मुफ्त में पढ़ें की कैसे पाकीज़गी की कीमत चुकाने के लिए अपनी चूत बेच दी भूखी मुस्लिम औरत ने अपने बॉस को अन्तर्वासना हिंदी नौकरानी और मालिक की XXX सेक्स कहानी – Muft mein padhein ki kaise paakizgi ki keemat chukaane ke liye apni choot bech di bhookhi Muslim aurat ne apne boss ko Antarvasna Hindi naukrani aur malik ki XXX sex kahani – Read for free how a hungry Muslim woman sold her pussy to her boss to pay the price of purity, Antarvasna Hindi maid and master XXX sex story …
भूख से मेरी आंतों में ऐंठन हो रही थी और रमज़ान के 16 घंटे के रोज़े ने मेरा शरीर तोड़ कर रख दिया था। मैं आलिया यासीन, 32 साल की एक मुस्लिम औरत, अपने बॉस मिस्टर बहल के लखनऊ वाले बंगले की सफ़ाई करते-करते पूरी तरह से चूर हो चुकी थी। मेरे मोबाइल फोन पर मेरे शौहर शाहिद का मैसेज आया कि वो मुझे लेने 1 घंटा लेट आएगा, और ये सुनते ही मेरी आँखों के आगे अंधेरा छा गया। मुझे घर जाकर इफ़्तार के लिए खाना बनाना था, बच्चों की परवरिश करनी थी और मेरी अपनी ताक़त पूरी तरह जवाब दे चुकी थी।
रसोई की साफ़ संगमरमर की स्लैब पर रखे फ्रेश फलों के कटोरे पर मुझ भूखी औरत की ललचाई हुई निगाह पड़ी और मुझ भूखी मुस्लिम औरत के मुँह में पानी भर आया। केले को देखकर मेरी भूख ने मुझ भूखी औरत के ईमान पर ज़बरदस्त हमला कर दिया, और मैंने सोचा कि एक छोटा सा टुकड़ा खाने से किसी को क्या ही पता चलेगा। मैंने काँपते हाथों से केला उठाया और धीरे-धीरे उसे खाने लगी, हर कौर के साथ अपराधबोध का ज़हर मेरे गले से उतरता जा रहा था। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, मैं भूखी औरत जानती थी कि इस वक़्त रोज़ा तोड़ना गुनाह है, लेकिन मेरे बदन ने मेरे दिमाग़ को पूरी तरह हरा दिया था।

अचानक दरवाज़े पर चाबी घूमने की आवाज़ आई और मेरी साँसें जैसे रुक सी गईं। मिस्टर बहल, जिनको मैं मिस्टर बी कहकर बुलाती थी, अपने सूट में पूरे रौब के साथ अंदर दाखिल हुए और उनकी तीखी नज़रों ने सीधे मेरे हाथ में पकड़े आधे खाए केले को देख लिया। “तो ये है तुम्हारी पाकीज़गी, आलिया?” उनकी आवाज़ में एक शैतानी ठहराव था, और मेरी रूह काँप उठी। मेरे हाथ से केला छूटकर फ़र्श पर गिर गया और मेरी आँखों में आँसू और चेहरे पर शर्म का गहरा लाल रंग फैल गया।
मैंने हाथ जोड़ लिए और रुआँसी आवाज़ में गिड़गिड़ाने लगी, “मिस्टर बी, अल्लाह के वास्ते मेरे शौहर (Husband) को मत बताइएगा।” मैं जानती थी कि मेरे शौहर शाहिद को अगर पता चला तो वो मुझे तलाक़ दे देगा और मौहल्ले वालों की बातों से मेरी इज़्ज़त मिट्टी में मिल जाएगी। “ये तुम्हारी नेकी और परहेज़गारी का ढोंग कितना बड़ा है,” उन्होंने मेरी ठुड्डी को अपनी मज़बूत उँगलियों से पकड़कर ऊपर उठाया, और उनकी आँखों में एक भयानक हवस चमक रही थी। मुझे लगा जैसे मेरी पूरी ज़िंदगी एक ऐसे गड्ढे के किनारे खड़ी हो जो मुझे निगलने को तैयार है।
उनकी साँसों की गर्माहट ने मेरे चेहरे को छुआ, और उनके महँगे परफ्यूम की खुशबू के पीछे सत्ता की एक कड़वी गंध थी। “तुम्हारी ये छोटी सी चोरी एक बहुत बड़ी बेइज़्ज़ती का सबब बन सकती है, लेकिन मैं चाहूँ तो इस राज़ को दफ़न कर सकता हूँ,” उन्होंने फुसफुसाते हुए कहा, मानो कोई ज़हरीला साँप अपना फन फैला रहा हो। मैं समझ गई कि अब ज़िंदगी भर के लिए मेरी चूत की गर्मी और मेरे बदन की बेबसी ही इस राज़ की कीमत बनने वाली है।
“वो देखो, तुम्हारी ये गलती मेरे लिए एक मौका है,” वो धीरे-धीरे मेरे करीब आते हुए बोले, उनकी नज़रें मेरे पूरे जिस्म को घूर रही थीं जैसे कोई भूखा शेर अपने शिकार का मुआयना करता है। मैं पीछे हटने लगी, लेकिन मेरी कमर रसोई के ठंडे स्लैब से जा टकराई और मैं वहीं फँस गई। “मैं तुम्हारे हाथ से लिखवा लूँ कि तुमने चोरी की है, फिर देखना तुम्हारी इज़्ज़त का क्या हाल होता है,” उन्होंने धमकी भरे लहज़े में कहा और मेरी आँखों से आँसुओं की एक पूरी नदी बह निकली।
मेरी साँस तेज़ हो गई और सलवार के नीचे मेरी टाँगें बुरी तरह काँप रही थीं। मिस्टर बी की उँगलियाँ मेरे कंधे पर पड़ीं और उन्होंने मुझे अपनी तरफ़ खींच लिया, उनका मोटा लौड़ा अपनी पैंट में एक सख़्त पहाड़ की तरह उभरकर मेरी जाँघ से रगड़ खा रहा था। मैंने अपना चेहरा घुमा लिया, लेकिन उन्होंने मेरी बाँहों को जकड़कर मुझे पूरी तरह से बेबस कर दिया। “अब तुम मेरी मुट्ठी में आ चुकी हो, समझी?” उनकी आवाज़ में एक हैवानी क्रूरता थी जिसने मेरी तमाम नेक सोच को रौंद डाला।
अपनी बेटियों और अपनी सामाजिक इज़्ज़त के ख़याल से ही मुझ भूखी मुस्लिम औरत का दिल बैठ गया और मैंने हार मान ली। “मैं जो भी कहूँ वो करने को तैयार रहो,” उन्होंने आदेश दिया, और मैंने अपनी गर्दन नीची कर ली, मेरे पूरे जिस्म से शर्म और एक अजीब बेबस करारापन रिसने लगा। मुझे लगा कि शायद ये अल्लाह की तरफ़ से मेरी उस छोटी सी चोरी की सज़ा है, और अब मुझे अपनी चूत और अपनी गांड से इसकी भरपाई करनी होगी।
“अपना दुपट्टा और हिजाब उतारो,” उन्होंने हुक्म दिया और मेरे हाथ मशीनों की तरह उसकी तरफ़ बढ़ गए। जैसे ही मेरे हिजाब के बाद मेरा हल्का गुलाबी दुपट्टा फ़र्श पर गिरा, मेरी साँस की डोर टूटने लगी। उनकी आँखें मेरे कुर्ते के उभारों पर जम गईं, जहाँ मेरे 36D के बोबे तेज़ साँसों से ऊपर-नीचे हो रहे थे। “तुम्हारा जिस्म वैसे भी तुम्हारे उस कमज़ोर शौहर के लिए बेकार जा रहा है,” वो मेरे कुर्ते के बटन खोलते हुए फुसफुसाए, और मेरी छाती की गर्म सफ़ेदी धीरे-धीरे बाहर झाँकने लगी।
बदन की गंध और पसीने की नमी का मेल हवा में तैर रहा था। जब उन्होंने मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे सख़्त निप्पल को दबोच लिया, तो मेरे मुँह से एक दबी हुई कराह निकल गई। “ऐसी बेशर्म औरत को तो मैं पहले से समझ गया था, तुम्हारी आँखें बोलती हैं,” उन्होंने मेरे कान के पास आकर गुनगुनाया, जिससे मेरी रीढ़ में बिजली सी दौड़ गई।
फिर उनकी निगाह मेरी सलवार के नाड़े पर पड़ी और एक ख़तरनाक मुस्कान उनके चेहरे पर फैल गई। “आज तो तुमने अपने शौहर के लिए कुछ ख़ास पहना है न?” उन्होंने सलवार को ज़ोर से नीचे खींचा और मेरे गोरे-गोरे कुल्हों पर लाल रंग की फीतेदार लेस की पैंटी देखकर उनकी साँसें तेज़ हो गईं। मेरा पूरा शरीर शर्म से लाल हो गया, क्योंकि मैंने वो सेक्सी लॉन्जरी रात को शाहिद के साथ बिताने के लिए पहनी थी। “वाह, एक नेक औरत ऐसी रंडियों वाली पैंटी पहनती है?” उन्होंने मेरी गांड के माँस को ज़ोर से भरते हुए ताना मारा और मेरी आँखों से फिर आँसू बह निकले।
“इस्लाम में तो ये सब हराम है, मिस्टर बी,” मैंने आख़िरी हिम्मत जुटाकर मेरे ठरकी बॉस से कहा, लेकिन मेरी अपनी आवाज़ में दम नहीं था। “अब तो ये हराम तुम्हारी ज़िंदगी बन गया है, आलिया,” उन्होंने मेरी पैंटी को मेरे घुटनों तक सरकाते हुए कहा। मेरी मोटी और बालों वाली चूत खुली हवा को महसूस कर रही थी और उसकी दरार में पहले से एक अनचाही नमी जमा होने लगी थी। “चलो अब बेडरूम की तरफ़,” उसने मेरी गांड पर एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा जिसकी चुभन से मेरी चूत और ज़्यादा तर हो गई।
बेडरूम का माहौल धुँधला और मदहोश करने वाला था, जहाँ शीशम की लकड़ी के फ़र्नीचर से महँगी पॉलिश की गंध आ रही थी। मिस्टर बी ने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया और मेरी लगभग नंगी देह को अपनी तेज़ आँखों से निगलने लगे। “अब तुम उसी तरह चिल्लाओगी जैसे तुम्हारी रंडियाँ चिल्लाती हैं,” उसने अपनी बेल्ट खोलते हुए कहा और मैंने अपने होठों को भींच लिया। उसकी पैंट के अंदर से एक मोटा, लम्बा लंड बाहर निकला, जिसके झांट के बाल घने और काले थे और सुपारी जैसा मोटा टोपा गुस्से में तना हुआ था।
“इसे अपने मुँह में लो और धीरे-धीरे चूसो,” उन्होंने मेरे बालों को मुट्ठी में भरकर अपनी तरफ़ खींचते हुए आदेश दिया। मैं घुटनों के बल उनके सामने बैठ गई और मेरे हाथ काँपते हुए उसके लंड की तरफ़ बढ़े। जैसे ही मेरे होठों ने उसके तने हुए लंड के टोपे को छुआ, मेरे पूरे मुँह में उसके शरीर का नमकीन और चमड़े जैसा स्वाद घुल गया। “आँखें मुझसे मिलाकर रखो,” वो चिल्लाया, और मैंने अपनी रोती हुई आँखों से उसकी शहवानी नज़रों को देखते हुए उसका पूरा लम्बा लंड अपने गले के अंदर उतार लिया।
मेरा गला घुट रहा था और मेरी लार उसके लंड की सारी नसों को गीला कर रही थी। मैंने अपने होंठों को अंदर की तरफ़ मोड़कर एक टाइट ब्लोजॉब देना शुरू किया, और हर बार जब लंड बाहर खींचती तो एक ज़ोर की चूसने की आवाज़ कमरे में गूँजती। मिस्टर बी कराह रहे थे और मेरे सिर को अपनी जाँघों से जकड़ते जा रहे थे, और उनकी ये आवाज़ें सुनकर मेरी अपनी चूत का रस अब मेरी जाँघों को पूरी तरह से भिगो चुका था। “बहुत अच्छा, तू तो है ही पैदाइशी रंडी,” वो फुफकारे, और उनके इन अपमानजनक शब्दों ने मेरे अंदर एक अजीब सी कामुक बिजली पैदा कर दी।
फिर उन्होंने मुझ भूखी मुस्लिम औरत को खींचकर बिस्तर पर उलटा लिटा दिया और मेरी दोनों टाँगों को चौड़ा कर दिया, जिससे मुझ भूखी मुस्लिम औरत की रसदार चूत पूरी तरह खुलकर उनके सामने आ गई। “आलिया यासीन तुम्हारी चूत इतनी ज्यादा गीली होने का मतलब है कि तुम्हें ये गुनाह पसंद भी आ रहा है,” उन्होंने मेरी चूत की फाँकों पर अपनी गर्म साँस छोड़ते हुए कहा। इससे पहले कि मैं कुछ जवाब दे पाती, उन्होंने अपनी जीभ मेरी चूत के भीतर डाल दी और मेरे तन-बदन में आग लग गई। उनके होंठ मेरे सूजे हुए निप्पल को ज़ोर-ज़ोर से चूस रहे थे और उनकी उँगलियाँ मेरे गांड के छेद के आस-पास गोल-गोल घूम रही थीं।
अचानक उन्होंने बिना किसी चेतावनी के अपना पूरा मोटा लौड़ा मेरी तंग चूत में एक ही झटके में ठूँस दिया, और मेरी चीख़ पूरे कमरे में गूँज गई। मेरी बुर की दीवारें उस विशाल लंड को जकड़ने के लिए ऐंठ रही थीं, और हर धक्के के साथ मेरी बोबे ज़ोर-ज़ोर से हिल रहे थे। “बोलो, किसकी चूत है ये?” वो अपने कूल्हों को ज़ोर से चलाते हुए मेरी गांड के नीचे तकिये लगाकर और गहरा घुस गया। “आपकी, मिस्टर बी, सिर्फ़ आपकी,” मैंने कराहते हुए कहा और मेरी आँखों के आगे सिर्फ़ हवस के सितारे चमकने लगे।
वो खड़े लंड से मेरी चुदाई करते हुए मेरे चूतड़ों को तब तक मसलते रहे जब तक उन पर उँगलियों के लाल निशान नहीं पड़ गए। “अब घूम जाओ, मुझे तुम्हारी मोटी गांड को हिलता हुआ देखना है,” उन्होंने लंड निकालकर आदेश दिया और मैंने कुत्ते की तरह अपने हाथों और घुटनों के बल पोज़िशन ले ली। मेरी चूत से चिपचिपा माल टपक रहा था और मेरे गांड के छेद का गुलाबी माँस बुरी तरह फड़क रहा था। उन्होंने अपनी जीभ मेरी गांड के छेद पर फेरी और मैंने सिसकते हुए अपनी कमर को और नीचे झुका दिया।
“आलिया यासीन आज मैं तुम्हारे इस कामुक जिस्म की वो जगह लूँगा जो तुमने अपने शौहर को भी नहीं दी होगी,” उन्होंने अपनी उँगली पर थूक लगाकर धीरे-धीरे मेरी गांड में डाली। दर्द और एक अजीब सी खुजली ने मेरी समझ को पूरी तरह से खो दिया। जैसे ही उन्होंने अपने लंड के टोपे को मेरे गुदा द्वार पर रगड़ा, मुझे लगा कि मेरा शरीर फट जाएगा। लेकिन जब वो धीरे-धीरे मेरी गांड के अंदर घुसा, तो उस भरेपन की तीव्रता ने मेरे मुँह से बेशर्मी भरी कराहें निकाल दीं। “हाँ, अब मेरी रंडी कहलाना कबूल है ना तुझे?” वो मेरी गांड में तेज़ झटके मारते हुए चीखे और मैंने अपनी चूत को ख़ुद अपनी उँगलियों से रगड़ना शुरू कर दिया।
पूरे कमरे में हमारे पसीने और जिस्मों के टकराने की चिपचिपी आवाज़ गूँज रही थी। मेरे झांट के बाल उनकी उँगलियों में उलझे हुए थे और मेरे स्तनों से पसीने की बूँदें टपक रही थीं। आख़िरकार उन्होंने एक गहरी दहाड़ के साथ मेरी गांड के अंदर ही अपना सारा गाढ़ा वीर्य खाली कर दिया, और उसकी असहनीय गर्मी ने मेरी चूत से भी रस की एक आख़िरी बाढ़ निकाल दी। हम दोनों वहीं ढेर हो गए, मेरा जिस्म बुरी तरह काँप रहा था और उनके लंड के गोटे मेरे चूतड़ों से सटे हुए थे।
कुछ देर की ख़ामोशी के बाद, वो मेरे पास आए और मेरे चेहरे को सहलाया। “देखो आलिया यासीन, आज हम दोनों के बीच जो अवैध सेक्स संबंध बने अब ये सिर्फ़ हमारा राज़ है, और तुम जब भी सफ़ाई करने आओगी मुझे अपनी चूत बेचा करोगी, मुझे यही ‘एक्स्ट्रा काम’ चाहिए होगा तुमसे और इसके बदले एक्स्ट्रा पैसा भी मिलेगा,” उन्होंने मेरे होंठों को अपने अँगूठे से रगड़ते हुए कहा। मैंने सिर्फ़ एक बार हाँ में सिर हिलाया, क्योंकि मैं जानती थी कि मेरी बेटियों की परवरिश और मेरे घर की इज़्ज़त की डोर अब इस गुप्त गुनाह से बँध चुकी है। मैंने अपने फटे-पुराने कपड़े पहने और आईने में अपनी सूजी हुई आँखें देखीं, जिनमें अब एक गहरी थकान और अजीब सी रज़ामंदी थी।
उस रात जब मैंने अपने बच्चों और शौहर शाहिद के लिए खाना बनाया, तो मेरे हाथ अभी भी मिस्टर बी के वीर्य की गंध से बसे हुए थे। मैंने हर कौर को एक अभिनेत्री की तरह मेरे परिवार के साथ खाया, और अपनी रूह के अंदर जल रहे शर्म और जिस्मानी सुकून के उस तूफ़ान को छुपाए रखा। मुझे पता है कि मैंने अपने जिस्म का एक ऐसा सौदा कर लिया है जहाँ मेरी चूत और गांड की भड़ास से ही मेरी बाहरी पाकीज़गी का ढोंग बचा रहेगा। अब हर हफ़्ते का वो सफ़ाई का दिन मेरे लिए एक बिस्तर की गंदी चादर की तरह हो गया, जिसे धोना मेरी किस्मत में लिखा जा चुका है।
मैं एक मुस्लिम महिला आलिया यासीन, आज अपनी ये कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी आप सबको सुनाकर बस ये पूछना चाहती हूँ कि क्या मेरी ये बेबसी सिर्फ़ एक गुनाह है या मेरी ज़िंदगी की एक ज़रूरी सच्चाई? क्या आपको लगता है कि मेरे जैसी औरत के लिए इस धोखे के सिवा भी कोई रास्ता हो सकता था, जब उसकी अपनी भूख ने ही उसे बेच दिया था? कृपया मुझे बताइए, क्योंकि आपके ख़यालात ही अब मेरे लिए इस अंधेरी सुरंग में कोई रौशनी हो सकते हैं।

