मुफ्त में पढ़ें वो रात जब मैंने टीचर से स्टूडेंट की रंडी बनना स्वीकार किया पटना के गुप्त गेस्ट हाउस में अन्तर्वासना हिंदी XXX सेक्स कहानी – Muft mein padhein Wo raat jab maine teacher se student ki randi banna sweekar kiya Patna ke gupt guest house mein antarvasna Hindi XXX sex kahani – Read for free That night when I accepted becoming a whore for the teacher as a student in a secret guest house in Patna Erotic Hindi XXX sex story full of inner lust …
गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 3 का दरवाज़ा बंद होते ही अमन ने मुझे दीवार से लगाकर ज़ोर से चूमा। उसके होंठों की गर्मी मेरे पूरे शरीर में बिजली की तरह दौड़ गई। मैं 32 साल की एक शादीशुदा टीचर थी और वो मेरा 22 साल का स्टूडेंट, लेकिन उस पल मुझ टीचर की सारी मर्यादाएँ पिघल चुकी थीं।
अमन की उंगलियों ने मेरी साड़ी का पल्लू सरका दिया और मेरे 36D के बोबों पर उसकी गर्म हथेलियाँ पड़ते ही मेरी चूत से रस टपकने लगा। मैं खुद को रोक नहीं पाई और ज़ोर से हाँफने लगी। उसकी आँखों में मेरे लिए वो जंगली भूख थी जो मेरा पति प्रकाश सालों में नहीं दिखा पाया था।
वो रात जब मैंने टीचर से स्टूडेंट की रंडी बनना स्वीकार किया पटना के गुप्त गेस्ट हाउस में अन्तर्वासना हिंदी XXX सेक्स कहानी

मैं नीरजा शर्मा, पटना के एक प्रतिष्ठित स्कूल की सीनियर टीचर, जिसे सब मैडम जी कहकर सिर झुकाते थे। लेकिन अब मैं अपने ही छात्र के सामने अपने चुचे नंगे कर चुकी थी और अपनी फुद्दी में उसकी उंगलियाँ चाह रही थी। आज से 2 हफ्ते पहले तक मैंने ऐसी किसी भी हरकत की कल्पना भी नहीं की थी।
2 हफ्ते पहले क्लास में एक स्टूडेंट ने पहली बार मुझे अपनी तीखी नज़रों से घूरा था और उस स्टूडेंट का नाम अमन था। उस दिन मैंने पिंक ब्लाउज़ पहना था और मेरे बोबों की दरार थोड़ी ज़्यादा दिख रही थी। मैंने उस स्टूडेंट को डाँटने की कोशिश की लेकिन मेरी अपनी चूत में एक अजीब सी गुदगुदी हुई। फिर उसने मुझे एक कागज़ पर लिखकर दिया, “मैडम, आपके बूब्स बहुत हॉट हैं मगर आपकी गांड तो उससे भी ज्यादा सेक्सी है।”
उस नोट ने मेरे अंदर की दबी हुई कामुक औरत को जगा दिया। मैं रात भर अपने पति प्रकाश के साथ सोने के बावजूद सिर्फ अमन के बारे में सोचती रही। प्रकाश का मोटा पेट और उसका बदबूदार पसीना मुझे उल्टी जैसा लगता था, जबकि अमन का जवान शरीर मेरे ख्यालों में मेरी चूत को रसदार बना रहा था।
अगले दिन मैंने खुद ही क्लास के बाद अमन को बुलाकर एक कोने में चुपके से कहा, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?” लेकिन मेरी आवाज़ में शिकायत से ज़्यादा उत्तेजना थी। उसने बिना डरे सीधे मेरी आँखों में देखा और बोला, “मैडम, मैं आपको चोदना चाहता हूँ, बहुत दिनों से।” मेरी साँस रुक गई और मेरे निप्पल तुरंत खड़े हो गए।
मैंने हड़बड़ाकर इधर-उधर देखा कि कोई सुन तो नहीं रहा। फिर मैंने फुसफुसाते हुए कहा, “पागल हो गए हो? मैं तुम्हारी टीचर हूँ, शादीशुदा हूँ।” लेकिन उसने मेरी कलाई पकड़ ली और बोला, “तो क्या हुआ, मैं आपकी टाइट चूत की भूख मिटाना चाहता हूँ।” ये सुनते ही मेरी चूत का रस मेरी पैंटी तक भिगोने लगा।
उस शाम मैं घर पहुँची तो प्रकाश हमेशा की तरह टीवी के सामने बैठा था। मैंने बाथरूम में जाकर अपनी बालों वाली चूत को शीशे में देखा और सोचा कि आखिरी बार प्रकाश ने इसे कब चूमा था। मेरे अंदर एक तूफ़ान उठ रहा था और मैंने उसी रात फैसला कर लिया कि अब मैं सिर्फ एक सम्मानित पत्नी नहीं, बल्कि एक भूखी रांड भी बनूँगी।
अगले 2 दिनों में अमन और मेरे बीच कई गुप्त मैसेज हुए। उसने मुझे बताया कि उसने पटना के बाहरी इलाके में एक सस्ता गेस्ट हाउस ढूँढ लिया है जहाँ कोई पहचान नहीं माँगता। मैंने शुक्रवार की शाम 5 बजे वहाँ आने की हामी भरी और फिर पूरे 3 दिन तक मेरी चूत सिर्फ उसी पल का इंतज़ार करती रही।
शुक्रवार सुबह मैंने प्रकाश को बताया कि मुझे स्कूल की मीटिंग के लिए लेट हो जाऊँगी। मैंने जानबूझकर अपनी सबसे पतली क्रीम कलर की साड़ी और बिना ब्रा का ब्लाउज़ पहना। ऑटो से जाते वक्त हर झटके पर मेरे बोबे उछल रहे थे और मैं सोच रही थी कि ये आखिरी मौका है पीछे हटने का, लेकिन मैं नहीं हटी।
गेस्ट हाउस पहुँचकर मैंने सीधे कमरा नंबर 3 का दरवाज़ा खटखटाया। अमन ने दरवाज़ा खोला और मुझे अंदर खींच लिया। उसके बदन से नहाए हुए साबुन और एक अजीब जंगली पसीने की खुशबू आ रही थी, जो मेरी नाक में घुसकर सीधे मेरी चूत को गीला कर गई।
उसने बिना एक शब्द बोले मेरी साड़ी का पल्लू हटाकर मेरे बोबों पर अपना मुँह रख दिया। उसके गर्म होंठ जब मेरे तने हुए निप्पल पर पड़े तो मैं चीख पड़ी। उसने मेरे निप्पल को बुरी तरह चूसना शुरू किया और मेरी गांड पर अपनी उंगलियाँ गड़ा दीं।
मैंने उसके बाल पकड़ लिए और ज़ोर से कराह उठी। “अमन… धीरे… मेरी चूचियाँ बहुत सेंसिटिव हैं,” मैंने सिसकारी भरते हुए कहा। लेकिन उसने और ज़ोर से चूसते हुए कहा, “चुप रहो रंडी, आज तुम्हें अपनी छिनालपन की सज़ा भुगतनी होगी।” ये गाली सुनकर अजीब बात है कि मेरी चूत ने और रस छोड़ दिया।
उसने मुझे बिस्तर पर पटक दिया और मेरी साड़ी पूरी तरह उतार फेंकी। अब मैं सिर्फ अपनी गीली लाल पैंटी में उसके सामने लेटी थी। मेरी झांट के बाल पैंटी के किनारों से झाँक रहे थे और मेरी जाँघें अपने आप खुलती जा रही थीं।
अमन ने झुककर मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर अपनी जीभ फेरी। गीले कपड़े और उसकी लार की गर्मी ने मुझे पागल कर दिया। मैंने खुद ही अपनी पैंटी उतार दी और अपनी उँगलियों से अपनी रसदार चूत की फाँकें खोलते हुए बोली, “ले, चाट इसे, यही तो चाहिए तुझे।”
उसने मेरी बालों वाली चूत को दोनों हाथों से फैलाकर अपनी जीभ सीधे मेरे चूत के छेद में डाल दी। उसकी जीभ मेरे भोसड़े के अंदर तक जा रही थी और मैं चिल्ला-चिल्लाकर अपने कुल्हे उछाल रही थी। उसने मेरे चूत के रस को ऐसे पिया जैसे सालों का प्यासा हो।
फिर अमन ने ऊपर आकर मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और मैंने अपनी ही चूत का नमकीन-खट्टा स्वाद चखा। उसी के साथ मैंने उसकी पैंट की ज़िप खोलकर उसका तना हुआ लंड बाहर निकाल लिया। वो मोटा लौड़ा देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं, कम से कम 7 इंच का काला और मोटा लंड जिसकी नसें फूल रही थीं।
मैंने लालच से उसके लंड के गोटे को पकड़ा और अंडकोष की थैली को सहलाने लगी। उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपने लौड़े पर दबा दिया। मैंने पहले उसके लंड के ऊपरी सिरे को चूमा और फिर धीरे-धीरे पूरा लम्बा लंड अपने मुँह में भर लिया। मेरी साँस घुट रही थी लेकिन उसका स्वाद मुझे रोक नहीं पा रहा था।
“हाँ… इसी तरह… मेरा लंड चूसो, मैडम जी,” अमन कराह उठा। मैंने हाथ से उसके लंड के बेस को पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से मुखमैथुन (Oral Sex) करना शुरू किया। मेरी लार उसके लंड पर बह रही थी और कमरे में चूसने की गीली आवाज़ें गूँज रही थीं। मेरी चूत से लगातार रस टपककर बिस्तर की चादर गीली कर रहा था।
कुछ मिनटों के ब्लोजॉब के बाद अमन ने मुझे उठाकर दीवार से लगा दिया और मेरी एक टांग उठाकर अपने कंधे पर रख ली। फिर एक ही झटके में अपना पूरा मोटा लंड मेरी टाइट चूत में घुसेड़ दिया। मेरे भोसड़े में दर्द और मज़े का ऐसा झटका लगा कि मेरी चीख कमरे की खिड़कियाँ हिला गई।
वो जंगली होकर मेरी चुदाई करने लगा। हर झटके के साथ मेरे बोबे उछल रहे थे और मैं उसकी पीठ पर नाखून गड़ाए जा रही थी। “चोदो मुझे… और ज़ोर से चोदो मेरी बुर,” मैं चिल्लाई। उसने मेरी गांड पर एक ज़ोरदार तमाचा मारा और बोला, “चुप करो वेश्या, पूरा गेस्ट हाउस सुन लेगा और सभी को पता चल जायगा की आज होटल में एक टीचर अपने ही स्टूडेंट की रंडी बनकर चुदवा रही।”
फिर उसने मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरी टाँगें मेरे सिर के पास दबा दीं और अपना लंड मेरी चूत में पूरी ताकत से ठोकने लगा। मेरे अंदर से चिपचिपा माल निकलकर उसके लंड पर लग गया था और आवाज़ और भी गीली होती जा रही थी। मैं बार-बार अपनी आँखें घुमा रही थी और मेरे मुँह से सिर्फ असभ्य गालियाँ निकल रही थीं।
उसने अचानक अपना लंड निकालकर मुझे उल्टा कर दिया और मेरी बड़ी गांड ऊपर कर दी। फिर उसने अपनी उंगली थूक से गीली करके मेरे गांड के छेद पर लगाई। मैं चौंकी लेकिन मना नहीं किया। उसने धीरे से अपनी उंगली अंदर डाली और मैंने अपने चूतड़ भींच लिए।
“आज तो मैं तुम्हारी गांड भी चोदूँगा, नीरजा,” उसने मेरे कान में फुसफुसाया। मैंने डर और उत्तेजना से काँपते हुए हाँ कह दी। उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर लगाकर धीरे-धीरे दबाव डाला और एक झटके में अंदर कर दिया। मेरी चीख और उसकी कराह एक साथ गूँज उठी।
वो मेरी गांड को बुरी तरह चोद रहा था (Anal Sex) और मैं अपने मुँह से तकिया दबाकर अपनी आवाज़ रोकने की कोशिश कर रही थी। मेरे बोबे तकिये से रगड़ खाकर और भी तन गए थे। हर धक्के के साथ मेरा पूरा बिस्तर हिल रहा था और मेरे अंदर से आवाज़ें आ रही थीं जैसे कोई गीला कपड़ा पटक रहा हो।
कुछ देर गुदा सेक्स करने के बाद उसने अपना लंड निकाला और मुझे सीधा लिटाकर मेरे ऊपर आ गया। इस बार मेरे हवसी स्टूडेंट ने बहुत प्यार से मेरे माथे को चूमा और धीरे-धीरे मेरी चूत में अपना लंड डालकर आराम से चुदाई करने लगा। उसकी गति अब प्रेमी वाली हो गई थी और मेरी आँखों में आँसू आ गए।
“आई लव यू, मैडम,” उसने मेरे होंठों पर होंठ रखकर कहा। मैंने उसे अपनी बाँहों में कसकर जवाब दिया, “आई लव यू टू, मेरे रंडीबाज।” फिर उसने अपनी गति तेज़ की और मैंने अपने पैर उसकी कमर से लपेटकर उसे पूरा अंदर खींच लिया। 2 मिनट के अंदर ही उसने मेरे अंदर अपना गर्म शुक्राणु छोड़ दिया और मैं भी एक ज़बरदस्त संभोग के झटके में तड़प उठी।
हम दोनों पसीने से लथपथ एक-दूसरे से लिपटे पड़े थे। तभी अमन ने अपना फोन उठाया और बोला, “चलो, इस पल की एक यादगार बना लें।” मेरी सारी समझदारी चुदाई में बह चुकी थी, इसलिए मैंने बिना सोचे-समझे हाँ कह दी। उसने मेरा चेहरा छिपाकर सिर्फ मेरी चूत को फोकस किया, जिसमें से उसका चिपचिपा माल रिस रहा था।
उसने मेरी उंगली को मेरी ही चूत में डालकर हिलाने को कहा और वो मेरी हस्तमैथुन करते हुए इंडियन देसी होममेड पोर्न वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने लगा। मैंने कैमरे में देखते हुए अपनी फुद्दी को खोलकर दिखाया और बोली, “ये है मेरी रसदार चूत, जिसे आज मेरे छात्र ने खूब चोदा।” ये सब ऐसे कर रही थी जैसे मैं कोई धंधेवाली कॉलगर्ल हूँ, एक इज़्ज़तदार टीचर नहीं।
मेरी हस्तमैथुन करते हुए इंडियन देसी होममेड पोर्न विडियो रिकॉर्ड करने के बाद मैं सीधे बाथरूम गई और अपने शरीर से उसका वीर्य धोने लगी। आईने में अपनी सूजी हुई चूत और लाल हुए निप्पल देखकर मुझे एक पल के लिए अपनी असलियत पर शर्म आई। लेकिन फिर मैंने सोचा कि ये तो मैं ही हूँ, नीरजा, जिसे आज पता चला कि उसके अंदर कितनी आग थी।
मैंने कपड़े पहने और अमन से कहा कि इस वीडियो को सुरक्षित रखे और कभी किसी को दिखाया तो मैं दोनों को गोली मार दूँगी। उसने हँसते हुए मेरी बात मान ली और एक आखिरी चुम्मा लेकर पहले चला गया। मैं अकेली कमरे में बैठी अपने काँपते हाथों को देख रही थी और मेरे अंदर एक अजीब सी शांति थी।
उस रात जब मैं अपने स्टूडेंट के इंडियन देसी लंड से अपनी चूत और गांड की चुदाई करवाकर होटल से अपने घर पहुँची, प्रकाश ने पूछा कि मीटिंग में इतनी देर क्यों हुई। मैंने झूठ बोल दिया और वो बिना कोई शक किए सो गया। मैं उसके बगल में लेटी अपनी चूत की जलन को महसूस कर रही थी और मन ही मन मुस्कुरा रही थी। अब मैं जान चुकी थी कि मैं एक कामुक औरत हूँ और ये मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है।
प्रिय पाठकों, अब मैं आप सबसे यही पूछना चाहती हूँ कि क्या मैंने एक टीचर होते हुए अपने स्टूडेंट से चुदाई करवाकर सही किया या गलत? क्या मैं सच में एक चरित्रहीन छिनाल हूँ, या बस एक ऐसी औरत जिसने अपनी दबी इच्छाओं को जी लिया? आपको मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “वो रात जब मैंने टीचर से स्टूडेंट की रंडी बनना स्वीकार किया” कैसी लगी??? कृपया अपनी बेबाक राय मुझे कमेंट्स में ज़रूर बताएँ।

