HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesनशे में धुत्त तीन अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स

नशे में धुत्त तीन अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स

दोस्तों आज की इस अन्तर्वासना सामूहिक चुदाई की हिंदी सेक्स स्टोरी मैं मैं आप सभी को बताऊंगा की कैसे मैंने बीयर बार में मिली नशे में धुत अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स किया और अपनी कामवासना शांत करी. चलिए अब सेक्स कहानी प्रारंभ करते हैं. दोस्तों मेरा नाम गिरीश गुप्ता है, और मैं एक अविवाहित युवक हूँ. मुझे एक ऐसी आदत है जिसे मैं गलत मानता हूँ – ब्लू फिल्में देखकर हस्तमैथुन करना. इसके अलावा, मेरे पास कुछ सेक्स टॉयज भी हैं, जिनका उपयोग मैं अक्सर करता हूँ. एक बार की बात है, मैं अपने चचेरे भाई से मिलने के लिए केरल जा रहा था. मैं उसे सरप्राइज देना चाहता था, इसलिए मैंने उसे अपने आने की सूचना नहीं दी. जब मैं वहाँ पहुँचा, तो मेरे चचेरे भाई का फोन नेटवर्क से बाहर था. उनके घर पहुँचने पर, मैंने देखा कि घर का दरवाजा बंद था और ताला लगा हुआ था. मैंने घर के पास बने बगीचे में कई घंटे इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए. रात हो चुकी थी, इसलिए मैंने सोचा कि किसी होटल में रुक जाता हूँ और अगले दिन फिर कोशिश करूंगा.

उस रात मुझे बहुत भूख लगी थी, इसलिए मैंने होटल के कमरे में फ्रेश होकर डिनर करने का निर्णय लिया. मुझे डिनर से पहले शराब पीने की आदत थी, और संयोग से, उस होटल में एक बड़ा बीयर बार भी था. मैं वहाँ गया और वहाँ मैंने तीन अजनबी महिलाओं को देखा. वह तीनो ही दिखने में काफी ज्यादा सुन्दर और सेक्सी थीं. उन्हें देखकर मेरे मन में उनकी चुदाई करने के ख्याल आने लगे और उन अश्लील ख्यालों की वजह से अब मेरा लौड़ा भी पेंट के अंदर खड़ा हो चूका था और अब मुझे हस्तमैथुन करने की जरुरत महसूस हो रही थी. मैं उन्हें एक टक लगाये देख रहा था, और वे भी मुझे देखकर मुस्कुरा रही थीं. कुछ देर बाद, हमारी शराब पार्टी समाप्त हुई, और मैं बिल चुकाकर लिफ्ट की ओर बढ़ा. वे तीनों महिलाएँ भी मेरे साथ लिफ्ट में आ गईं. उन्हें लिफ्ट में देखकर मेरा फिर से चुदाई करने का मन हो उठा मगर अपनी अन्तर्वासना को मैंने काबू में करा और फिर मैंने उनसे पूछा कि वे किस फ्लोर पर जा रही हैं. उन्होंने जवाब दिया कि वे 10वें फ्लोर पर जा रही हैं. संयोग से, मेरा कमरा भी उसी फ्लोर पर था.

बीयर बार में मिली अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स करा नशे में अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

बीयर बार में मिली अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स करा शराब के नशे में अन्तर्वासना सामूहिक चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी
बीयर बार में मिली अजनबी औरतों के साथ होटल में ग्रुप सेक्स करा शराब के नशे में अन्तर्वासना सामूहिक चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी

लिफ्ट का दरवाजा खुलते ही मैं अपने कमरे की ओर चल पड़ा. मैंने देखा कि वे तीनों महिलाएँ भी लगभग मेरे साथ ही चल रही थीं और उन्होंने मेरे कमरे के ठीक सामने वाले कमरे का दरवाजा खोला. यह मेरे लिए एक आश्चर्यजनक संयोग था. मैंने उन्हें देखकर गुड नाइट कहा, और उन्होंने भी वैसा ही जवाब दिया. इसके बाद, हम सभी अपने-अपने कमरों में चले गए. कमरे में जाकर मैं उन तीनों में से सबसे आकर्षक महिला के बारे में सोचने लगा. उसके बारे में सोचते हुए मैंने अपने आप को उत्तेजित कर लिया. वह एक गठीले शरीर वाली महिला थी, जिसकी आकृति बहुत ही आकर्षक थी. उसके बारे में सोचते हुए मुझे पूरी रात नींद नहीं आई.

अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो मेरे मन में उन महिलाओं के साथ कुछ करने का विचार आया. सुबह नाश्ते के समय मैंने उस आकर्षक महिला को देखा. मैंने उसे गुड मॉर्निंग कहा, और उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया. इसके बाद, हमारे बीच बातचीत शुरू हो गई. मैंने उन अजनबी औरतों से पूछा की क्या आप लोग इसी शेहर से हो? उन अजनबी औरतों में से एक ने मुझे जवाब दिया की नहीं हम लोग बेंगलोर हे हे? फिर उन्होंने मुझसे पुचा की तुम कहा से हो? मैंने उन्हें बताया की मैं हैदराबाद से हूँ और इधर केरल में अपने चचेरे भाई से मिलने आया हुआ हूँ मगर उसका फोन स्विचऑफ आ रहा है और उसके घर पर भी ताला लगा हुआ है इस कारण से मुझे होटल में रुकना पड़ा.

फिर मैंने भी उन अजनबी औरतों से पूछा की आप सब इधर किसी काम से आये हुए हो ??? तब उन्होंने मुझे बताया की बह सभी इधर किसी शादी में आये हे. फिर उन अजनबी औरतों ने मुझसे बोला की अब अपने चचेरे भाई को फोन करके देखो क्या पता अब उनका कॉल लग जाये. फिर मैंने मेरे चचेरे भाई को कॉल लगाया और वास्तव में उसका फोन लग गया. मैंने उसे कॉल कर के कहा की मैं कल रात से होटल में रुका हुआ हूँ तो मुझे पिक कर लो. लेकिन उस बहन के लंड ने कहा की अरे हम लोग तो मैसूर आये हे मेरे मामा की बेटी की शादी में. मैंने कहा, ओह माय गॉड मतलब मेरा आना बेकार हो गया. वो बोला साले पहले बोला क्यूँ नहीं की तू गोवा आ रहा हे.

मैंने कहा अरे भाई मैं तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था. फिर मैंने कहा डोंट वरी तुम लोग एन्जॉय करो मैं वैसे भी घुमने ही आया था. फिर मैंने फोन रख दिया और फिर वापस से उन अजनबी औरतों से बातें करना शुरू कर दिया. फिर मैं उठकर अपने रूम की तरफ जाने लगा तो उन तीन अजनबी औरतों में से एक मेरे साथ साथ मेरे रूम तक बातें करते हुए गयी. मैंने उससे पूछा की तुम्हारे साथ में और दो महिलाएं हैं वो कौन हे? वो बोली की ओह.. वो दोनों तो मेरी बेस्ट फ्रेंड हे और मेरे साथ ही शादी एन्जॉय करने के लिए आई हुई हैं. फिर मैं उसे अलविदा शाम को मिलते हैं ऐसा बोलकर अपने रूम में आराम करने के लिए चला गया. शाम को जैसे ही मैं मेरे रूम से निकला तो बही तीनों अजनबी औरतों पर मेरी नजर पड़ी.

उनकी आँखे एकदम लाल थी शायद उन लोगों ने खूब जमकर ड्रिंक करी थी होटल के अंदर बने बीयर बार में. नशे की हालत में उन तीनो अजनबी औरतों के कपड़े अस्त वियस्त हो रखे थे जिस वजह से मुझे उन तीनो अजनबी औरतों के बड़े बड़े स्तन बिलकुल साफ साफ़ नजर आ रहे थे इस वजह मेरे अंदर अन्तर्वासना जाग उठी और मेरा मन उन तीनो अजनबी औरतों को ग्रुप में चोदने का करने लगा. उन्होंने भी मुझे देख लिया था तो उन्होंने मुझे भी उनके साथ शराब पार्टी करने के लिए आमंत्रित कर लिया. फिर हम लोग शराब पार्टी करने के लिए होटल में बने बीयर बार में चले गए हो हम सभी ने खूब जमकर शराब का सेवन करा. उन अजनबी औरतों ने चार पांच शॉट्स लिए होंगे और उन्हें चढ़ गई. मैंने भी शराब पी थी लेकिन मुझे अभी ज्यादा नशा नहीं हुआ था. कुछ देर में वो तीनो नशे में टल्ली हो चुकी थी.

फिर मैं नशे में झूम रही उन अजनबी औरतों को मेरे रूम में ही ले गया क्योंकि आज मुझे उन अजनबी औरतों के साथ ग्रुप सेक्स करने का सही मौका मिल चूका था. सेक्स करने के लिए सबसे पहले मैंने उन अजनबी औरतों के पैरों से सेंडल वगेरह निकाले. तभी उनमे से एक महिला को उलटी आ गई. वो टॉयलेट की तरफ उलटी करने के लिए भागी तेजी से भागी. मैं भी उसके पीछे गया और उसे उलटी करवाने के बाद निम्बू चटाया. उस नशे में धुत कामुक महिला को ठंड सी लग रही थी और वो मेरे से लिपट गई. जैसे ही मेरा शरीर उस महिला के कामुक जिस्म से टकराया तो मेरे अंदर कामवासना जाग्रत हो उठी. वो महिला अभी भी शराब के नशे में टल्ली सी ही थी इस लिए उसे अहसास ही नहीं था की वो क्या कर रही है.

मैंने मौके का फायदा उठाया और उस नशे में धुत्त अजनबी महिला के लाल लाल होंठो को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा. वह नशे में धुत्त महिला भी चुम्मा चाटी करने में मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी. फिर मैंने किस करना रोक दिया तो उस नशे में धुत्त महिला ने मेरे कान में धीरे से बोला की मेरी बुर में बहुत ज्यादा खुजली हो रही है और इस जालिम बुर की खुजली को शांत करने के लिए मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है. मैंने कहा की मेरा लंड भी तो तुम्हारी बुर की राह देख रहा है मेरी जान. फिर मैंने उसके और उसकी सहेलियों के साथ मिलकर ग्रुप सेक्स करने की इच्छा जाहिर करी. फिर मैंने उससे पूछा की क्या तुम अपनी दो सहेलियों को ग्रुप सेक्स करने के लिए राजी कर सकती हो. उसने बोला की बस इतनी सी बात ये तो मेरे बाये हाथ का खेल है हम तीनो तो पहले भी कई बार लेस्बियन ग्रुप सेक्स कर चुकी हैं. फिर हम दोनों वापस बिस्तर वाली जगह पर आये तो वहां वो दोनों महिलाएं आधी बेहोश सी पड़ी हुई थी. उस महिला ने अपनी दोनों सहेलियों को बताया की चलो साथ में मिल कर ग्रुप सेक्स करते हे.

अब मैं भी अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए बिस्तर में आ गया और फिर मैंने सब को एक एक किस दे दी. पहले उन दोनों ने थोड़ी झिझक सी दिखाई लेकिन फिर वो भी मूड बना चुकी थी अपना अपना. फिर तीनो में से एक लेडी मेरे ऊपर आ गई. मेरे सभी तरफ ये लेडिज थी. मैंने एक के बूब्स को पकड़ के मसले और वो तिलमिला सी गई. दूसरी की गांड को पकड़ के मैं दबाने लगा था. उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी और स्कर्ट ऊपर होते ही उसकी गांड नंगी ही थी. मैंने अपनी दो ऊँगली को उसकी गांड के छेद में घुसा दी और वो मचल गई. मेरा लंड एकदम कड़ा हो चूका था. मैंने अब ग्रुप सेक्स करने के लिए शराब के नशे में धूत उन सभी महिलाओं एक एक कर के नंगा कर दिया.

तीनो में से दो ने पेंटी पहनी थी और ब्रा सब ने. ग्रुप सेक्स करने के लिए मैं बिलकुल पागल से हो चूका था इस लिए मैंने उनकी ब्रा पेंटी को भी निकाल फेंका. फिर मैं भी अपने सब कपडे खोल के एकदम न्यूड हो गया. फिर एक को पकड के मैंने उसके होंठो पर जोर जोर से किस किया. फिर जिस लेडी की चुदाई करने का मेरा पहले से मन था उसकी चूत के ऊपर मैंने अपना लंड रख दिया. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और मैं लोडे को उसकी चूत के ऊपर घिसने लगा था. बाकी की दो लेडी कह रही थी डाल से अनुष्का के भोसे में लंड को अपने. और वो दोनों अभी भी मुझे किस कर रही थी और मेरे बदन को अपने हाथ से गरम कर रही थी.

मैंने अपना खड़ा लंड उसकी टाइट चूत में घुसा दिया और अपनी कमर को हिला के उस नशे में धुत्त अजनबी महिला को पुरे जोश के साथ चोदने लगा. आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईइ अह्ह्ह्ह यस याहह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह अयय्य्य्हह्ह्ह्ह हम दोनों के मुहं से नीकल रहा था. उसकी चूत मैंने सोचा था उस से ज्यादा ही ढीली थी और मेरा लंड फच फच के साउंड के साथ अंदर बहार हो रहा था. वो भी बूब्स हिला हिला के मरवा रही थी अपनी चूत को. तभी मुझे लगा की मेरा वीर्य छटकने को हे. मैंने कहा तो उसने कहा अन्दर ही निकाल दो कोई प्रॉब्लम नहीं हे. मैंने अपने झटके तेज कर दिए और दूसरी ही मिनिट मेरे लंड से ढेर सारा पानी निकल के उसकी चूत को भिगो गया. मैंने धीरे से अपने लंड को निकाला तो वो तीनो ने उसे चूस के और चाट के एकदम क्लीन कर दिया.

अब दूसरी अंजन महिला की चूत को चोदने की बारी थी. वो पहली वाली से थोड़ी पतली थी और उसकी चूत कुछ ज्यादा ही टाइट नजर आ रही थी. लेकिन उसके बूब्स काफी ज्यादा बड़े थे. उसके बड़े मोटे स्तनों को देख मेरा दिल उसके स्तनों को चूसने का करने लगा. फिर मैंने उसके बूब्स को मुहं में ले लिए और वो मेरे लंड को अपने हाथ में ले के उसे स्ट्रोक करने लगी. पांच मिनिट में उसके हाथ से और मुहं से मेरा लंड फिर से कडक हो गया. मैंने उसे कहा मैं तुम्हे घोड़ी बनाऊंगा मेरी जान. वो खुद ही चुदने के लिए मेरे सामने घोड़ी बन गई. मैंने पीछे से उसकी चूत को चाटी और थूक लगाकर बिलकुल चिकनी कर दी. फिर चुदाई करने से पहले मैंने मैंने खड़े लंड को उस घोड़ी बनी महिला की बुर के ऊपर थपथपा दिया. फिर धीरे से अन्दर डाला तो आराम से घुस गया. ये बेन्चोद लेडी का भोसड़ा भी खुला हुआ था.

मैंने उसके ऊपर चढ़ के डॉगी सेक्स पोजीशन में उसे कम से कम 10 मिनिट तक पुरे जोश के साथ चोदा. बाकी की दो कभी मेरी जांघ को किस करती थी तो कभी खड़े हो के मेरे होंठो को. और बिच बिच में वो एक दुसरे के साथ लेस्बियन सेक्स भी कर रही थी और एक दुसरे के बूब्स और चूत को भी प्यार करती थी. मैंने घच घच कर के इस लेडी को और पांच मिनिट चोदा और फिर से अपने लंड का पानी उसकी भोसड़ी में ही निकाला. अब मैं थोडा थका था. मैंने उसके छेद से लंड निकाल के सिगरेट जलाई. हम चारों ने साथ में मिल के सिगरेट फूंकी. अब तीसरी वाली की चूत को लंड की लगन लागी हुई थी. उसको मैंने कहा तुम मेरे लंड पर सवारी करोगी मेरी जान. वो बोली, यस क्यूँ नहीं. मैंने तीनो को लंड चुसाया फिर से. इस बार लंड को खड़ा होने में ज्यादा ही टाइम लग गया. फिर मैंने लंड को निचे लेट के ऊपर कर के लेटा और वो तीसरी लेडी मेरे ऊपर चढ़ गई.

उस नशे में धुत्त अनजान महिला के बूब्स दबा के मैंने निचे से एकदम जोर जोर के धक्के मारे. वो भी किसी धंधा करने वाली रंडी के जैसे अपनी सेक्सी गांड और कमर को हिला हिला के मेरे कड़क लंड का पूरा आनंद ले रही थी. पांच मिनिट उसे अपने खड़े लंड की सवारी करवाने के बाद मैंने उसे कहा चलो तुम भी कुतिया बनो मेरी जान. उसने घोड़ी बन के अपनी चूत को फैलाया. लेकिन मैंने कहा आगे नहीं पीछे डालूँगा. इतना कह के मैंने उसकी गांड पर थूंक दिया और अपने लंड को उस नशे में धुत महिला की टाइट गांड में डाला. वो बेतहाशा दर्द के मारे तिलमिलाने लगी. वो गांड चुदाई का विरोध करती उससे पहले मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस चूका था और उसकी गांड मारने के लिए बिलकुल तैयार था. मैं पुरे लंड को बहार निकाल के वापस उसकी गांड में देता था और जब पूरा लंड अंदर जा के मेरे बॉल्स उसकी चूत पर घिसते थे तो उसके मुहं से एक दर्द भरी आह निकल जाती थी जो गांड चुदाई का मजा बढ़ा रही थी.

मैंने दोनों हाथ से उस अजनबी महिला की गांड को पूरा खोला हुआ था ताकि उसे गांड मरवाने में कम से कम दर्द हो और अधिक से अधिक आनंद की प्राप्ति हो. पांच मिनिट तक गांड मारने के बाद मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकल पड़ी. जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी गांड से निकाला तो मेरा गरमा गर्म वीर्य उसकी गांड के छेद से बहार निकलकर टपकने लगा. मैंने वापस से थूक लगाकर अपने खड़े लंड को उस महिला की गांड के छेद में पेल दिया और कुछ देर उसकी गांड फिर से मारी. गांड चुदाई के दौरान उसकी गांड का छेद और मेरे लंड का सुपाड़ा दोनों बिलकुल लाल हो चुके थे. वो अनजान महिला भी थक चुकी थी मेरे लम्बे मोटे लंड से अपनी गांड की चुदाई करवाते करवाते.

करीब आधे घंटे की गांड चुदाई के बाद मैंने उस घोड़ी बनी हुई अजनबी महिला की गांड के छेद से मेरा लंड बहार निकाल के ब्लोजॉब करवाने के लिए उस कामुकता से भरी महिला के मुंह में दे दिया और वो बड़े मजे से मेरे लंड को चाटने लगी. फिर कुछ देर के लिए हम लोग नंगे ही लेट गए. रात को करीब डेढ़ बजे हम सब वापस उठे और फिर से ग्रुप सेक्स करने लग गए. उस रात हम सभी ने मिलकर तीन बार ग्रुप सेक्स करा था. मैं उन अजनबी महिलाओं के साथ उस होटल में करीब सात दिनों तक रुका और उस दौरान हमने हर दिन कम से कम चार बार ग्रुप सेक्स करा. दोस्तों ये मेरे जीवन का पहला ग्रुप सेक्स था और सच में मुझे इन सब में बहुत आनंद आया. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी यह अन्तर्वासना सामूहिक चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी बहुत पसंद आई होगी और आप इस हिंदी सेक्स कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करेंगे…

RELATED ARTICLES

You Must Watch