शादी की रात देवर ने नयी नवेली भाभी की गांड मारी थूक लगाकर अन्तर्वासना हिंदी ऐनल सेक्स कहानी का सारांश :- राजस्थान के एक छोटे से कस्बे में भव्य शादी का आयोजन चल रहा था। एयरफोर्स में तैनात 22 वर्षीय युवक सूर्या सोनी अपने बड़े भाई की शादी में शामिल होने घर आया था। उसके भाई की शादी खूबसूरत दुल्हन अंजली से हुई थी। शादी की रस्मों के दौरान ही सूर्या और उसकी नई भाभी अंजली के बीच नज़रें मिलीं, जिसमें एक अलग ही कशिश थी। मेहमानों की भीड़ और शादी की रौनक के बीच ये दोनों एक-दूसरे के करीब आते गए। तन्हाई के उन लम्हों ने दोनों के अंदर छुपी कामुक आग को भड़का दिया, जिसका नतीजा कुछ ऐसा निकला कि शादी की रात सूर्या ने अपनी नई भाभी की गांड मारी और उसकी रसदार चूत का रस पी लिया।
दोस्तो, मेरा नाम सूर्या सोनी है और मैं राजस्थान के एक छोटे से कस्बे का रहने वाला हूँ। मैं 22 साल का हूँ और मेरी लंबाई 6 फुट है। एयरफोर्स में भर्ती होने के कारण मेरी बॉडी काफी शानदार और भरा-पूरा है। मैं पिछले काफी समय से ऑनलाइन अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ रहा हूँ, लेकिन आज मैंने सोचा कि क्यों ना अपनी जिंदगी की एक बिल्कुल सच्ची और हसीन भरी रात आप लोगों के साथ शेयर करूँ।
यह कहानी है मेरे बड़े भाई की शादी की रात की, जब मैंने अपनी नई भाभी अंजली के साथ वो किया, जो शायद कभी सोचा भी नहीं था। उस रात की हरकतों ने मुझे रंडीबाज बना दिया और आज भी जब उसे याद करता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है।
फ्री पढ़ें शादी की रात देवर ने चौड़े कुल्हे वाली नयी नवेली भाभी की गांड मारी थूक लगाकर अन्तर्वासना ऐनल सेक्स स्टोरी

बात उस समय की है जब मेरे बड़े भाई रवि की शादी तय हुई। रवि दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है और उसकी शादी अंजली नाम की लड़की से हुई, जो हमारे ही शहर की रहने वाली थी। मैं उस वक्त एयरफोर्स की ट्रेनिंग के बाद छुट्टियों पर घर आया हुआ था। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। मेरी मम्मी और पापा दोनों बहुत खुश थे क्योंकि बड़े बेटे की शादी थी। शादी से तीन दिन पहले से ही घर में मेहमानों का तांता लग गया था। न जाने कितने रिश्तेदार और परिचित आ रहे थे।
शादी वाले दिन का माहौल बहुत अलग था। चारों तरफ रोशनी, बैंड-बाजे और लोगों की भीड़ थी। मैं वहीं पर खड़ा सब कुछ देख रहा था। तभी बारात आई और फिर जल्दी ही सारी रस्में शुरू हो गईं। मैंने अपनी भाभी को पहली बार देखा जब वो फेरे ले रही थी। वो लाल रंग की साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थी। उसका फिगर था कुछ ऐसा कि बार-बार नजर उसी पर ठहर जाती। बड़े-बड़े बोबे (चुचे) और चौड़े कुल्हे। जब वो फेरे लेने के लिए घूमती थी तो उसकी साड़ी की आंचल हवा में लहराती थी और उसके बदन के उभार साफ नजर आते थे।
फेरों के दौरान ही एक बार उसकी नजर मुझसे मिली। उसने मुझे देखा तो एक पल के लिए ठिठकी और फिर हल्का सा मुस्कुरा दी। उस मुस्कान में कितनी शरारत और कामुकता भरी हुई थी, ये मैं उस वक्त नहीं समझ पाया था। लेकिन जब उसने दोबारा देखा तो मुझे लगा कि उसकी नजरें मेरे कद और मेरी छाती पर टिकी हैं। मैंने सोचा शायद मैं गलत सोच रहा हूँ क्योंकि वो तो मेरी भाभी बनने वाली थी। मगर उस वक्त मुझे क्या पता था कि आने वाली रात मेरी जिंदगी की सबसे भड़कीली और रंडियाना रात होने वाली है।
शादी के सारे कार्यक्रम खत्म होने के बाद विदाई का वक्त आया। अंजली रो रही थी, जैसे हर दुल्हन रोती है। मेरा भाई उसे लेकर अपने कमरे में चला गया। मैं वहीं बाहर बैठा सोच रहा था कि अब भाभी और भैया के बीच क्या होगा। घर में सब थक कर सो गए। मैं भी अपने कमरे में जाकर लेट गया लेकिन नींद नहीं आ रही थी। मेरे दिमाग में बस अंजली भाभी की वो मुस्कान और उसकी साड़ी में लिपटा हुआ मादक शरीर घूम रहा था। मेरा लंड पैंट में ही तनकर खड़ा हो गया था। मैंने सोचा बाथरूम जाकर हस्तमैथुन (Masturbation) कर लूं और अपनी कामुकता को शांत कर लूं।
तभी मेरे कमरे का दरवाजा धीरे से खुला। मैं चौंक कर उठ बैठा। अंधेरे में मैंने देखा कि कोई औरत अंदर आ रही है। वो अंजली थी। उसने शादी वाली साड़ी उतार दी थी और सिर्फ एक पतला सा नाइटी पहन रखा था। उसके बोबे (चुचे) उस पतले कपड़े से बाहर झांक रहे थे और उसकी चूतड़ (गांड) इतनी बड़ी और गोल थी कि देखते ही बनती थी। मैं हैरान रह गया कि वो यहाँ क्या कर रही है।
मैंने धीमी आवाज में पूछा, “भाभी? आज तो आपकी सुहागरात हैं और तुम? यहाँ? रवि भैया कहाँ हैं?”
वो मेरे पास आकर बोली, “चुप! रवि तो शराब के नशे में धुत होकर सो गया है। वो तो दूल्हा बनकर आया था और दो ही पैग में बेहोश हो गया। मेरी तो शादी की रात ही बर्बाद हो गई।”
ये कहते-कहते उसकी आँखों में नमी आ गई। वो मेरे बिल्कुल पास आकर बैठ गई। उस सेक्सी महिला के शरीर से इतनी प्यारी खुशबू आ रही थी कि मेरा सिर चकराने लगा। मैंने उसे सहारा देने के लिए अपना हाथ उसके कंधे पर रख दिया। उसने मेरी तरफ देखा और फिर अचानक मुझसे चिपक गई। उसने कहा, “सूर्या, मैं तुमसे पहली नजर में ही प्यार कर बैठी हूँ। जब मैंने तुम्हें फेरों के दौरान देखा था, मेरा दिल तुम पर आ गया था। तुम इतने हैंडसम हो, इतनी शानदार बॉडी है तुम्हारी।”
उसकी बातों ने मुझे झकझोर दिया। मैंने कहा, “भाभी, आप पागल हो गई हो? आप मेरे भाई की पत्नी हो और भाभी तो देवर के लिए माँ के समान होती हैं।”
वो बोली, “मुझे पता है। लेकिन मेरा दिल तो तुम पर आ गया है देवर जी। और आज की रात मैं सिर्फ तुम्हारी ही दुल्हन बनकर रहना चाहती हूँ।”
इतना कहकर उसने मुझे जोर से गले लगा लिया और मेरे होंठों को अपने होंठों से चूम लिया। उस नयी नवेली दुल्हन की जुबान ने मेरे होंठों को चाटा और मेरे मुँह के अंदर घुस गई। मैं उसके इस अचानक हमले से अपने आप को रोक नहीं पाया। मैंने भी उसे जोर से कस कर पकड़ लिया और उसके होंठ चूसने लगा। हम दोनों की सांसें एक दूसरे में घुलने लगीं। उसके चूमने का अंदाज बता रहा था कि वो इस मामले में कोई नई नहीं है, वो पक्की रंडी (वेश्या) लग रही थी।
मैंने उसकी पतली नाइटी को ऊपर उठाया और उसके बोबे (चुचे) बाहर निकाल लिए। उसके दोनों बोबे काफी बड़े थे, कम से कम 36 के होंगे और उनके निप्पल काले और सख्त होकर तने हुए थे। मैंने उन्हें अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। अंजली मस्ती में कराह उठी, “हां सूर्या… और चूसो मेरे चुचों को… मजा आ गया… हाय… कितनी देर से तरस रही थी मैं किसी असली मर्द के लंड के लिए।”
वो मेरे बिस्तर पर लेट गई और उसने अपना शादी का जोड़ा उतार फैंका। अब वो बिल्कुल नंगी थी। उसकी चूत (फुद्दी) पर बिल्कुल बाल नहीं थे, जैसे उसने अभी-अभी वैक्स करवाया हो। उसकी चूत के लब बिल्कुल साफ दिख रहे थे और वो गीली होकर रस टपका रही थी। उस सेक्सी महिला की बड़ी गांड (चूतड़) ने मेरा ध्यान खींचा। उसकी गांड इतनी बड़ी और गोल थी कि मैं देखता ही रह गया। मैंने सोचा आज तो इसी गांड में लंड डालकर ही दम लूंगा।
मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े उतार फेंके। मेरा लंड मोटाई में 4 इंच और लंबाई में 6.5 इंच का था, बिल्कुल तना हुआ खड़ा था और उसके अगले हिस्से से पहले ही रस टपकने लगा था। अंजली ने मेरे लंड को देखा तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। उसने कहा, “वाह सूर्या! कितना बड़ा और मोटा लंड है तुम्हारा। रवि का तो इसका आधा भी नहीं है। आज तो मैं खूब चोदी जाऊंगी।”
उसने तुरंत मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। उसने मेरा पूरा लंड अंदर तक ले लिया, हालांकि उसे लंड मुंह में लेने में बहुत मुश्किल हो रही थी फिर भी वो लंड चूस रही थी। उसकी गर्म जुबान मेरे लंड के गोटों (अंडकोष) को बड़े प्यार से सहला रही थी। ये मेरा पहला मौका था इसलिए मैं ज्यादा देर नहीं टिक पाया और उसके मुँह में ही वीर्य (माल) छोड़ दिया। उसने मेरा सारा गरम और चिपचिपा वीर्य पी लिया और हँसकर बोली, “बहुत ही ज्यादा खट्टा है तुम्हारा माल देवर जी।”
वो उठकर बाथरूम गई और जल्दी से मुँह साफ करके वापस आ गई। उसने देखा कि मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है। वो बोली, “इस बार मुझे पूरा मजा दो सूर्या। मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ। पहले मेरी चूत मारो फिर गांड मारो।”
मैंने मेरी नयी नवेली भाभी को बिस्तर पर उल्टा लिटा दिया ताकि उसकी बड़ी गांड ऊपर हो और चूत नीचे। नंगी भाभी ने अपने दोनों कुल्हे (चूतड़) हिलाने शुरू कर दिए। मैंने उस नयी नवेली दुल्हन की चूत और गांड के छेद में बहुत सारा थुक लगाया और फिर अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ा। वो पहले से ही बहुत गीली थी। मैंने धीरे से लंड को चूत के अंदर डाला। उसकी चूत इतनी टाइट और गरम थी कि मैं फिर से वीर्य निकालने के कगार पर आ गया। लेकिन मैंने खुद को रोका। मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया और फिर रफ्तार पकड़ ली।
नयी नवेली अंजली भाभी कराह उठी, “हां… और जोर से चोदो मुझे, मैं तुम्हारी रंडी हूँ आज… मेरी चूत मारो… तुम्हारा मोटा लंड मेरी चूत फाड़ रहा है… ओह… मैं तो पिघल गई… मेरी चूत का रस निकल रहा है।”
मैं उसे जोर-जोर से चोद रहा था और उसकी गांड थपथपा रहा था। मेरे पेट से उसकी गांड टकरा रही थी और चुदाई की आवाज़ें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। कुछ देर बाद उसने कहा, “अब मेरी गांड मारो। मुझे गुदा सेक्स (गांड की चुदाई) चाहिए।”
मैंने नयी नवेली भाभी की चूत से अपना लंड निकाला और थूक लगाने के बाद उसकी गांड के छेद पर रख दिया। मेरी कामुकता से भरी भाभी की गांड का छेद पीछे से बहुत टाइट था। मैंने जोर लगाया तो वो अंदर घुस गया। अंजली चीख उठी, “हाय… दर्द हो रहा है… रुको… हां… अब धीरे-धीरे डालो।”
मैंने धीरे-धीरे नयी नवेली भाभी की गांड मारनी शुरू की। उस छिनाल दुल्हन की गांड की चुदाई (Anal Sex) का मजा ही कुछ और था। उस छिनाल दुल्हन की गांड मेरे लंड को ऐसे दबा रही थी जैसे वो उसे निचोड़ रही हो। मैंने रफ्तार बढ़ाई और जोर-जोर से उसकी गांड मारने लगा। अंजली अब चीख रही थी, “हां… बस… और गहरा… मेरी गांड फाड़ दो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… मुझे खूब चोदो।”
ऐनल सेक्स करने के दौरान हम भाभी-देवर दोनों पसीने से तरबतर हो चुके थे। मैंने उसे ऐसे ही पीछे से चोदना जारी रखा। फिर मैंने उसे चूतड़ के बल लिटाया और उसकी टांगें ऊपर उठाकर फिर से उसकी चूत मारनी शुरू कर दी। इस पोजीशन में मेरा लंड उसकी चूत में और अंदर तक जा रहा था। नंगी अंजली पागलों की तरह कराह रही थी। उसकी चूत से चिपचिपा रस टपक रहा था और मेरे फौलादी लंड पर चिपचिपा लेप चढ़ गया था।
नंदी दुल्हन भाभी ने चुदते चुदते कहा, “मैं तो झड़ गयी हूँ देवर जी… मुझे बहुत मजा आया तुम्हारी दुल्हन बनकर चुदवाने में। अब तुम निकालो मेरे अंदर अपना गरमा गर्म वीर्य।”
चोदा चादी करते करते मैंने भी आखिरी जोर लगाया और नयी नवेली भाभी की चूत के अंदर ही वीर्य छोड़ दिया। मेरा गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया और फिर बाहर निकलकर बिस्तर पर टपकने लगा। हम दोनों थक कर बिस्तर पर ढेर हो गए। वो मुझसे चिपक गई और बोली, “तुमने मेरी शादी की रात को यादगार बना दिया सूर्या। अब तो रोज चोदना पड़ेगा मुझे।”
मैंने मेरी नयी नवेली भाभी को बड़े प्यार से चूमा और कहा, “जब चाहो भाभी, बुला लो। आपके इस देवर का लंड हमेशा तुम्हारे लिए तैयार है।”
उस रात के बाद हम भाभी-देवर दोनों के बीच कई बार ऐसे ही मौके आए। जब भी रवि भैया ऑफिस चले जाते, अंजली मुझे बुला लेती। हम घर के हर कोने में अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत किया करते। कभी किचन में, कभी बाथरूम में, कभी छत पर। वो नयी नवेली दुल्हन तो सच में सेक्स की दीवानी निकली और बहुत बड़ी छिनाल भी। उसके साथ बिताए वो पल मैं कभी नहीं भूल सकता।
भाभी देवर अन्तर्वासना हिंदी ऐनल सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
Shaadi ki raat devar ne chaudhe kulle wali nayi naveli bhabhi ki gaand maari thook lagakar Antarvāsna Hindi anal sex story :- इस भाभी देवर ऐनल सेक्स कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में भी इंसान की कामुकता और भावनाएं उसे कहां से कहां ले जा सकती हैं। सूर्या और अंजली के बीच जो हुआ, वह नैतिकता की दृष्टि से गलत जरूर था, लेकिन दो अकेले दिलों का मिलन था।
रवि की लापरवाही और शराब की लत ने अंजली को उससे दूर कर दिया और वह सूर्या के करीब आ गई। आगे चलकर यह रिश्ता कब तक चला और मेरे भाई रवि को इस अवैध सेक्स संबंधों के बारे में कब पता चला, आगे की वह कहानी फिर कभी। फिलहाल इतना कहना चाहूंगा कि इंसान को अपने जीवनसाथी की भावनाओं को समझना चाहिए और उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, वरना ऐसी हालात पैदा हो सकते हैं जिनसे पूरा परिवार तबाह हो जाए।


