HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesगृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने

गृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने

गृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश :- मैं एक साधारण गृहिणी हूँ जो रोज़मर्रा की भागदौड़ में थक चुकी थी। काम का तनाव और घर की ज़िम्मेदारियाँ मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से थका रही थीं। एक दिन मैंने सोचा कि थोड़ी राहत के लिए घर पर ही मालिश करवाऊँ। मैंने एक ऐप से पुरुष मालिश करने वाले को बुक किया क्योंकि मुझे लगा कि पुरुषों की मालिश में ज़्यादा ताक़त होती है। वह आया तो जवान और आकर्षक था। उसकी उँगलियाँ मेरे बदन पर फिसलने लगीं और धीरे-धीरे मालिश साधारण से कामुक हो गई। मेरी इच्छाएँ जागने लगीं जो सालों से दबी हुई थीं। उसकी स्पर्श से मेरी चूत में सनसनी दौड़ने लगी और मैं खुद को रोक नहीं पाई। यह कहानी उस दिन की है जब एक साधारण मालिश ने मेरी ज़िंदगी में आग लगा दी।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी कामुकता की गहराइयों में उतरती है जहाँ शारीरिक स्पर्श भावनाओं को जागृत कर देता है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि तेल की मालिश मेरे अंदर की सेक्स की दीवानी को बाहर निकाल देगी। उसकी मज़बूत हथेलियाँ मेरे जिस्म को छू रही थीं और मैं सिसकारियाँ ले रही थी। मेरी चूत गीली हो चुकी थी और मैं उसके लंड की कल्पना करने लगी। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ मासूमियत खोकर रंडीपन का सुख मिलता है। कहानी में आपको विस्तार से पता चलेगा कि कैसे एक औरत अपनी कामुकता को पूरी तरह जीती है।


Grihini ki rasdaar choot ko chaatkar jhadaaya tel maalish karne waale ne :- मेरा नाम प्रिया है और मैं मुंबई में रहती हूँ। उम्र अट्ठाईस साल है और शादी को छह साल हो चुके हैं। पति विदेश में नौकरी करते हैं और साल में मुश्किल से दो-तीन बार आते हैं। मैं अकेली रहती हूँ और घर संभालती हूँ। ऑफिस का काम भी करती हूँ इसलिए थकान हमेशा रहती है। बदन दुखता है, कंधे अकड़ जाते हैं और नींद नहीं आती। एक दिन मैंने सोचा कि कुछ राहत चाहिए। मैंने फोन पर एक मसाज ऐप डाउनलोड किया और होम सर्विस बुक की। मुझे पुरुष मालिश करने वाला ही चाहिए था क्योंकि उनकी मालिश में दम होता है। मैंने राहुल नाम के लड़के को चुना जिसकी रेटिंग अच्छी थी।

फ्री अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी – गृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने

गृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने Grihini ki rasdaar choot ko chaatkar jhadaaya tel maalish karne waale ne
Free Antarvasna Hindi Sex Story – Grihini ki rasdaar choot ko chaatkar jhadaaya tel maalish karne waale ne

राहुल ठीक समय पर आया। वह लगभग पच्चीस-सत्ताईस साल का था, कसरती बदन, चौड़ी छाती और मज़बूत बाजुएँ। उसने सादे कपड़े पहने थे लेकिन उसकी मुस्कान बहुत आकर्षक थी। मैंने उसे ड्राइंग रूम में बिठाया और चाय ऑफर की लेकिन उसने मना कर दिया। बोला, “मैडम, कहाँ मालिश करनी है?” मैंने बेडरूम की तरफ़ इशारा किया। मैंने एक पुरानी साड़ी पहनी हुई थी लेकिन मालिश के लिए मैंने टॉवल और छोटा गाउन तैयार रखा था। मैं बेड पर पेट के बल लेट गई और गाउन ऊपर तक चढ़ा लिया ताकि पीठ खुली रहे। राहुल ने अपना तेल का बैग खोला और गरम तेल तैयार किया।

उसने सबसे पहले मेरे कंधों पर हाथ रखा। उसकी उँगलियाँ मज़बूत थीं और जैसे ही दबाव डाला मेरे मुँह से सिसकारी निकल गई। “आह… कितना अच्छा लग रहा है।” मैंने धीरे से कहा। वह मुस्कुराया और बोला, “मैडम, आप बहुत टेंशन में हैं। रिलैक्स हो जाइए।” उसने तेल डाला और पीठ पर मालिश शुरू की। उसकी हथेलियाँ फिसल रही थीं और मेरी त्वचा गरम हो रही थी। धीरे-धीरे वह कमर तक पहुँचा। मैंने महसूस किया कि मेरी साँसें तेज़ हो रही हैं। उसका स्पर्श सामान्य नहीं लग रहा था। उसकी उँगलियाँ कभी-कभी मेरे चूतड़ों के किनारे को छू रही थीं और मेरी चूत में हल्की सी गुदगुदी होने लगी।

उसने कहा, “मैडम, पैरों की भी मालिश कर दूँ?” मैंने हामी भरी। मैंने गाउन और थोड़ा ऊपर किया ताकि जाँघें खुल जाएँ। वह मेरे पैरों से शुरू करके ऊपर की तरफ़ आ रहा था। उसकी हथेलियाँ मेरी जाँघों पर फिसल रही थीं और हर बार भीतरी जाँघ को छू रही थीं। मेरी चूत अब गीली हो चुकी थी। मैंने खुद महसूस किया कि मेरी पैंटी भीग रही है। मैंने सोचा कि यह गलत है लेकिन रोक नहीं पा रही थी। मेरे मन में विचार आ रहे थे कि उसका लंड कैसा होगा। मोटा होगा या लंबा? मैं अपनी कामुकता को दबा नहीं पा रही थी।

तेल की मालिश से जागी मेरी छिपी हुई कामुक इच्छाएँ और फिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर

राहुल ने अब मेरी जाँघों के भीतर की तरफ़ हाथ फेरना शुरू किया। उसकी उँगलियाँ मेरी चूत के इतना करीब पहुँच रही थीं कि मैं सिहर उठी। “मैडम, आपकी स्किन बहुत सॉफ्ट है।” उसने धीरे से कहा। मैंने कुछ नहीं बोला बस आँखें बंद कर लीं। मेरी साँसें तेज़ थीं और चूत से रस बह रहा था। मैंने महसूस किया कि वह जानबूझकर मेरी पैंटी के किनारे को छू रहा है। मेरी चूत फड़क रही थी और मैं चाह रही थी कि वह और आगे बढ़े। मैंने खुद को रंडी जैसा महसूस किया जो लंड की भूखी है।

उसने अचानक कहा, “मैडम, अगर आप चाहें तो फुल बॉडी मसाज कर सकता हूँ।” मैंने हल्के से हाँ कहा। मैं पलटी और फुल बॉडी मसाज करवाने के लिए अपनी पीठ के बल लेट गई। अब मेरा गाउन ऊपर तक था और मेरे बड़े-बड़े चुचे लगभग बाहर थे। मेरे निप्पल तने हुए थे। राहुल की नज़र मेरे बोबों पर पड़ी और उसका चेहरा लाल हो गया। उसने तेल डाला और मेरे पेट पर मालिश शुरू की। धीरे-धीरे वह ऊपर की तरफ़ आया और मेरे चुचों के नीचे मालिश करने लगा। मैं सिसकार रही थी, “आह… राहुल… कितना अच्छा लग रहा है।”

उसकी उँगलियाँ अब मेरे निप्पलों को छूने लगीं। वह जानबूझकर मेरे बोबों की मालिश कर रहा था। मेरे अंदर कामवासना जागृत हो चुकी थी जिस वजह से मेरे निप्पल पत्थर जैसे सख्त हो गए थे। मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने चुचों पर दबाया। “इन्हें भी मालिश करो ना…” मैंने कामुक आवाज़ में कहा। वह मुस्कुराया और मेरे दोनों बोबों को मसलने लगा। मेरे मुँह से चीख निकल गई, “आह… ज़ोर से… मेरे चुचे दबाओ…” मैं पूरी तरह सेक्स की दीवानी बन चुकी थी। मेरी चूत से रस की बाढ़ आ रही थी।

राहुल ने मेरे निप्पल चूसने शुरू कर दिए। उसकी जीभ मेरे निप्पलों पर घूम रही थी और मैं पागल हो रही थी। “चूसो… मेरे बोबों का रस निकालो…” मैं चिल्ला रही थी। उसने एक हाथ नीचे ले जाकर मेरी पैंटी के ऊपर से चूत सहलानी शुरू की। मेरी चूत टाइट थी लेकिन अब रसदार हो चुकी थी। मैंने उसकी पैंट की ज़िप खोली और उसका लंड बाहर निकाला। उसका लौड़ा मोटा और तना हुआ था। मैंने उसे सहलाया और मुँह में ले लिया।

लंड चूसते हुए मेरी रंडी जैसी हरकतें और मुंह की चुदाई की शुरुआत

मैंने राहुल का मोटा लौड़ा मुँह में लिया और चूसने लगी। उसका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुँह में मुश्किल से समा रहा था। मैं जीभ से उसके लंड के निचे लटक रहे गोटों को चाट रही थी और अंड की थैली को मुँह में ले रही थी। वह कराह रहा था, “आह प्रिया मैडम… आप तो प्रोफेशनल रंडी लग रही हैं…” मैं और उत्तेजित हो गई। मैंने अपना मुँह और तेज़ी से चलाया। वह मेरे सिर को पकड़कर मुंह में धक्के मारने लगा। मेरे मुँह की चुदाई हो रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

उसका तना हुआ लंड काफी ज्यादा लंबा था इस वजह से वह मेरे गले तक जा रहा था। मेरी लार उसके लंड पर लिपट रही थी। मैं सिसकार रही थी और मेरी चूत से रस टपक रहा था। मैंने खुद अपनी पैंटी उतार दी और अपनी चूत में उंगली डाल ली। मैं खुद को मुठ मार रही थी जबकि वह मेरे मुँह को चोद रहा था। “चोदो मेरे मुँह को… अपना माल मेरे मुँह में छोड़ो…” मैं चिल्ला रही थी। वह और तेज़ हो गया। मेरे चेहरे पर उसका लंड रगड़ रहा था और मैं रंडी की तरह चूस रही थी।

अचानक उसने मुझे रोक दिया और बोला, “मैडम, अब आपकी बारी है।” वह नीचे आया और मेरी जाँघें फैला दीं। मेरी चूत घने झांट के बालों वाली थी लेकिन रसदार और गीली। उसने अपनी जीभ मेरी चूत पर फेरी और मैं चीख उठी। “आह… चाटो मेरी चूत को…” वह मेरी भगनासा को चाट रहा था और मेरी चूत के दाने को चूस रहा था। मेरी टाइट चूत अब ढीली होकर रस छोड़ रही थी। मैं उसके सिर को दबा रही थी।

उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर तक जा रही थी। वह मेरी चूत का रस पी रहा था और मैं झड़ने वाली थी। “चाटो… मेरी रसदार चूत को पूरी चाटो…” मैं अपनी चूत चटवाते हुए जोर जोर से चिल्ला रही थी। वह मेरे चूतड़ उठाकर गांड का छेद भी चाटने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई मेरी गांड चाटेगा। मैं पूरी तरह वेश्या बन चुकी थी।

चूत चाटने की दीवानगी और मेरी सिसकारियों से भरा कमरा

राहुल मेरी चूत को इस तरह चाट रहा था (Pussy Licking) जैसे भूखा शेर हो। उसकी जीभ मेरी चूत की दीवारों को सहला रही थी और मैं बार-बार झड़ रही थी। मेरा चूत का रस उसके मुँह पर लग रहा था। “और चाटो… मेरी भोसड़ी को चाटो…” मैं गंदी-गंदी गालियाँ दे रही थी। वह हँस रहा था और और ज़ोर से चाट रहा था। मेरे निप्पल मैं खुद मसल रही थी और मेरे बोबे लाल हो गए थे।

फिर उसने मुझे घोड़ी बनने को कहा। मैं घोड़ी बन गई और उसने पीछे से मेरी चूत चाटी। उसकी जीभ मेरी गांड के छेद में भी घुस रही थी। मैं चीख रही थी, “गांड चाटो… मेरी गांड में जीभ डालो…” वह दोनों छेद चाट रहा था और मैं पागल हो रही थी। मेरी चूत से रस की धार निकल रही थी। मैंने कभी इतना सुख नहीं महसूस किया था।

अब मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। मैंने उसे लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गई। उसका मोटा लौड़ा मेरी चूत के मुँह पर रखा और धीरे से बैठ गई। उसका लंड मेरी चूत में घुस गया और मैं चीख उठी। “आह… कितना मोटा है तेरा लौड़ा…” मैं ऊपर-नीचे हो रही थी और मेरे चुचे उछल रहे थे। वह मेरे चूतड़ मसल रहा था और मेरे बोबे दबा रहा था।

हमारी चुदाई की सेक्सी आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं। पच-पच की आवाज़ और मुझ गृहिणी की मादक सिसकारियाँ। “चोदो मुझे… अपनी रंडी बना लो…” मैं चिल्ला रही थी। वह नीचे से धक्के मार रहा था और उसका लंड मेरी चूत को फाड़ रहा था। मैं बार-बार झड़ रही थी और मुझ गृहिणी की तंग चूत उसके लंड को निचोड़ रही थी।

लौड़े की चुदाई में डूबी मैं और मेरी रंडी जैसी चीखें

राहुल ने मुझे फिर पलटा और मेरे ऊपर चढ़ गया। उसने मेरी टाँगें कंधों पर रखीं और ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू किया। उसका मोटा लंड मेरी चूत में पूरी तरह घुस रहा था। “ले रंडी… और ज्यादा गहराई तक ले मेरे लौड़े की को..” वह गंदी बातें कर रहा था और मुझे और मज़ा आ रहा था। मैं उसकी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी। मेरे चूतड़ हवा में उछल रहे थे।

उस हवसी ने मेरे निप्पल काटे अपने नुकीले दांतों से और मेरे बोबों को मसलते हुए चोदा। मैं चिल्ला रही थी, “चोदो… अपनी छिनाल को चोदो…” मेरी चूत से चिपचिपा रस निकल रहा था और उसके गोटे मेरी चूत पर टकरा रहे थे। कमरे में चुदाई की गंध फैल रही थी। मैं पूरी तरह उसकी वेश्या बन चुकी थी।

फिर उस तेल मालिश करने वाले ने मुझ नंगी गृहिणी को दीवार से सटा कर खड़ा किया और पीछे से चोदा। उसका लंड मेरी गांड के पास रगड़ रहा था लेकिन चूत में ही घुस रहा था। मैं आईने में खुद को देख रही थी – बाल बिखरे हुए, चुचे लाल और चूत से रस टपकता हुआ। मैं खुद को कॉल गर्ल जैसी महसूस कर रही थी। वह मेरे बाल पकड़कर चोद रहा था और मैं सिसकार रही थी।

अब वह झड़ने वाला था। उसने कहा, “कहाँ छोड़ूँ माल?” मैंने कहा, “मेरी चूत में… गरम वीर्य से भर दो…” उसने ज़ोर का धक्का मारा और मेरी चूत में अपना चिपचिपा माल छोड़ दिया। मैं भी साथ में झड़ गई। हम दोनों पसीने से तर थे और एक-दूसरे से लिपट गए।

वीर्य से भरी चूत और बार-बार की चुदाई की लत

थोड़ी देर आराम के बाद हम फिर शुरू हो गए। इस बार मैंने उससे गांड मारने को कहा। उसने तेल लगाया और धीरे से मेरी गांड में लंड घुसाया। मैं दर्द से चीखी लेकिन फिर मज़ा आने लगा। “गांड मारो… मेरी गांड की चुदाई करो…” वह धीरे-धीरे फिर तेज़ चोदने लगा। मेरी गांड का छेद फैल गया था और उसका लंड अंदर-बाहर हो रहा था।

चुदाई करने के दौरान हमने अपनी अन्तर्वासना शांत करने के इरादे से कई सारी सेक्स पोज़िशन बदलीं। मैं लंड की सवारी (Cock Riding) करने के इरादे से उस तेल मालिश करने वाले के लंड पर सवार हुई, उसने मुझे गोद में उठाकर चोदा, हमने 69 पोजीशन में मुखमैथुन किया जिसमें मैं उसका लंड चूस रही थी और वह मेरी चूत। हमने पूरी शाम चुदाई की। मेरी चूत और गांड दोनों लाल हो गई थीं लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी। मैं पूरी सेक्स की दीवानी बन चुकी थी।

रात हो गई थी। राहुल जाने लगा तो मैंने उसे फिर बुलाने को कहा। उसने मुस्कुराकर हाँ कहा। मैं बेड पर नंगी लेटी थी और मेरी चूत से उसका वीर्य टपक रहा था। मैंने सोचा कि यह तो बस शुरुआत है।

हमारे बीच यह सिलसिला चलता रहा। हर हफ़्ते वह आता और मुझे चोदता। कभी मालिश से शुरूआत, कभी सीधे चुदाई। मैं उसकी रंडी बन गई थी और मुझे यह बहुत पसंद था।


गृहिणी की रसदार चूत को चाटकर झड़ाया तेल मालिश करने वाले ने अन्तर्वासना हिंदी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Grihini ki rasdaar choot ko chaatkar jhadaaya tel maalish karne waale ne :- यह सेक्स अनुभव मुझ गृहिणी के लिए जीवन बदलने वाला था। एक साधारण मालिश ने मेरे अंदर की कामुक औरत को जगाया जो सालों से सोई हुई थी। मैंने जाना कि शारीरिक सुख कितना ज़रूरी है और इसे दबाना गलत है। राहुल के साथ बिताए पल मुझे आज भी उत्तेजित कर देते हैं। मैं अब खुद को ज्यादा आत्मविश्वास वाली और कामुक औरत मानती हूँ। यह कहानी पढ़कर अगर आपको भी अपनी इच्छाएँ जागीं तो इसे जीने की कोशिश करें। ज़िंदगी छोटी है, सुख के पलों को मत छोड़ो। आपकी क्या राय है? कमेंट करके बताइए।

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