध्याय शुरू होने वाला था। गाँव से निकलकर शहर नीमच पढ़ने आया तो था, लेकिन मामा के घर की चारदीवारी के अंदर जो चुदाई की भट्टी जलने वाली थी, उसका अंदाज़ा मुझे खुद नहीं था।
मेरी कामुकता से भरी मामी, उम्र महज 28 साल, गोरा बदन, छोटा कद और इतने भारी चुचे कि जब वो साड़ी के पल्लू से उन्हें दबाकर चलतीं तो लगता बस फट पड़ेंगे। और फिर मेरी दो मौसियां, राधा मौसी 35 की और किरण मौसी 40 की। दोनों ही ऐसी सेक्सी औरतें कि एक बार देखने पर लंड बिना छुए खड़ा हो जाए। मेरी दोनों मौसियों के बोबे भी कामुक मामी के बूब्स से कम नहीं थे, पके हुए आमों की तरह छाती पर लटकते हुए, जिन्हें चूसने की तमन्ना रातों की नींद उड़ा देती थी।
फ्री में पढ़ें मामी व दो मौसियों ने मेरे लंड को बारी-बारी से चूसा और चुदवाया अन्तर्वासना हिंदी ग्रुप सेक्स कहानी

घर के हालात ऐसे बने कि सभी मर्द 4 दिन के लिए घर से बाहर गए। घर में बस नानीजी, मामी और दोनों मौसियां थीं और उन सभी के बीच मैं अकेला मर्द और वो भी वर्जिन। नानीजी नीचे अपने कमरे में सोने की आदी थीं, और ऊपर का पूरा हिस्सा हमारी उस रात की चुदाई की रंगभूमि बनने वाला था। मैं कॉलेज से लौटते वक्त अपने दोस्त से 5 ब्लू फिल्मों की सीडी लाया था जिन्हें देखकर मैं हस्तमैथुन करके अपनी अन्तर्वासना शांत करने वाला था। सीडीप्लेयर छोटे मामा के कमरे में था, और वो कमरा उस रात मेरा निजी स्वर्ग बनने जा रहा था।
रात हुई तो मैंने पहली ब्लू फिल्म की सीडी चलाने के लिए सीडीप्लेयर में डाली। टीवी के परदे पर एक गोरी औरत एक लंबे काले लंड वाले मर्द के सामने घुटनों के बल बैठी थी। उसका मुंह लंड के सुपाड़े पर इस कदर जमा था कि उसकी गालों की हड्डियाँ दिख रही थीं। ब्लू फिल्म में ब्लोजॉब इतनी जोरदार थी कि थूक और चिपचिपे माल की आवाज़ें कमरे में गूंज रही थीं। मेरा देसी लंड अपनी पूरी 6 इंच की शान के साथ पैंट में तन चुका था। मैंने बिना सोचे समझे टीवी की आवाज़ तेज़ कर दी, सोचा घर की सभी ओरतें इस वक्त तो गहरी नींद में सो गई होंगी।
लेकिन तभी कमरे की खिड़की के पास एक साया लहराया। मैंने फटाक से सीडीप्लेयर और टीवी बंद किया, पर सुबह पता चला कि राधा मौसी ने पूरी रात मेरी निगरानी की थी। सुबह जब मैं शर्म से गड़ा हुआ बैठा था, तो राधा मौसी मेरे पास आईं और बोलीं, “देव, रात को तू बड़ा पोर्न फिल्मों का रसिया बना हुआ था ना? लंड तो तेरा खड़ा हो गया होगा ब्लू फ़िल्में देख देख के?”
मेरा चेहरा उतर गया। मैंने गिड़गिड़ाते हुए कहा, “मौसी, किसी को बताना मत। प्रोमिस आज के बाद कभी भी पोर्न फ़िल्में नहीं देखूंगा” वो हँसी और बोली, “डर मत, पर शर्त है। आज रात हम तीनों को भी वो मजा चाहिए।” मैंने कहा की ठीक है मैं आप को भी दिखा दूंगा…
शाम होते-होते मेरे दिल की धड़कन 120 पर पहुंच गई थी। रात करीब 10 बजे मैं कमरे में गया और सबसे सस्ती और देसी ब्लू फिल्म लगाई जिसमें एक लड़का लड़की के विशाल चुचों को चूस रहा था और उसकी उंगली लड़की की गीली चूत में फंसी हुई थी। इतने में दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खोला तो सामने राधा मौसी थीं। उन्होंने एक ऐसी पतली नाईटी पहन रखी थी कि उनके मोटे-मोटे निप्पल साफ झलक रहे थे और उनकी गांड का उभार साफ दिख रहा था।
“चल देव, दिखा आज तो तूने क्या-क्या सीखा है। तेरी बड़ी मौसी और मामी को थोड़ा काम है, जब तक मैं तुझे संभालती हूँ,” राधा मौसी ने कहा और मेरे ठीक बगल में आकर बैठ गईं। उनकी जांघ मेरी जांघ से चिपक गई थी। फिल्म में लड़की की चूत चाटी जा रही थी। राधा मौसी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी नाईटी के अंदर डालते हुए बोलीं, “तूने कभी असली मखमली चूत देखी है? नहीं ना? तो देख ले, अपनी मौसी की रसदार चूत।”
मेरी सांसें थम गईं। मेरी उंगलियां उनकी चड्डी के अंदर गईं तो एक गर्म, भीगी हुई बालों वाली चूत से मेरे देसी लंड का सामना हुआ। मेरी उंगली उनकी भोसड़ी के अंदर फिसल गई। राधा मौसी ने एक जोरदार हूंकार भरी, “आह… धीरे से… तेरी मौसी की चूत बहुत टाइट है।” मैंने उनके चूतड़ों को सहलाते हुए उनकी गांड के छेद पर भी उंगली रगड़ी। राधा मौसी का पूरा बदन कांप रहा था। मेरे लंड के गोटे भारी हो रहे थे और मेरा खड़ा लंड पैंट के अंदर से बाहर निकलने को तड़प रहा था। तभी मामी की आवाज़ आई, “अरे राधाजी, दरवाजा तो खोलिए!”
मैंने झट से अपनी उंगली बाहर निकाली। मेरी उंगली पर राधा मौसी के चूत का रस एक पतली लीक की तरह चिपका हुआ था। वो सफेद, चिपचिपा माल जैसा गाढ़ा पानी था। मैंने उंगली पोंछी और दरवाजा खोला। सामने किरण मौसी और मामी थीं। किरण मौसी ने आते ही कहा, “देव, अब हमें शुरू से दिखाओ। देखते हैं तुम लड़कों को क्या पसंद आता है।”
अब माहौल पूरी तरह गर्म था। मैंने सीडी फिर से चलाई। फिल्म में अब एक औरत दो मर्दों को बारी-बारी से हैण्डजॉब दे रही थी और उनके लंड चूस रही थी। उसके मुंह से थूक की धार बहकर लंड पर गिर रही थी और वो उसे अपनी छाती पर मल रही थी। मैंने देखा, तीनों औरतें अपनी-अपनी जांघें दबा रही थीं। मामी के माथे पर पसीने की बूंदें थीं और वो अपनी साड़ी के पल्लू से अपनी चुचियों को बार-बार हटा रही थीं। मेरा लंड अब पैंट की चैन तोड़कर बाहर निकलने को बेताब था।
किरण मौसी ने अचानक कहा, “देख तो सही, हम बेचारी औरतें देख-देखकर ही अपनी चूत गीली करें? हमें भी तो कोई चोदे।” यही वो मौका था जिसका मुझे इंतजार था। मैंने अपनी हिम्मत जुटाई और खड़े होते हुए बोला, “मैं हूं ना मामी, मैं हूं ना किरण मौसी। मैं चोदूंगा आप सबको।” कमरे में एक पल की खामोशी छाई और फिर तीनों एक साथ हंस पड़ीं। राधा मौसी बोलीं, “देखते हैं तेरा औजार कितना बड़ा है बेटा। निकाल तो सही अपना लौड़ा।” मैंने कहा, “मेरी एक शर्त है मौसी। पहले आप तीनों नंगी होंगी मेरे सामने। मैं अपना तना हुआ लंड तभी निकालूंगा जब सामने मुझे आपकी नंगी चूतें और मोटे बोबे दिखेंगे।”
वो तीनो छिनाल महिलाएं कामाग्नि की आग में जल रही थीं। सबसे पहले राधा मौसी ने अपनी नाईटी सिर से उतारी। उनके 38DD के बूब्स ऐसे बाहर निकले जैसे गुब्बारों से पानी भरा हो। उनके निप्पल गहरे भूरे रंग के और एक इंच बाहर तने हुए थे। फिर किरण मौसी ने अपनी साड़ी के नीचे से ब्लाउज के हुक खोले। उनकी छाती पर गदराए हुए चुचे थे, दूध से लबालब भरे हुए। सबसे आखिर में मामी ने अपनी पेटीकोट नीचे सरकाई। उनकी चूत पर घने झांट के बाल थे, और वहां से चूत का रस पहले ही टपककर उनकी जांघों तक पहुंच चुका था।
“अब दिखा दे, देव,” मामी ने कामुक आवाज़ में कहा। मैंने अपनी पैंट और जांघिया उतार फेंकी। मेरा लंड एक तगड़े लोहे के पाइप की तरह 6 इंच लंबा और गुस्से में लाल खड़ा था। उसके सुपाड़े पर चमक थी। तीनों औरतों की आंखें चमक उठीं। किरण मौसी बोली, “वाह, इस उम्र में इतना मोटा लंड? ये तो पूरा भोसड़ा फाड़ देगा।”
अवैध चुदाई का पहला दौर: राधा मौसी का ब्लोजॉब
राधा मौसी सबसे ज्यादा गर्म थीं मेरे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए। वो घुटनों के बल मेरे सामने बैठ गईं और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर बोलीं, “बहुत दिनों से तरस गई थी ऐसे फौलादी लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने के लिए।” उन्होंने अपना मुंह खोला और मेरे पूरे सुपाड़े को अपने मुंह में भर लिया।
दोस्तों जीवन में पहली बार किसी औरत के गर्म और गीले मुंह में अपना लंड जाते हुए महसूस कर मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। सेक्स की भूखी मेरी राधा मौसी मेरा लंड ऐसे चूस रही थीं जैसे आम का रस चूसती हैं। उनके होंठ मेरे लंड की नसों पर दबाव बना रहे थे। वो पीछे हटतीं और फिर जोर से मेरे लंड को गले तक ले जातीं।
“शाबाश राधा, पूरा पानी निकाल दे इस छिनाल के बच्चे का,” किरण मौसी ने मेरे बाल सहलाते हुए कहा। राधा मौसी ने अपना एक हाथ मेरे अंडकोष पर लगाया और अंड की थैली को धीरे से मसलने लगीं। दूसरे हाथ से वो मेरे गांड के छेद पर उंगली रगड़ रही थीं। ये दोहरा हमला मेरे लिए नया था। मैंने उनके बाल पकड़ लिए और उनके मुंह पर अपना कूल्हा झटकने लगा।
मैंने कहा, “चूस मौसी… पूरा माल पी जा।” राधा मौसी ने गट-गट की आवाज के साथ मेरा लंड चूसा। मेरा पहला वीर्य का फव्वारा उनके मुंह के अंदर ही फूटा। गाढ़ा, चिपचिपा माल उनकी जीभ और तालू पर जम गया। राधा मौसी ने एक बूंद भी नहीं गिरने दी और पूरा निगल गईं। फिर उन्होंने मेरे सुपाड़े को चाटकर साफ किया और बोलीं, “तुम्हारे लंड का स्वाद तो शहद से भी मीठा है।”
अवैध चुदाई का दूसरा दौर: किरण मौसी के साथ चूत चाटने का खेल
मेरा लंड अभी ढीला भी नहीं पड़ा था कि दोबारा लोहा बन गया चुदाई करने के लिए। किरण मौसी ने अपनी चूत मेरे चेहरे के सामने कर ली। “अब तू सीख इसे कैसे चाटते हैं, मेरे राजा। मेरी इस बालों वाली चूत को अपनी जीभ से सींच दे।” मैंने देखा, किरण मौसी की चूत से एक अजीब सी भीनी महक आ रही थी, जो मेरे दिमाग को और गर्म कर रही थी। मैंने अपनी जीभ उनकी भोसड़ी के दोनों होठों पर फेरी जिससे मौसी चीख पड़ीं, “हां… वहीं… वहीं पर जीभ डाल… मेरी फुद्दी चाट।”
मैंने उनकी चूत के भीतर जीभ डाली। मौसी की चूत का रस मेरे गले में उतर रहा था। मैं उनकी गांड के छेद को भी अपनी उंगलियों से सहला रहा था। किरण मौसी बोलीं, “अब अपना मोटा लौड़ा मेरी चूत में डाल दे, वरना मेरा भोसड़ा फट जाएगा इंतजार से।”
मैं उनके ऊपर चढ़ गया और मिशनरी पोजीशन में अपना लंड उनकी टाइट चूत में डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड अंदर गया, मौसी के मुंह से एक जानवर जैसी आवाज निकली, “उउउम्म्म्म… ये बात… देव… मेरा भोसड़ा चीर दे।” उनकी चूत इतनी गर्म और गीली थी कि मेरे लंड को अंदर-बाहर होने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हर झटके के साथ ‘चप-चप’ की आवाज आ रही थी। किरण मौसी अपने 40 साल की उम्र के बाद भी एक कसी हुई रंडी की तरह कमर मटका रही थीं। मैंने उनके चूचों को दोनों हाथों से पकड़ा और निप्पल चूसना शुरू कर दिया।
“मेरी चूचियों का सारा दूध निचोड़ ले मेरे जवान सांड,” मौसी चिल्ला रही थीं। मैंने अपनी रफ्तार तेज की और 5 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद अपना गाढ़ा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया। जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो उनकी लाल बुर से माल और चूत का रस मिलकर झाग की तरह बाहर निकल रहा था।
अवैध चुदाई का तीसरा दौर: मामी की पिछली गली और कुत्तिया बनाने की चुदाई
अब बारी थी मेरी कामुकता से भरी छिनाल मामी की। मामी ये सब देखकर अपनी चूत पर हाथ फेर रही थीं और अपने ही रस से अपनी उंगलियां गीली कर रही थीं। वो बोलीं, “देव, मैं तेरी सबसे बड़ी मामी हूं, लेकिन आज तू मेरा मालिक है। मैं तो चरित्रहीन औरत हूं, मुझे गली की रांड समझकर चोद।”
मैंने मेरी नंगी मामी को पलट दिया और उन्हें डॉगी सेक्स पोजीशन में चोदने के लिए कुत्तिया बना दिया। उनकी गोरी-गोरी चूतड़ें हवा में थीं। उनका गुलाबी भोसड़ा और झुर्रीदार गांड का छेद साफ नजर आ रहा था। मैंने पहले तो अपनी जीभ उनकी गांड के छेद पर फिराई। मामी जोर से चीखीं, “हैं… गंदा मत कर देव… उई मां… बहुत मजा आ रहा है।” फिर मैंने उनके भोसड़े में अपना लंड टिकाया और एक ही झटके में पूरा अंदर कर दिया।
“यही तो चाहिए था मुझे… मेरी चूत तो पागल हो रही थी तेरे लंड के लिए… मार… जोर से मार… मुझे रंडी समझकर चोद,” मेरी कामुकता से भरी मामी जोर से चिल्लाईं। मैंने उनकी कमर पकड़कर 10 मिनट तक लगातार झटके मारे। मामी का बदन पूरी तरह ढीला पड़ गया और वो बिस्तर पर गिर पड़ीं। फिर मैं उनके ऊपर चढ़ा और उनकी टांगें अपने कंधे पर रखकर एक और गहरी चुदाई की। इस बार मैंने अपना माल उनके पेट और चूचों पर गिराया।
पूरी रात जंगली चुदाई का ये कामुकता से भरा सिलसिला चलता रहा। हम सभी ने मिलकर 4 बार और अवैध सेक्स संबंध बनाये। न जाने कितनी सेक्स पोजीशन बदली, कितनी बार चूत चाटी और कितना माल निकाला। सुबह जब मेरी नींद खुली तो मेरी बगल में मामी और दोनों मौसियां नंगी पसरी हुई थीं। उनकी चूतों से अभी भी मेरे वीर्य की महक आ रही थी।


