मुफ्त में पढ़ें साधारण सी गृहिणी ने पोर्न फिल्म देखकर नई समलैंगिक पड़ोसन के साथ लेस्बियन सेक्स करा अन्तर्वासना हिंदी समलैंगिक सेक्स कहानी – Muft mein padhen saadharan si grihini ne porn film dekhkar nai padosan ke saath lesbian sex kara Antarvasna Hindi samlaingik sex kahani – Read for free An ordinary housewife after watching a porn film had lesbian sex with the new neighbor Antarvasna Hindi lesbian sex story…
मैं 32 साल की एक साधारण सी गृहिणी हूँ, पर उस रात मेरे भीतर कोई और ही जाग रही थी। बाहर बारिश की मोटी-मोटी बूंदें खिड़की पर ऐसे बज रही थीं जैसे मेरी धड़कनें। मैं अपने बेडरूम में अकेली, लैपटॉप पर एक विदेशी पोर्न वीडियो देखते हुए अपनी जांघों को सहला रही थी।
मेरी उंगलियाँ मेरी गीली चूत के आसपास मंडरा रही थीं, लेकिन मेरी आँखें स्क्रीन पर उस औरत के चेहरे पर टिकी थीं। हेलेना होप, एक मोटे बोबों वाली मिल्फ, जो अपने लंड जैसे डिल्डो को मुँह में लेकर कराह रही थी। मैं उसकी आँखों का वह नशा देखकर खुद को भूल रही थी, यही चीज़ मुझे सबसे ज़्यादा उत्तेजित करती थी।
रोहित, मेरे पति, ऑफिस के एक काम से बाहर गए हुए थे और 2 दिन बाद लौटने वाले थे। पिछले कुछ सालों में हमारी चुदाई बस एक रस्म बनकर रह गई थी, जहाँ उनका ध्यान सिर्फ अपनी झटपट संतुष्टि पर होता था। मेरी 36D की चूचियाँ और मेरी रसदार चूत उनकी अनदेखी की शिकार हो गई थीं, और मैं अंदर ही अंदर एक अजीब सी प्यास से जल रही थी।
साधारण सी गृहिणी ने पोर्न फिल्म देखकर नई समलैंगिक पड़ोसन के साथ लेस्बियन सेक्स करा अन्तर्वासना हिंदी 18+ समलैंगिक सेक्स कहानी

एक दिन अचानक ही मेरी ज़िंदगी में तानिया आई, हमारी नई पड़ोसन, जो अपने हर कपड़े में एक अजीब सा आत्मविश्वास बिखेरती थी। उसकी उम्र कोई 28 साल रही होगी, कद छोटा, लेकिन कुल्हों का मोड़ और स्तनों का उभार इतना बेहूदा कि मेरा मुँह सूख जाता। पहली बार जब वह मेरे घर चीनी माँगने आई, तो उसने मेरी छाती पर एक ऐसी नज़र डाली मानो मेरे कपड़े पारदर्शी हों।
उस शाम मैंने अपने लिए पहली बार ऑनलाइन एक काली फीतों वाली बेहद महँगी लॉन्जरी मँगवाई थी। जब मैंने वह पहनी, तो आईने में अपनी ही कामुक औरत को देखकर मेरी चूत रस से भर गई थी। मेरे निप्पल, जो बारीक फीते के पीछे से दिख रहे थे, तन कर लौड़े की तरह खड़े हो गए थे।
धीरे-धीरे हमारी नई पड़ोसन तानिया और मेरी दोस्ती गहरी होती गई, और हम अक्सर शाम को वाइन पीते हुए लाइफ की बातें करते। एक दिन बातें करते-करते अश्लील मूवी (Porn Films) का ज़िक्र छिड़ गया, और मैंने शर्माते हुए मान लिया कि मुझे पोर्न फ़िल्में देखना बहुत पसंद है। तानिया ने अपनी वाइन का घूंट लेते हुए कहा, “मैं भी पोर्न फ़िल्में देखती हूँ, लेकिन मेरा ध्यान हमेशा लड़कियों के रिएक्शन पर ज़्यादा रहता है, लड़कों पर नहीं।”
उसका यह कबूलनामा सुनकर मेरे पेट में एक गुदगुदी सी हुई, क्योंकि मैं भी बिल्कुल यही सोचती थी। मैंने हिम्मत जुटाकर पूछ ही लिया, “क्या तुम लेस्बियन (समलैंगिक) हो?” तानिया ने आँखें मटकाते हुए हामी भरी और फिर शरारत से बोली, “मुझे वे औरतें पसंद हैं जिनके बड़े बूब्स हों और जो अपनी कामुक देह से खेलने का मज़ा जानती हों।” उसकी बातें सुनते ही मेरी कल्पना ने पंख लगा लिए और मेरी साँसें तेज़ हो गईं आज मुझे अहसास हुआ की मैं भी समलैंगिक हूँ।
एक रात जब बाहर बारिश ज़ोरों से हो रही थी, तानिया मेरे फ्लैट पर आई, हाथ में एक बोतल और चेहरे पर शैतानी हँसी। हमने साथ बैठकर पोर्न देखना शुरू किया, और स्क्रीन पर एक मोटी औरत की तना हुआ लंड चूसने की आवाज़ें कमरे में गूँजने लगीं। हमारी नई पड़ोसन तानिया ने मेरी तरफ देखा और धीमे से कहा, “तुम्हें पता है, हर कोई कहता है कि मैं बिल्कुल पोर्न फिल्म एक्ट्रेस हेलेना होप की तरह दिखती हूँ।”
मैंने उसकी तरफ मुड़कर गौर से देखा, उसके चेहरे का निचला हिस्सा और उसके उभरे हुए चुचे, और मेरे मुँह से अनायास निकला, “हाँ, सच में बहुत मिलती हो।” तानिया ने अपना ब्लाउज थोड़ा नीचे खिसकाया और मेरी उंगली पकड़कर अपने स्तन के गर्म गोश्त पर रख दी। उसका स्पर्श ऐसा था मानो बिजली दौड़ गई हो, और मेरी चूत से रस टपककर मेरी जाँघों को भिगोने लगा।
समलैंगिक पड़ोसन तानिया ने झुककर मेरे होंठ चूस लिए, उसकी जीभ मेरे मुँह के अंदर घुसकर ऐसे खेलने लगी जैसे किसी लौड़े की मालिश कर रही हो। मेरे हाथों ने अनजाने में ही उसकी पीठ पर टिके फीते खोलने शुरू कर दिए, और देखते ही देखते हम दोनों नंगी, फर्श पर लोट रही थीं। उसके 34D के बोबे, जिन पर उभरे हुए निप्पल मेरा मुँह माँग रहे थे, मैंने तुरंत मुँह में ले लिए और ज़ोर से चूसने लगी।
मेरे चूसने पर तानिया ज़ोर से कराही, “हाँ शालिनी, ऐसे ही चूस मेरी चूचियाँ, जैसे मेरी चूत का रस निकाल रही हो।” उसके ये शब्द सुनकर मैं पागल-सी हो गई और मेरी उंगली उसकी बालों वाली चूत की दरार में फिसल गई। वह इतनी तंग और गर्म थी कि मैंने अंदर ही अंदर सोचा, यही तो असली रसदार चूत है, जिसे आज मैं चाट-चाटकर खा जाऊँगी।
मैंने उसे पलंग पर धकेला और उसकी जाँघों के बीच मुँह रखकर उसकी फुद्दी को चाटना शुरू कर दिया। लेस्बियन सेक्स के दौरान मेरी जीभ उस समलैंगिक महिला की झांट के बालों को चीरती हुई उसके भोसड़े के गुलाबी छेद पर घूम रही थी और मेरी नई पड़ोसन तानिया मेरे बाल पकड़कर अपना पूरा पेल्विस मेरे चेहरे पर रगड़ रही थी। उसकी चूत से निकलता चिपचिपा माल मैंने चाट लिया, और उसके तीखे स्वाद ने मुझे और भी गहराई तक जाने पर मजबूर कर दिया।
“अब तुम्हारी बारी,” कहते हुए तानिया ने अचानक पलटी मारी और मुझे नीचे दबाकर मेरे सेक्सी कुल्हों को ऊपर उठा दिया। मेरी नयी समलैंगिक पड़ोसनने मेरी गांड के छेद पर अपनी लार से भीगी उंगली रखी और धीरे-धीरे भीतर धकेलने लगी, जबकि उसका दूसरा हाथ मेरी गीली चूत की रसाई कर रहा था। मेरे मुँह से बस यही निकल रहा था, “ओह तानिया, मेरी भोसड़ी में उंगली और अंदर डाल, मुझे रंडी की तरह चोद।”
उसके बाद उसने अपना चेहरा मेरी टाइट चूत पर टिका दिया और मेरी गांड में उंगली (Ass Fingering) डाले हुए ही मेरी बुर को ऐसे चूसने लगी मानो कोई पका आम चूस रही हो। मेरा शरीर काँपने लगा, और पहली बार मुझे एक बेहतरीन ओर्गास्म का एहसास हुआ, जिसमें मेरी चूत धड़क रही थी और मेरा सारा रस तानिया ने पी लिया। मैं पूरी तरह भीगी, थकी, लेकिन ज़िंदा महसूस कर रही थी।
उस रात के बाद मेरी कामुकता जैसे आज़ाद हो गई, और मैंने बिना किसी शर्म के अपने लिए एक मोटा, नसों वाला डिल्डो मँगवा लिया। रोहित की गैर-मौजूदगी में मैं उसी हेलेना होप वाली वीडियो लगाकर, डिल्डो को अपनी चूत में ठूँस-ठूँसकर चोदती और अपने ही रस में खेलती रहती। लेकिन फिर मेरे मन में एक ख़याल आया कि क्यों न अपनी इस नई छिनाल वाली हिम्मत को अपनी असल ज़िंदगी में उतारा जाए।
जिस दिन मेरे पति रोहित को घर लौटना था, मैंने वही काली फीते वाली सेक्सी लॉन्जरी पहनी, जिसमें मेरे मोटे चूतड़ और तने हुए निप्पल बेतरतीबी से झाँक रहे थे। जैसे ही उन्होंने दरवाज़ा खोला, उनकी आँखें फटी रह गईं, और मैंने पहली बार उनके पायजामे में एक खड़ा लंड तनता देखा। मैंने होंठों पर जीभ फेरते हुए उनसे कहा, “आज मैं तुम्हारी वेश्या बनूँगी, और तुम मेरे रंडीबाज मर्द।”
उन्होंने मुझे दीवार पर धकेला और मेरी गर्दन चूमते हुए मेरे बोबों को बाहर निकालकर बुरी तरह से मसलने लगे। मेरे मुँह से गंदी-गंदी गालियाँ बरस रही थीं, “हाँ मालिक, मेरी रांड फुद्दी को चोदो, अपने मोटे लौड़े से मेरा भोसड़ा फाड़ डालो।” फिर मैं झुकी और मैंने उनका लंड बाहर निकाला, जो 7 इंच का तना हुआ और फड़कता हुआ खड़ा था।
मैंने उनके लंड के सुपारी जैसे गोटे को मुँह में भरकर चूसा, और उनके अंडकोष की थैली को अपनी उंगलियों से सहलाने लगी। मेरे मुँह की गीली गर्मी पाकर रोहित ज़ोर से कराह उठे और मेरे सिर को दबाकर अपना पूरा लम्बा लंड मेरे गले तक उतार दिया। यह ब्लोजॉब (Blowjob) आज तक की मेरी सबसे बेशर्म और गीली मुखमैथुन की घटना थी, और मेरी चूत से पानी बहकर मेरी लॉन्जरी को पूरी तरह भिगो चुका था।
फिर रोहित ने मुझे उठाकर बेड पर फेंक दिया और मेरी गांड के नीचे तकिया रखकर मेरी टाँगें अपने कंधों पर डाल लीं। उन्होंने अपने खड़े लंड को मेरी रसदार चूत के द्वार पर रगड़ा और एक ही झटके में अंदर तक घुसा दिया। मेरी चूत की टाइट पकड़ ने उनके लंड को ऐसे जकड़ लिया मानो किसी मोटे लौड़े को निगल रही हो, और मैं “उई माँ, और ज़ोर से चोदो” कहकर चिल्ला उठी।
उस रात हमने कुत्ते की तरह (Doggy Sex Position) चोदने वाली स्टाइल से लेकर उल्टा लटककर गुदा सेक्स तक हर वो चीज़ की जिसकी कल्पना मैंने अश्लील वीडियो में देखी थी। मेरी गांड के छेद में उनकी उंगली और लंड का वो अहसास मुझे रात भर चीखने पर मजबूर करता रहा। मेरे मुँह से लगातार गंदी बातें, और रोहित का मेरी कमर पर धौल जमाते हुए मेरी चूचियों को नोचना, सब कुछ एक जंगली चुदाई का नमूना था।
आखिरकार जब उन्होंने मेरे मुँह पर अपना गाढ़ा, सफ़ेद वीर्य छोड़ा, तो मैंने आँखें बंद करके उस चिपचिपे माल को होठों से चाट लिया। मेरी चूत का रस और उनका शुक्राणु मिलकर मेरे चेहरे पर एक तस्वीर बना रहे थे, और मुझे पहली बार लगा कि मैं पूरी और संतुष्ट औरत हूँ। मैंने जान लिया कि जब तक हम अपनी अंदर की रांड को पहचान नहीं लेते, चुदाई का सच्चा मज़ा अधूरा ही रहता है।
अब मैं यहाँ लेटी हुई, अपनी इस अन्तर्वासना हिंदी XXX समलैंगिक सेक्स कहानी को आपसे साझा कर रही हूँ, और मेरे मन में सिर्फ एक सवाल है। क्या मेरे इस छिनालपन और हवस भरे सफर ने आपको भी अंदर तक गीला या तना हुआ किया? कृपया बेझिझक अपनी ईमानदार प्रतिक्रिया और कमेंट में बताइए, मुझे आपकी हर बात का इंतज़ार रहेगा।


