अंकल के मोटे लौड़े ने भतीजी की प्यासी चूत को फाड़ दिया अन्तर्वासना हिंदी इन्सेस्ट सेक्स कहानी का सारांश :- यह पूरी तरह मूल अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी एक उन्नीस वर्षीय भतीजी प्रिया की डायरी शैली में है जो कॉलेज एडमिशन के लिए अंकल रमेश के मुंबई फ्लैट में रहने जाती है। नियम तोड़ने पर अंकल उसे नंगी गांड पर थप्पड़ मारते हैं जिससे उसकी चूत गीली हो जाती है और वह रंडी बनकर अंकल के मोटे लौड़े को चूसती है।
इस अन्तर्वासना हिंदी इन्सेस्ट चुदाई कहानी में भतीजी की प्यासी चूत की चुदाई अंकल के लौड़े से घर में ही होती है गांड भी मारी जाती है घोड़ी बनाकर और आखिर में गर्भधारण तक पहुंचती है। भारतीय साड़ी पसीने की महक और गंदी गालियों के साथ यह युवा भतीजी अंकल इन्सेस्ट सेक्स स्टोरी कच्चे स्ट्रीट वोकैबुलरी से भरी है जो पाठकों को उत्तेजित करेगी। अंकल भतीजी की चुदाई की विस्तृत घटनाएं और सेक्सुअल टेंशन इसे परफेक्ट टैबू एडल्ट फिक्शन बनाती हैं।
Antarvasna Hindi Sex Kahani – Uncle ke mote laude ne bhatiji ki pyasi chut ko phaad diya :- मैं प्रिया उन्नीस साल की थी जब मां बाप ने मुझे मुंबई भेज दिया कॉलेज एडमिशन के लिए। अंकल रमेश और आंटी लता का फ्लैट छोटा सा था लेकिन आरामदायक। उन्होंने मुझे गले लगाकर स्वागत किया और कहा कि यहां नियम सख्त हैं। रात दस बजे तक घर आना जरूरी था।
मैं हां में सिर हिलाई लेकिन मन में कुछ और ही चल रहा था। पहली शाम ही मैं दोस्तों के साथ घूमने चली गई और रात को काफी ज्यादा देर हो गई। दरवाजा खोलते ही अंकल की आंखें घुस्से से लाल थीं। उन्होंने मुझे कमरे में बुलाया और कहा कि तुमने घर के नियम तोड़े हैं और उसकी तुम्हे सजा मिलेगी। मेरी साड़ी थोड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी और उनकी नजरें मेरी जांघों पर अटक गईं। मैं डर के मारे कांप रही थी लेकिन अंदर से अजीब सी गर्माहट महसूस हो रही थी। मैंने सोचा कि अंकल हमेशा इतने सख्त क्यों हैं।
आंटी सो चुकी थीं और घर में सिर्फ हम दोनों थे। उन्होंने मुझे बेड पर झुकाया और साड़ी ऊपर उठा दी। मेरी पैंटी दिख रही थी। अंकल ने कहा कि नियम तोड़ने की सजा नंगी गांड पर थप्पड़ है। मैं शर्म से लाल हो गई लेकिन चुप रही। उनकी हथेली मेरी नंगी गांड पर पड़ी और जोरदार आवाज हुई। दर्द हुआ लेकिन साथ में चूत में नमी आने लगी।
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मैं चुपके से सिसकार उठी। अंकल ने और थप्पड़ मारे। हर थप्पड़ के साथ मेरी चूत गीली होती गई। मैं रंडी जैसी महसूस कर रही थी। उनकी उंगलियां मेरी चूत के पास घूमने लगीं। अंकल ने मुझे पलटा और मेरी आंखों में देखा। उनकी पैंट में उभार साफ दिख रहा था। मैंने हिम्मत करके कहा कि मुझे माफ कर दो लेकिन अंदर से चाह रही थी कि वे आगे बढ़ें। उन्होंने मेरी साड़ी पूरी उतार दी और ब्लाउज भी। मेरे निप्पल खड़े हो गए थे।
अंकल ने कहा कि अब असली सजा शुरू होती है। मैंने उनकी पैंट खोली और उनका मोटा लौड़ा बाहर निकाला। वह गर्म और फड़क रहा था। मैंने उसे हाथ में लिया और धीरे से सहलाने लगी। अंकल की सांसें तेज हो गईं। यह मेरा पहला अनुभव था लेकिन मैं बिना रुके आगे बढ़ गई। मैंने अंकल के लौड़े को मुंह में ले लिया और चूसने लगी। स्वाद नमकीन और गर्म था। उनकी उंगलियां मेरे बालों में फंसी हुई थीं।
मैं रंडी बनकर जोर जोर से चूस रही थी। अंकल ने मुझे उठाया और बेड पर लिटा दिया। उन्होंने मेरी चूत पर मुंह रखा और चूत को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। मेरी चूत से चिपचिपा पानी निकल रहा था। मैं कराह उठी और उनके सिर को पकड़कर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगी। काफी देर तक मेरी बुर चाटने के बाद उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत पर रखा और धीरे से धक्का दिया। दर्द और मजे का मिश्रण था। मैं चिल्ला उठी लेकिन रुकने नहीं दिया।
अंकल के मोटे लौड़े ने मेरी प्यासी चूत को फाड़ दिया और मैं रंडी बन गई
अंकल का लौड़ा मेरी चूत में पूरा घुस गया और मैंने महसूस किया कि अब मैं उनकी हूँ। उन्होंने तेज तेज धक्के मारे। हर धक्के के साथ मेरी चूत फट रही थी लेकिन मजा भी आ रहा था। पसीना हम दोनों पर बह रहा था। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं। मैंने उन्हें चोदने को कहा और अपनी टांगें उनके कमर पर लपेट लीं। अंकल ने मुझे रंडी कहते हुए और जोर से चोदा। मेरी चूत से रस निकल रहा था और उनके लौड़े पर चिपक गया था।
मैंने कई बार झटके खाए और आखिर में उनके साथ ही झड़ गई। उस रात के बाद मैं हर दिन अंकल के लौड़े के लिए तरसने लगी। आंटी ऑफिस जातीं और हम दोनों अकेले रह जाते। मैं साड़ी में ही उनकी गोद में बैठ जाती और लौड़ा निकालकर चूसने लगती। एक दिन उन्होंने मेरी गांड पर भी निशाना साधा। पहले गांड के छेद में उंगली डाली फिर अपना लौड़ा। अंकल के साथ ऐनल सेक्स करने के दौरान दर्द बहुत हुआ था लेकिन मैंने सह लिया।
अंकल ने मेरी गांड फाड़ दी और अंदर अपना वीर्य छोड़ दिया। मैं गांड चुदाई की मजे में डूब गई थी। घर की दीवारें हमारी चुदाई की गालियों से गूंजतीं। मैंने अंकल से कहा कि मुझे रोज चोदो। वे हंसकर मुझे रंडी कहते और फिर से शुरू कर देते। उनकी उंगलियां मेरी चूत में घुसतीं और मैं कराहती। कभी बाथरूम में कभी किचन में। एक शाम मैंने उन्हें सप्राइज दिया। नंगी होकर बेड पर लेट गई और पैर फैला दिए। अंकल आए और सीधे मेरी चूत पर टूट पड़े। उन्होंने मुझे चारों तरफ से चोदा।
मिशनरी पोजीशन में मेरी आंखें बंद हो गईं और मैं झड़ गई। उनके वीर्य ने मेरी चूत भर दी। मेरी चूत अब अंकल के लौड़े के बिना अधूरी लगती। मैंने सोचा कि यह मेरी भतीजी की चुदाई वाली अन्तर्वासना कहानी है जो सच हो गई। वे मुझे प्यार से चोदते और कभी कड़क भी। एक दिन मैंने उन्हें बताया कि मैं प्रेग्नेंट हूं। अंकल खुश हो गए और बोले कि अब हम फुल फैमिली बनाएंगे। उन्होंने आंटी से डिवोर्स ले लिया और हम दोनों ने नया घर बसाया।
भतीजी की गांड चुदाई के बाद अंकल ने मुझे गर्भवती बना दिया पूरी रात
जब मेरे गर्भ में बच्चा आया तो भी अंकल मुझे अपनी रंडी बनाकर बहुत बेरहमी से चोदते रहे। मेरी चूत और गांड दोनों उनकी थीं। मैं साड़ी पहनकर भी उनके सामने घुटनों पर बैठ जाती और लौड़ा चूसती। पसीने की बू और चुदाई की महक कमरे को भर देती। मैं रंडी बनकर उनकी हर इच्छा पूरी करती। कभी वे मेरे निप्पल चूसते कभी चूत पर थप्पड़ मारते।
मेरी चुदाई की कहानी अब और गहरी हो गई थी। मैंने महसूस किया कि अंकल का लौड़ा मेरी चूत का सबसे अच्छा दोस्त है। हर सुबह मैं उनकी गोद में चढ़ जाती और चुदाई शुरू हो जाती। उनके वीर्य से मेरी चूत भरी रहती। गर्भ के महीनों में भी अंकल ने मुझे कई बार अपनी रंडी बनाकर चोदा। कभी सोफे पर चुदाई करी तो कभी फर्श पर। मैं कराहती और वे मुझे रंडी कहते हुए झड़ते। यह मेरा टैबू जीवन था जो मुझे खुश रखता। अब बच्चा पैदा होने वाला है और मैं अंकल के साथ खुश हूं।
मेरी प्यासी चूत अभी भी उनके लौड़े के लिए तरसती है। हम रोज चुदाई करते हैं और नई सेक्स पोजीशन ट्राई करते हैं। भारतीय घर की साड़ी और गंदी गालियां हमारी चुदाई को और मजेदार बनाती हैं। मैं अब पूरी रंडी बन चुकी हूं सिर्फ अंकल के लिए। मेरी डायरी में हर पन्ना चुदाई की यादों से भरा है। अंकल ने मुझे सिखाया कि सेक्स कितना स्वादिष्ट हो सकता है। मैंने अपनी चूत गांड और मुंह सब कुछ उन्हें समर्पित कर दिया। अब हम फैमिली हैं लेकिन रात में फिर रंडी और मालिक बन जाते हैं।
मेरी चूत और गांड अंकल के लौड़े की गुलाम बन गई अन्तर्वासना स्टोरी
Antarvasna Hindi Incest Sex Kahani – Uncle ke mote laude ne bhatiji ki pyasi chut ko phaad diya :- हर हफ्ते हम चुदाई का नया खेल खेलते। कभी मैं उन्हें बांधकर चूसती कभी वे मुझे। मेरी प्यासी चूत हमेशा गीली रहती थी मेरे अंकल के मोटे लौड़े से चुदने के लिए। उनके थप्पड़ अब प्यार भरे लगते। मैं झड़ते हुए चिल्लाती और वे अंदर भर देते। गर्भ के बाद भी चुदाई जारी रही। मैंने अंकल को कहा कि तुम्हारा लौड़ा मेरी जान है। अंकल ने मुझे नई साड़ियां दिलाईं जिनमें चोदने में आसानी हो। हम किचन में भी मेरी गांड व चूत के बड़ी बेरहमी से चुदाई करते। मैं बेंड हो जाती और वे पीछे से लौड़ा घुसाते और कई कई घंटो सेक्स करते।
सेक्स करने के दौरान अंकल के मोटे लौड़े से मेरी गांड और चूत दोनों फट जातीं लेकिन मजा दोगुना मिलता था चुदवाने में। पसीना टपकता और हम एक हो जाते। मैं अब मां बनने वाली हूं लेकिन रंडी बनी रहूंगी। अंकल रोज मुझे चोदते हैं और मैं खुश हूं। यह मेरी भतीजी अंकल की चुदाई वाली असली कहानी है जो कभी खत्म नहीं होगी। मेरी जिंदगी अब सिर्फ चुदाई और प्यार से भरी है। अंकल का लौड़ा मेरी चूत का राजा है।


