HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesचूत चाटने के बाद पूरा लंड दुल्हन की गांड में डाल दिया

चूत चाटने के बाद पूरा लंड दुल्हन की गांड में डाल दिया

सुहागरात में चूत चाटने के बाद पूरा लंड दुल्हन की गांड में डाल दिया दुल्हे ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश :- यह कहानी एक नवविवाहित दुल्हन की सुहागरात की है, जिसमें शादी की रस्मों के बाद कमरे में अकेलेपन की उस पहली रात का वर्णन है। दुल्हन की शर्मीलापन, घबराहट और अंदर से उमड़ती कामुकता के बीच दूल्हे का प्यार भरा व्यवहार कैसे धीरे-धीरे दोनों को करीब लाता है, यह भावनात्मक और शारीरिक दोनों स्तर पर गहरा अनुभव है। फूलों से सजी सेज, लाल जोड़े की चमक, और पहली बार एक-दूसरे को छूने की उत्तेजना से भरी यह रात जीवन की सबसे यादगार रात बन जाती है।

कहानी में पति-पत्नी के बीच का संकोच टूटने की प्रक्रिया, पहली बार के स्पर्श की गर्माहट, चुंबनों की मिठास और फिर कामुकता के चरम तक पहुंचने का रोमांचपूर्ण वर्णन है। यह सिर्फ शारीरिक मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं के जुड़ने की कहानी है, जिसमें दुल्हन की अंदरूनी भावनाएं, उसकी इच्छाएं और पति की कोमलता से भरा व्यवहार पाठक को पूरी तरह डुबो देता है। पूरी कहानी कामुकता से भरी होने के बावजूद प्यार और सम्मान की भावना को बनाए रखती है।


Bride Groom Sex Story – Suhagrat mein chut chatne ke baad pura lund dulhan ki gand mein dal diya :- मेरा नाम रिया है। मैं अभी-अभी राहुल से शादी करके आई हूं। शादी की सारी रस्में पूरी हो चुकी थीं, घर वाले विदा करके चले गए थे, और अब हम दोनों नए कमरे में अकेले थे। कमरा फूलों से सजा था, गुलाब की पंखुड़ियां बिस्तर पर बिखरी हुई थीं, चारों तरफ चमेली की खुशबू फैली थी। मैं लाल जोड़े में दुल्हन बनी बैठी थी, घूंघट निकाले, दिल की धड़कन इतनी तेज कि लग रहा था राहुल सुन लेगा। राहुल मेरे सामने खड़ा था, शेरवानी में बहुत सुंदर लग रहा था, उसकी आंखों में कुछ ऐसा था जो मुझे और शर्मा रहा था।

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सुहागरात में चूत चाटने के बाद पूरा लंड दुल्हन की गांड में डाल दिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी
Bride Groom Sex Story – Suhagrat mein chut chatne ke baad pura lund dulhan ki gand mein dal diya

राहुल ने धीरे से दरवाजा बंद किया और मेरे पास आकर बैठ गया। उसने कहा, “रिया, अब हम पति-पत्नी हैं। घबराओ मत।” उसकी आवाज में इतना प्यार था कि मेरा दिल थोड़ा शांत हुआ। मैंने घूंघट के अंदर से उसे देखा, उसका चेहरा इतना करीब था कि उसकी गर्म सांस मेरे चेहरे पर लग रही थी। उसने धीरे से मेरा घूंघट उठाया, मेरी आंखों में देखा और मुस्कुराया। मैं शर्मा कर नजरें झुका लीं। उसने मेरे गाल पर उंगली फेरी, बोला, “कितनी सुंदर लग रही हो।”

फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। पहला चुंबन था, बहुत कोमल, बहुत मीठा। मैंने आंखें बंद कर लीं, उसके होंठों का स्वाद मेरे होंठों पर फैल रहा था। उसकी जीभ मेरे होंठों को चूम रही थी, धीरे-धीरे मेरे मुंह के अंदर आ गई। मैंने भी जवाब देना शुरू किया। चुंबन गहरा होता गया, हमारी सांसें तेज हो गईं। उसके हाथ मेरी कमर पर आ गए, मुझे अपनी ओर खींच लिया। मैं उसके सीने से चिपक गई, मेरे चुचे उसके सीने से दब रहे थे।

उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “रिया, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। आज तुम पूरी तरह मेरी हो।” मैंने कुछ नहीं कहा, बस शर्मा कर सिर उसके कंधे पर रख दिया। उसने मेरे जोड़े के पल्लू को धीरे से सरकाया, मेरे कंधे नंगे हो गए। उसके होंठ मेरे गले पर आए, किस करते हुए नीचे की ओर बढ़े। मेरी सांसें तेज हो गईं, चूत में एक अजीब सी गीलापन महसूस होने लगा। मैंने पहली बार इतनी उत्तेजना महसूस की थी।

घूंघट उठने के बाद पहले कामुक स्पर्श और चुंबनों की बौछार

मेरे दुल्हे राजा राहुल ने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए। एक-एक करके हुक खुले, मेरा ब्लाउज ढीला हो गया। उसने उसे उतार दिया, अब मैं सिर्फ ब्रा और लहंगे में थी। मेरे गोरे चुचे ब्रा में कैद थे, सेक्स चड़ने की वजह से मेरे बूब्स के निप्पल पहले से ही तन गए थे। राहुल की नजर उन पर पड़ी तो उसकी आंखें चमक उठीं। उसने ब्रा के ऊपर से ही चुचों को दबाया, मैं सिसकारी भर उठी। “आह… राहुल…” मेरी आवाज अपने आप निकल गई।

उसने ब्रा का हुक खोला, ब्रा खुलने के साथ ही मेरे बड़े-बड़े बोबे आजाद हो गए। वे गोरे, गोल, भारी थे। निप्पल गुलाबी और कड़े। राहुल ने उन्हें देखकर कहा, “कितने सुंदर हैं तेरे बोबे रिया।” फिर उसने एक चूची मुंह में ले ली, निप्पल चूसने लगा। दूसरी चूची को हाथ से मसल रहा था। मैं तो चुदने के लिए बहुत ही ज्यादा पागल हो रही थी, मेरी सील पैक वर्जिन चूत से रस बहने लगा था। मैंने मेरे प्यारे दुल्हे राजा के सिर को अपने बोबों पर दबा लिया। वह बारी-बारी दोनों चुचियां चूस रहा था, काट रहा था, चाट रहा था बिलकुल किसी छोटे बच्चे की तरह।

फिर उसने मुझे बिस्तर पर अर्थात हमारी सुहागरात की सेज पर लिटा दिया। मेरे लहंगे का नाड़ा खींचा, लहंगा नीचे सरक गया। अब मैं सिर्फ पैंटी में थी। मेरी चूत पर महीन झांट के बाल थे, पैंटी गीली हो चुकी थी। राहुल ने मेरी पैंटी को भी उतार दिया। पैंटी खुलते ही मेरी गुलाबी चूत उसके सामने नंगी हो गई। वह उसे देखता रह गया। मैंने शर्मा कर मेरे दोनों पैर जोड़ लिए, लेकिन उसने उन्हें अलग कर दिया। “कितनी रसदार चूत है तेरी रिया। आज मैं इसे खूब चाटूंगा।”

मेरे प्यारे दुल्हे राजा ने मुखमैथुन करने के लिए अपना मुंह मेरी वर्जिन चूत पर रख दिया। जीभ से चूत के रस को चाटने लगा। मैं चीख पड़ी, “आह… राहुल… क्या कर रहे हो… बहुत अच्छा लग रहा है…” उसकी जीभ भगनासे पर घूम रही थी, चूत के अंदर जा रही थी। मैं कमर उठा-उठा कर उसका मुंह अपनी चूत पर दबा रही थी। मेरी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। वह मेरी चूत को ऐसे चाट रहा था जैसे भूखा हो। मेरे हाथ उसके बालों में थे।

चूत चाटने के बाद दुल्हे के लंड ने दिए दुल्हन को दर्शन

अब राहुल ने अपनी शेरवानी उतारी, फिर पैंट। उसका लंड बाहर आ गया। मैंने पहली बार किसी मर्द का लंड देखा था। वह बहुत मोटा और लंबा था, सात इंच का, तना हुआ, सुपारा लाल। गोटे बड़े-बड़े। मैं डर भी गई और उत्सुक भी। राहुल ने मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा। “देखो रिया, यह तुम्हारा है अब।”

मैंने लंड को छुआ, बहुत गरम था, कड़ा। मैंने उसे सहलाना शुरू किया। राहुल की आंखें बंद हो गईं, वह सिसकारी ले रहा था। फिर उसने कहा, “रिया, इसे मुंह में लो।” मैं शर्मा गई, लेकिन उसकी बात मान ली। मैंने लंड का सुपारा मुंह में लिया, चूसने लगी। वह स्वाद थोड़ा नमकीन था, लेकिन अच्छा लग रहा था। मैं धीरे-धीरे पूरा लंड मुंह में लेने की कोशिश करने लगी।

राहुल मेरे सिर को पकड़कर अपना लंड मुंह में अंदर-बाहर करने लगा। मुंह चुदाई (Mouth Fucking) हो रही थी। मैं लंड चूस रही थी, जीभ से चाट रही थी। वह बोला, “बहुत अच्छा चूस रही हो रिया, जैसे रंडी चूसती है।” मुझे उसकी बात से और उत्तेजना हुई। मैं और जोर से चूसने लगी। उसके अंड की थैली को भी चाटने लगी। वह मजे से कराह रहा था।

फिर उसने मुझे फिर से लिटाया। मेरी दोनों टांगें फैलाईं और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। चूत का रस और लंड का पानी मिलकर चिपचिपा हो गया था। मैं बेचैन हो रही थी, बोली, “राहुल, अब डालो ना… सह नहीं पा रही।” वह मुस्कुराया, “अभी डालता हूं मेरी रंडी।”

लंड का चूत में प्रवेश और सुहागरात की पहली चुदाई की शुरुआत

राहुल ने अपने लंड का सुपारा मेरी सील पैक वर्जिन चूत के मुंह पर रखा और धीरे से धक्का दिया। सुपारा अंदर चला गया। मुझे थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन मजा भी आ रहा था। मैंने आंखें बंद कर लीं। उसने फिर धक्का दिया, आधा लंड अंदर चला गया। मेरी चूत बहुत टाइट थी, पहली बार थी। मैं चीखी, “आह… धीरे राहुल… दर्द हो रहा है…”

उसने रुककर मेरे होंठ चूमे, बोबे दबाए। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया। अब पूरा लंड मेरी चूत में था। मुझे लगा मेरी वर्जिन चूत आज पहली चुदाई के दौरान फट जाएगी, लेकिन धीरे-धीरे दर्द कम हुआ और मजा आने लगा। राहुल ने चुदाई शुरू की, धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करने लगा। चुदाई की आवाज आ रही थी, फच-फच। मेरी चूत से रस बह रहा था।

सुहागरात की चुदाई के दौरान मैं भी मेरी पतली कमर उठा-उठा कर मेरे दुल्हे का साथ देने लगी। अब मजा बहुत आ रहा था। मैं बोली, “राहुल… और जोर से… चोदो मुझे…” वह तेज हो गया। लंड जोर-जोर से मेरी चूत में जा रहा था। मेरे बोबे उछल रहे थे। मैं सिसकारियां ले रही थी, “आह… आह… बहुत मजा आ रहा है… चोदो… अपनी रंडी को खूब चोदो…” वह भी बोला, “ले रिया… ले मेरा मोटा लंड अपनी टाइट चूत के अंदर… आज मैं तेरी टाइट चूत फाड़ दूंगा और इसका भोसड़ा बना डालूँगा।”

हम दोनों पसीने से तर थे। कमरे में चुदाई की आवाजें, सिसकारियां, गालियां गूंज रही थीं। वह मुझे रंडी, छिनाल, वेश्या कह रहा था, मुझे और मजा आ रहा था। मैं भी बोली, “हां राहुल… मैं तेरी रंडी हूं… खूब चोद… मेरी चूत में अपना माल छोड़…”

चुदाई के विभिन्न मुद्राओं में आनंद और चरम सुख की प्राप्ति

मेरे दुल्हे राजा राहुल ने मुझे घोड़ी बनने को कहा। मैं चुदवाने के लिए लपक कर घोड़ी बन गई, मेरी गांड ऊपर थी। उसने पीछे से लंड मेरी चूत में डाला और जोर-जोर से ठोकने लगा। गांड पर थप्पड़ मार रहा था। मैं चीख रही थी, “आह… मारो… और जोर से… गांड मारो मेरी…” उसका लंड मेरी चूत को पीट रहा था। मेरे बोबे लटक रहे थे, मैं खुद उन्हें मसल रही थी।

फिर उसने मुझे ऊपर बिठाया। मैं उसके लंड पर सवार हो गई। अब मैं ऊपर-नीचे हो रही थी। लंड मेरी चूत में पूरा जा रहा था। मैं खुद चुदवा रही थी। मेरे बाल बिखरे हुए थे, मैं रंडी की तरह चुद रही थी। राहुल नीचे से धक्के मार रहा था। हमारी नजरें मिलीं, दोनों की आंखों में कामुकता थी।

अचानक मुझे लगा कि मैं झड़ने वाली हूं। मेरी चूत सिकुड़ने लगी, मैं चीखी, “राहुल… मैं झड़ रही हूं… आह…” और मेरा रस निकल गया। मेरी चूत से गरम रस बहने लगा। राहुल भी बोला, “रिया… मैं भी आने वाला हूं…” उसने कुछ और धक्के मारे और मेरी चूत में अपना गरम वीर्य छोड़ दिया। चिपचिपा माल मेरी चूत में भर गया।

हम दोनों थककर लेट गए। उसका लंड अभी भी मेरी चूत में था। हम एक-दूसरे को चूम रहे थे। थोड़ी देर बाद उसका लंड फिर तन गया। उसने कहा, “रिया, अभी तो रात बाकी है। अब तेरी गांड मारूंगा।” मैं शर्मा गई, लेकिन हां कर दी।

गांड मारने की तैयारी और नई कामुकता का अनुभव

मेरे दुल्हे राजा राहुल ने मेरी सील पैक वर्जिन गांड पर उंगली फेरी। गांड का छेद टाइट था। उसने चूत का रस लेकर उंगली अंदर की। मुझे अजीब सा लगा, लेकिन अच्छा भी। फिर दो उंगलियां डालीं। मैं सिसकारी ले रही थी। उसने अपना लंड चूत के रस से गीला किया और गांड के छेद पर रखा। धीरे से धक्का दिया। सुपारा अंदर चला गया। मुझे बहुत दर्द हुआ, मैं चीखी।

उसने रुककर मेरे बोबे दबाए, चुंबन किया। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड गांड में डाल दिया। अब दर्द कम हो गया था। उसने चुदाई शुरू की। गांड की चुदाई का मजा अलग था। मैं भी कमर हिलाने लगी। वह बोला, “कितनी टाइट गांड है तेरी रिया… जैसे कॉल गर्ल की।” मैं बोली, “हां… मैं तेरी कॉल गर्ल हूं… गांड मार… खूब मार…”

वह तेज हो गया। गांड पर थप्पड़ मार रहा था। मैं चीख रही थी, “आह… बहनचोद… मादरचोद… और जोर से…” हम दोनों फिर पागल हो गए। उसने गांड में अपना माल छोड़ दिया। गरम वीर्य मेरी गांड में भर गया। हम दोनों थककर गिर पड़े।

सारी रात हमने कई बार चुदाई की। कभी चूत, कभी गांड, कभी मुंह। सुबह हो गई थी सेक्स करते करते, लेकिन हमारी कामुकता खत्म नहीं हुई थी। मेरे दुल्हे राजा राहुल का लंड फिर तन गया था, मैंने उसे फिर मुंह में लिया।


सुहागरात में चूत चाटने के बाद पूरा लंड दुल्हन की गांड में डाल दिया दुल्हे ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Bride Groom Sex Story – Suhagrat mein chut chatne ke baad pura lund dulhan ki gand mein dal diya :- उस सुहागरात ने हमारी जिंदगी बदल दी। पहले संकोच और शर्म के बाद जो शारीरिक और भावनात्मक जुड़ाव हुआ, वह आज भी उतना ही ताजा है। राहुल और मैं अब एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। चुदाई सिर्फ शरीर का मिलन नहीं, दिल का मिलन भी है।

हमारी सुहागरात की यह पहली चुदाई हम दूल्हा-दुल्हन को बड़े अच्छे से सिखा गई कि प्यार में खुलकर चुदाई करने का मजा ही अलग है। दोस्तों आप सभी भी अपनी पहली सुहागरात को याद करें या कल्पना करें की आपने अपने जीवन की पहली चुदाई कैसे करी थी, वह पल जीवन का सबसे कीमती तोहफा होता है। इस कहानी से अगर आपको भी उत्तेजना और प्रेरणा मिली हो तो अच्छा लगा।

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