HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesमाँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया सेक्स कैसे करना है

माँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया सेक्स कैसे करना है

दोस्तों आज की इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे एक वर्जिन बेटे ने अपनी माँ को पहली बार चोदा और अपनी कामवासना शांत करी. माँ जब भी बाथरूम में नहाने के लिए जाती थी तो उनका बेटा उन्हें बाथरूम में नंगी होकर नहाते हुए देखता था और उनके नाम की मुठ मारता था. माँ ने एक दिन अपने बेटे को हस्तमैथुन करके उनकी ब्रा और पेंटी पर अपना वीर्य टपकाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था. फिर अपने बेटे की अन्तर्वासना शांत करने के लिए मुर्गा खाने के बाद माँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया पहली बार किसी लड़की के साथ सेक्स कैसे करना है. माँ ने अपाने बेटे से अपनी चूत चुदवाने के बाद गांड भी मरवाई थी ताकि अपने बेटे को अच्छी तरह से चुदाई करना सिखा सके. दोस्तों यदि आप सभी को माँ बेटे के अवैध सेक्स संबंध बनाने की यह हिंदी सेक्स कहानी पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करना. चलिए अब पूरी सेक्स कहानी विस्तार से पढ़ते हैं…

मेरा नाम यश शर्मा है और मैं गुजरात का रहने वाला एक कुंवारा लड़का हूँ. मेरी उम्र 21 वर्ष है और मुझे पोर्न फ़िल्में देखने और गन्दी गन्दी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ने का बहुत शौक है. हमारे घर में मेरे अलावा मेरी सेक्सी मम्मी, एक बड़ी दीदी और पापा रहते है. मेरी मम्मी की उम्र 35 वर्ष है और वह देखने में बहुत ही ज्यादा सेक्सी है मगर मेरी माँ से ज्यादा नहीं. मैं मेरी माँ के साथ गुजरात में ही रहता हूँ. मेरे पापा मुम्बई में जॉब करते हैं इसलिए वो वही रहते हैं और साल में होली दीवाली ही घर पर आते हैं. मेरी बड़ी दीदी भी बाहर रहकर पढ़ाई करती है और उनका भी होली दीवाली ही घर आना हो पता है. घर में सिर्फ मैं और माँ हम दो सदस्य ही रहते थे. मुझे मेरी माँ बहुत अच्छी लगती थी क्योंकि वहाँ दिखने में बहुत सेक्सी थी. उनकी गोल गोल गांड बहुत अच्छी लगती थी मैं रोज रात को उनके नाम की मुठ मरता था और अपनी अन्तर्वासना शांत करता था.

माँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया पहली बार सेक्स कैसे करना है अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

माँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया पहली बार सेक्स कैसे करना है अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी
माँ ने अपने वर्जिन बेटे को सिखाया पहली बार सेक्स कैसे करना है अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

दोस्तों जैसे जैसे मैं जवान हो रहा था वैसे वैसे मेरी अन्तर्वासना दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही थी. अब मुझे मेरी सुन्दर और सेक्सी माँ की चूत व गांड हर हाल में देखनी थी मगर मेरे पास कोई प्लान नहीं था की मैं कैसे उनके कामुक जिस्म को नंगा देखूँ. मेरी कामुक माँ का जिस्म काफी ज्यादा सेक्सी है जिस वजह से मेरे दिमाग में हर वक्त उनके साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के गंदे गंदे ख्याल आते रहते हैं. मम्मी के बड़े बड़े दूध से भरे स्तनों को मैं अपने मुँह में लेकर चूसना चाहता था जैसे बचपन में चूसा करता था और माँ के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाना चाहता था. मैं हर रात अपनी आंखे बंद करता और मम्मी को चोदने की कल्पना करने लगता. मेरी कामवासना अब काफी ज्यादा बढ़ चुकी थी इस लिए पिछली रात को मैं चैन से सो नही पाया जिस वजह से मेरी नींद अधूरी ही रह गयी.

मैं जब सुबह उठकर बाहर आया तो देखा कि मम्मी बाथरूम में नहाने के लिए बाथरूम में गयी हुई है. मेरा दिल मम्मी को नंगी होकर बाथरूम में नहाते हुए देखने का कर रहा था तो मैं चोरी छुपे बाथरूम के पास गया और अंदर देखने का प्रयास करने लगा लेकिन कुछ देख नहीं पाया. मैं मेरी माँ को नंगी होकर नहाते हुए देख नहीं पाया और मेरी सारी मेहनत बेकार हो गयी. फिर मेरी माँ दोपहर को किसी काम से मार्किट चली गई. दोस्तों बहुत इच्छा कर रही थी की मैं मेरी माँ को नंगी होकर नहाते हुए देखूं तो इस लिए मैंने जाकर बाथरूम के दरवाजे में 1 छेद बना दिया जिससे मैं अंदर देख पाऊं जब मेरी माँ नंगी होकर स्नान करे. अब मुझे इंतज़ार था कि मम्मी बाथरूम में जाए फिर मैं अपने कमरे में चल गया. 3 घंटे बाद मम्मी घर पे आई वो अपने कमरे में गई और मैक्सी पहनकर बाहर आई और बाथरूम में चली गई.

मैं भी उनके पीछे पीछे बाथरूम की तरफ गया और चोरी छुपे अंदर देखा. अंदर बाथरूम में मेरी माँ ने अपनी मैक्सी ऊपर उठाई और पैंटी निकालकर टांग दि और फिर वो पेशाब करने लगी. उनकी झांटो वाली बुर देख के मेरा लंड खड़ा हो गया. और मेरे अंदर जैसे करेंट लग गया मम्मी उठी, मैं जल्दी से अपने कमरे में आकर देखने टी वी देखने लगा. मेरी रंगीली माँ ने मुझसे बोला की यश बेटा क्या कर रहे हो तुम? वो मेरे कमरे में आई और बोला – ठीक है तुम टी वी देखो और मैं सोने जा रही हूं!! मैन कहा की ओके ठीक है मम्मी. फिर मम्मी चली गई और अब मेरे मन में मेरी सेक्सी मम्मी की झांट वाली चूत घूम रही थी फिर मैं बाथरूम में आया और मम्मी की पैंटी उतारी और उसको सूंघने लगा और मुठ मारने लगा. मम्मी की पैंटी में बुर वाली जगह पे कुछ लाल रंग का दाग लगा था सूंघने में बहुत नशा आ रहा था.

फिर मैंने मुठ मारते मारते अपना सारा का सारा वीर्य उनकी पैंटी पर निकाल दिया और पैंटी को फिर से टांग कर अपने कमरे में जाकर सो गया. शाम को मम्मी जब सोकर उठी तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा – कि जाकर कसाई की दूकान से मुर्गा ले आओ आज मुर्गा बनायंगे! मैंने मेरी कामुकता से भरी माँ से बोला की माँ ठीक है मैं जल्दी से कसाई की दूकान से मुर्गा ले लाता हूं जब तक आप मसाला भुन लो. मैं अपने कसाई की दूकान पर जाने के लिए अपने कपड़े बदल कर घर से निकल ही रहा था की तभी मेरी नजर माँ पर पड़ी वो बाथरूम की तरफ जा रही थी. मैं उनके पीछे पीछे बाथरूम की तरफ चला गया. फिर मैंने दरवाजे के छेद से अंदर बाथरूम में देखा अंदर मेरी माँ अपनी मैक्सी ऊपर उठाई और बैठकर मूतने लगी. आज मुझे उनकी झांटो वाली चूत के फिर दर्शन हो गए.

माँ की घने झांट के बालों से ढकी चूत को देखकर मेरा वर्जिन लंड फिर से खड़ा हो गया था फिर मम्मी खड़ी हुई. और अपनी पैंटी को उठाया और पहनी मम्मी अपनी मैक्सी उठाई फिर पैंटी के आगे वाले हिस्से को सहलाया और बोली – ये भीग कैसे गई, ये तो ऊपर थी!! मेरी रंगीली माँ ने कुछ अजीब सा मुह बना कर बाहर चली आई और मुझसे कहा की बेटा जाओ जल्दी से कसाई की दूकान से मुर्गा ले आओ खाना बनाने का समय होने वाला है. फिर मैं मुर्गा लाने के लिए कसाई की दूकान पर चला गया. रात को हम माँ बेटे ने भर पेट मुर्गा खाया फिर मम्मी अपने कमरे में सोने चली गई और मैं अपने कमरे में सोने के लिए चला आया. अब मैं बस यही सोच रहा था कि मैं अपनी माँ के साथ अवैध सेक्स संबंध कैसे स्थापित करूँ…, मैं भी मुठ मारकर सो गया…

अगले दिन मेरे पापा घर आ गए. पापा के घर आने की वजह से आज मेरी माँ बहुत खुश थी आखिर आज उन्हें पापा चोदने जो वाले थे. पापा मेरी माँ से बोले की मैं सिर्फ 2 दिनों के लिए आया हूँ बहुत मुश्किल से छुट्टी मिली है 2 दिन बाद मुझे वापस जाना है. फिर सब लोग मार्केट चले गए मैं भी गया था शाम को हम लोग वापस घर लौटे फिर पापा नहाने चले गए मैं भी अपने कमरे में चल गया रात को हम लोगो ने साथ बैठकर खाना खाया था आज फिर से हमारे घर मुर्गा बना था. मुर्गा खाने के बाद पापा ने कहा की मै तो आज बहुत ज्यादा थक गया हूँ इस लिए मैं तो सोने के लिए जा रहा हूँ और फिर वो सोने के लिए बैडरूम में चले गए. मैं भी अपने बैडरूम में सोने के लिए चला गया. थोड़ी देर बाद जब मैं पेशाब करने के लिए अपने बैडरूम से बहार निकला तो मैंने देखा कि सब जगह की लाइट आज जल्दी बन्द हो गई और हर तरफ बिलकुल अंधेरा है मगर मम्मी के बैडरूम की लाइट अभी तक जल रही है.

मैं समझ गया की हो ना हो आज मेरी माँ रंडी बनकर बड़े मजे से चुद रही है मेरे बाप के लंड से. मैं बिना आवाज करे माँ के बैडरूम की तरफ गया और खिड़की से अंदर देखने लगा. मेरी कामुक माँ के बैडरूम का सीन अंदर से बहुत ही ज्यादा कामुक कर देने वाला था. बैडरूम में मेरी माँ नंगी बिस्तर पर लेटी थी और पापा उनकी चुदाई कर रहे थे. कुछ देर तक मेरी माँ को चोदने के बाद पापा उनके उप्पर से हट गए शायदा पापा माँ की बुर में अपना वीर्य झाड़ चुके थे. पापा के चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे मगर माँ अभी भी असंतुष्ट दिख रही थी. माँ पापा से बोली की तुम बहुत जल्दी झड़ जाते हो और मैं तो प्यासी ही रह जाती हूँ. पापा माँ से बोले की डार्लिंग अब मैं थक गया हूँ तुम्हारी और चुदाई नहीं कर सकता तुम हस्तमैथुन करके अपनी अन्तर्वासना शांत कर लो. माँ पापा से बोली की आप वैसे ही मुझे कई कई दिनों में चोदते हो और फिर भी अच्छे से नहीं चोदते हो शादी शुदा होने के बावजूद भी मुझे हस्तमैथुन करके अपनी अन्तर्वासना शांत करनी पड़ती है.

मैं समझ गया कि मम्मी इतना ज्यादा चुदने के बाद भी संतुष्ट नहीं हो पाई अहि और ये साली रंडी लम्बी रेस की घोड़ी है इसे कोई खतरनाक तरीके से चोदकर ही संतुष्ट कर सकता है. खैर अब पापा और मम्मी की चुदाई देखकर मेरा भी सेक्स करने का मन हो रहा था तो मैं बाथरूम में मुठ मारने के लिए चला गया और फिर हस्तमैथुन करने के बाद अपने बैडरूम में आकर सो गया. अगले दिन भी मेरी माँ को रात में मेरे पापा ने खूब जमकर चोदा मगर फिर भी मेरी माँ की कामवासना शांत नहीं हो सकी और मजबूरन उन्हें हस्तमैथुन करके अपनी चुदास को शांत करना पड़ा!!

फिर तीसरे दिन पापा चले गए… अब मैं सोच रहा था कि मम्मी को कैसे चोद जाय??!! मम्मी जब दोपहर में सोने जाती थी तो अपनी पैंटी बाथरूम में छोड़ जाती थी मैं बातरूम में गया और उनकी पैंटी में मुठ मारली मम्मी जब बाथरूम में गई मैं भी देखने लगा. मम्मी मूत के उठी पैंटी उठाई तो देखा कि ये भीग क्यो है मम्मी अपनी उंगली लगाई और बोली – येतो चिपचिपा है!! बिल्कुल वीर्य की तरह!! मम्मी को पहले से मेरे उप्पर शक था इस लिए वो समझ गई और पैंटी रखी और मुस्कुराई और बोली की लगता है अब वाकई बेटा जवान हो चूका है. फिर वो बाहर आ गई मैं जाकर अपने कमरे में बैठ गया.

मम्मी मेरे कमरे में आई और बोली – रात को मेरे कमरे में सोना… मुझे डर लगता है अकेले में… मेरे मन मे लड्डू फुट रहे थे की आज मुझे मेरी कामुकता से भरी माँ के साथ उनके बैडरूम में सोने को मिलेगा. फिर मैने मेरी माँ से कहा की ठीक है मम्मी आज से रात में मैं आपके बैडरूम में ही सोया करूँगा!!!!! फिर रात हो गयी और मैं रात को मेरी मम्मी के बैडरूम में सोने चला गया. मम्मी आई तो मैं बैठा.. माँ बोली की मुझे तुमसे कुछ बात करनी है तो मैं बोला की हाँ मम्मी बताओ क्या बात है ??? माँ बोली की मैं जानती हूं तुम बड़े हो गए हो तुम्हारा भी मन करता है… मैं घबराते हुए बोला – मैं कुछ समझ नही मम्मी??!!!! मम्मी मुस्कुराते हुए बोली – भोले मत बनो…. मैं जानती हूं की तुम होर हस्तमैथुन करते हो और अपना वीर्य मेरी ब्रा व पैंटी पर टपकाते हो.

मैने शर्म के मारे अपोना सिर नीचे कर लिया तो मेरी रंगीली माँ ने कहा – इसमे घबराने की कोई बात नही… मैं हु न तुम्हारी सभी जरुरत पूरी करने के लिए बेटा. फिर मुझसे मेरी माँ बोली की बेटा क्या तुमने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स किया है या आज तक मुठ मारकर ही अपने शारीर की जरूरतों को पूरा कर रहे हो?? मैं बोला की नहीं मम्मी मैंने आज तक किसी के भी साथ सेक्स नहीं करा है मैं तो आज तक वर्जिन ही हूँ हाँ बस मुठ मर लेता हूँ और अपनी अन्तर्वासना शांत कर लेता हूँ. मेरी कामुकता से भरी माँ बोली की ठीक है बेटा मैं तुझे सेक्स करना सीखा दूंगी तू बिलकुल भी चिंता मत कर आज मैं तुझे सजाऊंगी की किसी लड़की के साथ पहली बार सेक्स कैसे करते हैं. मुझसे तो ख़ुशी के मारे रहा नही जा रहा था फिर मेरी रंगीली माँ ने मुझे लेटाया और मेरे गालो को चूमने लगी और मेरे होठ में अपने होठ डालकर चूसने लगी.

मैं भी उनका पूरा साथ देने लगा आखिर आज मेरे जीवन का पहला सेक्स जो था. कुछ देर बाद मेरी रंगीली माँ ने मेरा पेंट निकल दिया फ़िर मेरी चड्डी में हाथ डालकर मेरे लिंग को बाहर निकाला और सहलाने लगी. मेरे लंड को बड़े प्यार से सहलाते सहलाते मुझसे मेरी माँ बोली – तुम्हारा लिंग तो बहुत मोटा है!! तुम्हारे पापा से भी अच्छा!! फिर मम्मी मेरे लिंग को चूसने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था. कुछ देर बाद मैंने मम्मी को चोदने के लिए पलंग पर लेटाया और फिर उनकी मैक्सी को उतार दिया. मेरी माँ की ब्रा ने उनके बड़ेबड़े स्तनों को कस रखा था. उनके दोनों दूध से भरे बड़े बड़े स्तन बहुत अच्छे लग रहे थे फिर मैंने उनकी ब्रा निकाल दी और उनके दूध को जोर जोर से दबाने लगा और चूसने लगा. थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने मम्मी की पैंटी निकली और उनकी झांटो वाली बुर को चाटने लगा… मम्मी अहह अहह उई माँ अहह अहह आउच जैसी मादक सिसकियाँ लेने लगी. थोड़ी देर चाटने के बाद मैंने अपना लिंग मम्मी की बुर में डालकर अपनी कामुकता से भरी माँ को पुरे जोश के साथ चोदने लगा.

दोस्तों अज तक मैं वर्जिन था और मैं आज पहली बार किसी की चुदाई कर रहा था इस लिए मेरे अंदर बहुत ही ज्यादा जोश भरा हुआ था. मैं मेरी माँ की जबरदस्त चुदाई कर रहा था पहली बार मै किसी औरत के साथ सेक्स कर रहा रहा था. मेरी नंगी माँ मेरे साथ सेक्स करते करते हहहह अहह अहह अउम्म अहद… कर रही थी. मेरी कामुक माँ बोली की तू तो बहुत अच्छे से चोद रहा है!!! आज बहुत मजा आ रहा है बेटा तेरे साथ सेक्स करने में ऐसा लग रहा है जैसे तुझे तो पहले से ही बहुत अच्छी तरह से सेक्स करना आता है शाबाश बेटा बस ऐसे ही चोदते रह. मैंने मेरी कामुकता से भरी माँ को पुरे एक घंटे तक अपनी रंडी बनाकर कामसूत्र की कई अलग अलग सेक्स पोजीशन में चोदा होगा की अब मेरा वीर्य निकलने को हुआ. मैंने जल्दी से मेरी नंगी माँ से पूछा की मम्मी मेरा वीर्य निकलने वाला है आब आप जल्दी से बता तो मैं अपना वीर्य कहाँ छोडू ??? माँ बोली की अंदर मेरी बुर में ही टपका दे बेटा आज तक तो तेरे पापा के लंड का वीर्य अपनी चूत में लेती आ रही हूँ आज मेरी प्यासी चूत तेरा भी पानी पी लेगी.

फिर मैंने अपना गरमा गर्म वीर्य मेरी नंगी माँ की बुर मे डाल दिया और मम्मी की बगल में लेट गया फिर हम दोनों सो गए 2 घंटे बाद मेरी नींद खुली. तो देखा कि मम्मी की गांड मेरी तरफ थी मेरा लिंग खड़ा हो गया फिर मैं मम्मी को उल्टा किया मम्मी जग गई बोली – क्या हुआ बेटा तूने मेरी चुदाई करके अपनी अन्तर्वासना तो शांत कर ली हैं ना अब क्या है ??? मैंने मेरी नंगी माँ से बोला की मम्मी मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है मैंने आप की चूत को तो चोद लिया है अब मुझे आपकी गांड मारनी है घोड़ी बनाकर !! मेरी कामुक माँ बोली की नही बेटा मैं तेरे से अपनी गांड नहीं मरवा सकती क्योंकि गांड चुदाई में तो बहुत ही ज्यादा दर्द होगा..!!! मैं बोला की नहीं गांड चुदवाने में ज्यादा दर्द नहीं होगा… मम्मी… धीमे धीमे गांड मरूँगा जससे दर्द कम और आनंद ज्यादा आयगा !!!

मेरी कामुक माँ बोली की अच्छा ठीक है!! लेकिन बेटा आहिसता आहिसता प्यार से मेरी गांड मारना गांड चुदाई में मुझे काफी ज्यादा दर्द होता है मैं तो तेरे पापा को भी मेरी गांड नहीं मारने देती हूँ मगर आज तेरा पहला सेक्स है इस लिए तुझे मेरी गांड मारने से रोक भी नहीं सकती आखिर मुझे एक माँ का भी तो फर्ज निभाना है और तुझे बड़े अच्छे से सेक्स करना सिखाना है. मैं बोला की ठीक है, मम्मी आप चिंता मत करों मैं आहिसा आहिसता आपकी गांड मरूँगा. मैंने मम्मी के गांड को फैलाकर अपना लिंग डालने लगा लेकिन माँ की गांड का छेद बहुत ही ज्यादा सकडा होने की वजह से मेरा लंड माँ की गांड के अंदर नही जा रहा था. माँ ने बोला की बेटा ऐसा कर थोड़ा तेल मेरी गांड में डाल दे और थोड़ा तेल अपने लंड पर लगा ले जिससे तेरा लंड बड़े आराम से मेरी गांड के अंदर चला जायगा.

फिर मैं जाकर तेल लेकर आया और मम्मी की गांड के छेद में लगाया और अपने लिंग पर लगाया फिर मम्मी की गांड में डालने लगा. मेरी कामुक माँ बोली की बहुत दर्द हो रहा है बेटा इस लिए थोड़ा धीमे… धीमे… चुदाई कर…. मैंने बोला की ठीक है माँ मैं आराम आराम से चोदता हूँ. मम्मी के बड़े बड़े चूतड़ों को मैंने फैलाया और अपने लिंग का टोपा गांड के छेद में पूरा अंदर तक घुसा कर रगड़ता रहा. मम्मी का छेद काफी टाइट था. अंदर का गर्म मांस मेरे लिंग के टोपे को जो आराम दे रहा था वो बताना काफी मुस्खिल है. मम्मी काफी सेक्सी थी उनका शरीर चोद चोद कर मैं पता हिला हिला था. सेक्स करने के दौरान मैं कभी मेरे लम्बे मोटे लंड से मेरी माँ का मुँह चोद रहा था तो कभी उनके दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों के बीच लिंग घुसा कर उनके स्तनों को चोद रहा था.

मम्मी को उस दिन मैंने अपने लिंग के पानी से भीगा दिया था. मैंने मेरी नंगी माँ को घोड़ी बनाकर करीब आधे घंटे तक उनकी नशीली गांड मारी और फिर गांड चोदते चोदते मेरा वीर्य माँ की गांड में ही निकल गया. हम माँ बेटे ने काफी देर तक अवैध सेक्स संबंध बनाए थे जिस वजह से हमें काफी ज्यादा थकान हो गयी थी. गांड चुदाई ख़त्म करने के बाद हम माँ बेटे नंगे ही चिपक कर सो गए और कब हमें गहरी नींद आ गयी कुछ पता ही नहीं चला. दोस्तों अब मुझे बड़े अच्छे से सेक्स करना आ गया है मेरी माँ ने मुझे सेक्स करना बड़े अच्छे से सिखाया है. दोस्तों मेरी माँ बोलती है की चुदाई हमेशा मुर्गा खाकर ही करनी चाहिये क्योंकि सेक्स करने में काफी ज्यादा शक्ति की जरुरत होती है जो हमें मुर्गा खाने से प्राप्त होती है. यदि आप में से किसी को सेक्स करना नहीं आता हो और सेक्स कैसे करते हैं सीखना चाहते हो तो मुझे बता देना मेरी माँ बहुत अच्छी है वो तुम्हे भी सेक्स करना सिखा देगी…

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