HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesदीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर

दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर

दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- दोस्तों मेरा नाम राधिका गुप्ता है, और मैं गाजियाबाद में अकेली रहती हूँ। यह कहानी उस दीपावली की रात की है, जब मेरे दामाद, विशाल, ने शराब पिलाकर मेरी चुदाई कर डाली। मेरे पति मुझे सालों पहले छोड़ गए, और मेरी बेटी, नेहा, विशाल के साथ दुबई में रहती है। दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर, और मैं वासना की आग में डूब गई। यह कहानी शर्मिंदगी, उत्तेजना, और हंसी-मजाक से भरी है, जिसमें मैंने हर पल को गहराई से बयान किया है। यह पूरी तरह काल्पनिक हिंदी सेक्स कहानी है, जो आपको उत्तेजित करेगी।


मेरा नाम राधिका है, और मैं गाजियाबाद के एक छोटे से फ्लैट में अकेली रहती हूँ। मेरी उम्र 42 साल है, लेकिन मेरी गोरी चमड़ी, भरे हुए बूब्स, और गोल चूतड़ मुझे 30 की दिखाते हैं। मेरा पति, रमेश, एक शराबी और रंडीबाज था, जिसने मुझे दस साल पहले छोड़ दिया। मैंने पड़ोस के जवान लड़के, अजय, के साथ चुदाई की, और पकड़ी गई, तो रमेश ने मुझे तलाक दे दिया। मेरी बेटी, नेहा, 25 साल की है, और अपने ऑफिस के सहकर्मी विशाल के साथ भागकर शादी कर ली। अब वो दोनों दुबई में रहते हैं। मैं यहाँ एक प्राइवेट कंपनी में क्लर्क हूँ, और अकेलेपन को शराब और गंदी गालियों से काटती हूँ।

विशाल, मेरा दामाद, 30 साल का है। लंबा, गोरा, और कसरती बदन वाला। उसकी आँखों में हवस की चमक है, जो किसी भी औरत की चूत गीली कर दे। वो दुबई में मैनेजर है, और दीपावली के लिए ऑफिस के काम से गाजियाबाद आया। नेहा हॉट है, पतली कमर और भरे हुए बूब्स के साथ, लेकिन इस कहानी में वो नहीं है। यह कहानी उस दीपावली की रात की है, जब दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर, और मैं वासना में डूब गई।

मुफ्त में पढ़ें दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

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दीपावली की दोपहर थी। मैंने लाल साड़ी पहनी थी, जो मेरे बदन पर चिपककर मेरी चूचियों और गांड को उभार रही थी। पल्लू बार-बार सरक रहा था, और मेरी गहरी नाभि चमक रही थी। मैं रंगोली बना रही थी, और विशाल मेरे बगल में रंग भर रहा था। उसने नीली जींस और सफेद शर्ट पहनी थी। उसकी आँखें मेरी चूचियों पर टिकी थीं। मैंने देखा, लेकिन अनजान बनी रही। मेरी चूत में सिहरन होने लगी।

विशाल बोला, “माँ जी, आपकी साड़ी तो आग लगा रही है।” मैं हँसी और बोली, “हरामी, चुप कर! तू तो मेरी चूत का दीवाना लग रहा है।” वो हँसा और बोला, “माँ जी, दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर, तो मज़ा आएगा ना?” मैंने हँसकर कहा, “साले, तू तो मेरी चूत का भुर्ता बनाने की सोच रहा है।” उसकी बात से मेरी चूत गीली होने लगी।

मेरा दामाद उठा और अपने बैग से व्हिस्की शराब की बोतल निकाल लाया। रसोई से दो ग्लास लिए और हम दोनों के लिए शराब के दो पेग बनाए। “माँ जी, लो, मुझे पता है तुम शराब और सेक्स की शौकीन हो।” मैंने ग्लास लिया और बोली, “कुत्ते, तू तो मेरी पोल खोल रहा है। चल, चियर्स!” हम सास और दामाद ने ग्लास टकराए और पेग पिया। शराब की गर्मी मेरे कामुकता से भरे बदन में फैल गई। घर के बाहर पटाखे फट रहे थे, और घर में दीये जगमगा रहे थे जो दामाद के साथ शराब पिने का मजा दो गुना कर रहे थे।

तीन पेग के बाद मैं नशे में बहकने लगी थी। विशाल मेरे पास आया और बोला, “माँ जी अभी मैं टीवी देख रहा था, आज दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर अपनी सास की ऐसा न्यूज़ पर चल रहा है, अपन भी करें क्या सेक्स जल्दी से बातो क्या कहती हो?” मैं हँसी और बोली, “साले, तू तो मेरी चूत को रंगीन करने का प्लान बना रहा है इस दीपावली की रात।” वो मेरे करीब आया और मुझे गले लगाया। “हैप्पी दीपावली, माँ जी,” उसने कहा। मैंने भी उसे गले लगाया, और मेरी चूचियाँ उसकी छाती से दबने लगीं। मेरे बदन में आग लग गई।

शराब का नशा और वासना की गर्मी

अचानक से मेरे दामाद ने मेरे नशीले होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मेरे नशीले होठों को चूसने लगा। मैं चौंकी, लेकिन नशे में थी। मैंने भी उसके होंठ चूसने शुरू किए। उसका मुँह शराब की बू से भरा था। वो बोला, “माँ जी, तुम्हारे होंठ तो नेहा से भी रसीले हैं।” मैं शरमाई और बोली, “चुप, मादरचोद! ये क्या कर रहा है?” लेकिन वो मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा। उसका लंड जींस में तन गया था, और मेरे चूतड़ों पर रगड़ रहा था।

मैंने खुद को छुड़ाया और बोली, “विशाल, ये गलत है। मैं नेहा को धोखा नहीं दे सकती।” लेकिन मेरी चूत गीली थी। मैं भागकर कमरे में गई और दरवाज़ा बंद किया। विशाल बाहर खटखटाने लगा। “माँ जी, डरो मत। दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर, ये तो मज़ा है।” मैंने चिल्लाया, “नहीं, ये पाप है।” लेकिन मेरे बदन में आग लगी थी। सालों बाद किसी मर्द का स्पर्श मुझे पागल कर रहा था।

विशाल ने कसम खाई, “माँ जी, अगर तुमने दरवाज़ा नहीं खोला, तो मैं मर जाऊँगा।” मेरा दिल पिघल गया। मैंने दरवाज़ा खोला और उसकी बाहों में समा गई। वो मुझे चूमने लगा, और मैं उसका साथ देने लगी। उसने मुझे बेडरूम में उठाकर ले गया। मेरी साड़ी खींच दी, और मैं ब्लाउज़ और पेटीकोट में थी। उसने मेरा ब्लाउज़ फाड़ा, और मेरी ब्रा से चूचियाँ आज़ाद हो गईं। मेरी गोरी चूचियाँ देखकर वो बोला, “माँ जी, ये तो स्वर्ग की मिठाई हैं।”

चूत की चुदाई का तूफान

वो मेरी चूचियों पर टूट पड़ा। मेरे निप्पल चूसने लगा, और मैं सिसकारियाँ भरने लगी। “आह, विशाल, धीरे, कुत्ते!” मैं चिल्लाई। उसने मेरी पेंटी उतारी और मेरी चूत को देखकर बोला, “माँ जी, ये तो रसीला आम है।” उसने मेरी चूत में उंगली डाली, और मैं पागल हो गई। मेरी चूत का पानी उसकी उंगलियों पर चमक रहा था।

मेरा शराब के नशे में धुत दामाद नीचे झुका और मेरी चूत चाटने लगा। उसकी जीभ मेरे चूत के दाने को रगड़ रही थी। मैं चिल्लाई, “विशाल बेटा, तू तो मेरी चूत का भुर्ता बना देगा चाट चाटकर!” मेरी चूत चाटने के बाद दामाद ने मेरी दोनों टाँगें फैलाईं और अपना 8 इंच का लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा। मैंने कहा, “हरामी, धीरे डाल, मेरी चूत फट जाएगी।” उसने एक झटके में लंड पेल दिया। मैं चीखी, “आह, मादरचोद, ये क्या किया!”

वो ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। मेरी चूचियाँ उछल रही थीं। मैं नीचे से गांड हिलाकर साथ दे रही थी। कमरे में छप-छप की आवाज़ थी। बाहर पटाखे फट रहे थे, और अंदर मेरी चूत की चुदाई चल रही थी। मैं चिल्ला रही थी, “चोद, विशाल, मेरी चूत फाड़ दे!” वो मेरी चूचियों को मसलते हुए बोला, “माँ जी, तुम तो रंडी से भी ज़्यादा मज़ा देती हो।”

रात भर की चुदाई और गंदी हंसी: घोड़ी बनकर चुदाई का मज़ा

मेरे दामाद ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाला। वहा मेरी चुदाई करते करते मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए बोला, “क्या गांड है, माँ जी आपकी! आपकी जवान बेटी, नेहा की गांड तो आपकी गांड के सामने बहुत फीकी है।” मैं हँसी और बोली, “साले, तू तो मेरी बेटी को भी चोद चूका है अब मुझे अपनी रखेल बना रहा है।” उसने मेरी चूत को और ज़ोर से पेला। मैं चिल्लाई, “मादरचोद, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे आज!” 40 मिनट तक डॉगी सेक्स पोजीशन में मेरी चूत को चोदने के बाद मेरे दामाद का वीर्य मेरी चूत में भर गया।

मैं अभी भूखी थी। मैंने कहा, “विशाल, और चोद, हरामी!” वो हँसा और बोला, “माँ जी, रुको, अभी और मज़ा लाता हूँ।” वो मेडिकल स्टोर से वियाग्रा ले आया और खाना ऑर्डर किया। मैं नंगी बेडशीट ओढ़े बैठी थी। वो आया, कपड़े उतारे, और हम नंगे होकर खाना खाने लगे। खाते-खाते वो मेरी चूचियों को दबाने लगा, और मैं उसका लंड सहलाने लगी।

वियाग्रा खाने के बाद उसका लंड फिर तन गया। उसने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी चूत में लंड पेल दिया। मैं चिल्लाई, “विशाल, तू तो मेरी चूत का कचूमर निकाल देगा!” वो हँसते हुए बोला, “माँ जी, दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर, ये तो बस शुरुआत है।” उसने मुझे मिशनरी, डॉगी, और काउगर्ल पोज़ में चोदा।

रात भर हमने चुदाई की। बीच-बीच में गंदी गालियाँ देकर हँसते थे। मैंने कहा, “विशाल, तू तो मेरी चूत का जन्मजात हकदार है।” वो हँसा और बोला, “माँ जी, ये चूत तो मेरे लिए बनी है। मैं तुम्हें दुबई बुलाकर चोदूँगा।” मैंने हँसकर कहा, “साले, तू तो अपनी सास को रंडी बना देगा।”

सुबह तक हमने चार बार चुदाई की। मेरी चूत सूज गई थी, लेकिन मज़ा ऐसा था कि मैं थकने को तैयार नहीं थी। विशाल ने कहा, “माँ जी, तुम मेरी ज़िंदगी की बेस्ट चुदाई हो।” मैंने शरमाते हुए कहा, “चुप, हरामी। नेहा को पता चला, तो वो मुझे रंडी कहेगी।”

दामाद के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के बाद अपराधबोध और उत्तेजना का मिश्रण

सुबह विशाल नंगा मेरे बगल में सो रहा था। उसका लंड आधा तना हुआ था। मैंने सोचा, “राधिका, तूने क्या कर दिया?” नेहा का चेहरा मेरे सामने आ रहा था। मैंने खुद को कोसा, “तू कितनी गंदी औरत है।” लेकिन मेरी चूत में अभी भी सिहरन थी। विशाल उठा और बोला, “माँ जी, ये हमारा राज़ है।” मैंने कहा, “विशाल, ये गलत था, लेकिन तूने जो मज़ा दिया, वो मैं नहीं भूलूँगी।” उसने हँसकर कहा, “माँ जी, मैं फिर आऊँगा। तुम्हारी चूत का कर्ज़ा चुकाना है।”

मेरा दामाद गया, और मैं मन ही मन सोचने लगी की दामाद के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी सगी बेटी नेहा को धोखा देना गलत था, लेकिन मेरे बदन की भूख ने मुझे मजबूर किया अपने दामाद के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए। करीब दस दिन बात विशाल ने मेरे मोबाइल फोन पर कॉल करा और बोला, “माँ जी, मैंने तुम्हारा दुबई के लिए वीज़ा अप्लाई कर दिया है और अब आप हमारे साथ दुबई में ही रहना और मौका पाकर हम दोनों अपनी अन्तर्वासना शांत कर लिया करेंगे।” मैं हँसी और मेरे दामाद से बोली, “साले हरामी, तू तो मुझे अपनी रखैल बना लेगा दुबई में।” मेरी बात सुनकर मेरा दामाद जोर जोर से हंसने लग गया…


दीपावली की रात दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

यह सास दामाद की हिंदी सेक्स स्टोरी उस दीपावली की रात की है, जब दामाद ने चुदाई कर डाली शराब पिलाकर अपनी माँ समान सास की। मैंने वासना के आगे हार मानी, और हर धक्के में मज़ा लिया। लेकिन नेहा के प्रति अपराधबोध मेरे मन में रहा। मैंने सोचा, सेक्स मज़े के लिए है, और मैंने वो मज़ा लिया। क्या मैं फिर से विशाल के साथ ऐसा करूँगी? ये सवाल मेरे मन में है। आपको यह हिंदी सेक्स कहानी कैसी लगी? क्या राधिका का किरदार वास्तविक लगा? क्या विशाल की हरकतें उत्तेजक थीं? क्या गंदी गालियों और हंसी का मिश्रण पसंद आया? कृपया अपनी राय साझा करें।

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