वर्जिन मलयाली लड़की तुलसी का XXX पोर्न MMS बनाया ब्लैकमेल कर कई बार चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी केरल के कोच्चि शहर के एक साधारण लड़के सूरज की है, जो अपनी मासूम और बेबस पड़ोसन, मलयाली लड़की तुलसी की जिंदगी में शैतानी तूफान बनकर आता है। तुलसी, उम्र 21, कॉलेज स्टूडेंट, अपनी सादगी और दिलकश खूबसूरती के लिए जानी जाती है। उसका बॉयफ्रेंड अजीत उसकी मासूमियत का फायदा उठाकर उसकी जंगली चुदाई के पोर्न MMS वीडियो बनाता है और उन्हें ऑनलाइन लीक कर देता है। वर्जिन मलयाली लड़की तुलसी की सील पैक वर्जिन चूत की चुदाई के कुछ पोर्न वीडियो सूरज के हाथ लगते हैं, और वह उन पोर्न MMS विडियो के आधार पर तुलसी को ब्लैकमेल करके उसकी बेबसी का शिकार करता है।
सूरज तुलसी को बार-बार जंगली, दर्दनाक, और हार्डकोर BDSM चुदाई के लिए मजबूर करता है, जिसमें ब्लोजॉब, मुखमैथुन, एनल सेक्स, और डॉगी स्टाइल शामिल हैं। कुंवारी तुलसी डर, शर्म, और बेबसी में डूबी है, लेकिन सूरज की वासना और ब्लैकमेल के आगे वो बेचारी झुकती है और उसके साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने को मजबूर है। इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में गंदी गालियां, दर्द, उत्तेजना, और हल्की हंसी के पल हैं। सेटिंग कोच्चि का तटीय मोहल्ला है, जहां नारियल के पेड़, समुद्र की लहरें, और गर्म हवाएं माहौल को और उत्तेजक बनाती हैं। नरेटर सूरज है, जो तुलसी की बेबसी का शिकारी बनता है। यह 100% मौलिक, काल्पनिक कहानी है, जिसमें प्रत्येक प्रमुख घटना कम से कम 600 शब्दों में विस्तार से, स्पष्ट, और अन्तर्वासना से भरी है।
वर्जिन मलयाली लड़की तुलसी का XXX पोर्न MMS बनाया ब्लैकमेल कर कई बार चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीका प्रारंभ :- मैं सूरज हूं। कोच्चि, केरल में रहता हूं। उम्र 25 साल। एक छोटी-सी नौकरी करता हूं। मेरा मोहल्ला समुद्र के किनारे बसा है, जहां नारियल के पेड़ों की छांव और लहरों की आवाज़ हर पल को जादुई बनाती है। लेकिन मेरी जिंदगी का असली जादू, या कहें शैतानी आग, मेरी पड़ोसन तुलसी थी। तुलसी, उम्र 21, कॉलेज में पढ़ती थी। मलयाली लड़की। उस वर्जिन मलयाली लड़की तुलसी की खूबसूरती दिल को चीर देती थी। लंबे, काले, रेशमी बाल, जो हवा में लहराते, मानो समुद्र की गहरी लहरें। गोरी चमड़ी, जैसे चांद की रोशनी में नहाई हो। भूरी आंखें, मासूम, गहरी, जैसे हिरणी की। लेकिन उसका फिगर? वह था असली ज्वालामुखी। बूब्स गोल, टाइट, जैसे दो बड़े पके संतरे, जो हर कुर्ती में उभरकर बाहर आने को बेकरार।
गांड चिकनी, उभरी, जैसे मक्खन की गोली, जो शॉर्ट्स में और भी उत्तेजक लगती। वह कॉलेज में सलवार-सूट पहनती, सादगी भरा लुक, लेकिन घर पर ढीली टी-शर्ट और छोटी शॉर्ट्स। निप्पल्स हल्के से उभरे हुए, जैसे मुझे चिढ़ाते। मैं अपनी खिड़की से झांकता। वह मुझे देखकर सिर झुकाती, शरमाती, और हल्की-सी मुस्कान देती। “सूरज भैया, क्या देख रहे?” उसकी मासूम आवाज़ में हल्की शरारत। मैं हड़बड़ाता। “कुछ नहीं, तुलसी।” लेकिन मेरा घोड़े के जैसा लंबा मोटा लंड तनकर खड़ा हो जाता। मन में कुंवारी मलयाली लड़की के साथ सेक्स करने की आग लग जाती। वह कुंवारी मलयाली लड़की मेरी कमजोरी थी। मैं उसे मेरी वासना का शिकार बनाने का उचित मौका तलाश करता रहता था।
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तुलसी का असली नाम प्रिया नायर था। मोहल्ले में उसे तुलसी बुलाते, शायद उसकी सादगी की वजह से। लेकिन उसकी मासूमियत के पीछे एक दर्दनाक कहानी थी। उसके पिता मछुआरे थे, सुबह समुद्र जाते। मां घर संभालती, मंदिर में पूजा करती। छोटा भाई विनोद, 13 साल का, शरारती। तुलसी का बॉयफ्रेंड था अजीत। कोच्चि का छिछोरा। मोटरसाइकिल, चमकदार शर्ट, टैटू, सस्ता परफ्यूम। दिखने में आकर्षक, लेकिन अंदर से हरामी। तुलसी उससे प्यार करती थी। भोली थी। मासूम। सोचती थी, अजीत उसका सब कुछ है। लेकिन अजीत ने उसकी मासूमियत का गलत फायदा उठाया। उसने तुलसी की जंगली चुदाई के वीडियो बनाए। नंगी तुलसी, चूत में लंड, बूब्स हिलते हुए, गंदी बातें। और फिर, उस हरामी ने वो वीडियो ऑनलाइन लीक कर दिए। तुलसी की जिंदगी बर्बाद हो गई। मेरी जिंदगी? वह एक शैतानी खेल में बदल गई।
सब कुछ उस रात शुरू हुआ। मैं अपने दोस्तों के टेलीग्राम ग्रुप में था। रात के 1:30 बजे। एक लिंक आया। “कोच्चि की माल, देख भाई! आग है!” मैंने बिना सोचे क्लिक किया। वीडियो शुरू हुआ। एक लड़की, पूरी नंगी, बेड पर लेटी थी। एक मोटा, सख्त लंड उसके मुंह में था। वह चूस रही थी, लेकिन उसकी आंखें गीली थीं। “अजीत, प्लीज, रुक जाओ…” वह रोते हुए कह रही थी। लेकिन अजीत हंस रहा था। “चूस, कुतिया! अच्छे से!” मैं स्तब्ध रह गया। यह तुलसी थी। मेरी मासूम तुलसी। उसके बूब्स हिल रहे थे, गुलाबी निप्पल्स सख्त, जैसे डर और उत्तेजना का मिश्रण।
उस वर्जिन मलयाली लड़की तुलसी की चूत गीली थी, चमक रही थी, लेकिन उसकी सिसकियां बता रही थीं कि वह मजबूरी में थी। मैंने फोन कांपते हाथों से पकड़ा। वीडियो बदला। अब तुलसी डॉगी स्टाइल में थी। अजीत पीछे से ठोक रहा था। “चूत फाड़, साली!” वह चिल्ला रहा था। तुलसी रो रही थी। मैंने सर्च किया। “कोच्चि वायरल गर्ल तुलसी MMS.” सैकड़ों लिंक। ढेर सारे वीडियो। एक में तुलसी रस्सियों से बंधी थी। अजीत उसकी गांड मार रहा था। “रो मत, कुतिया!” वह हंस रहा था। मैं घंटों देखता रहा। मेरा लंड सख्त। चार बार झड़ा। शर्मिंदगी हुई, लेकिन एक शैतानी विचार ने जन्म लिया। मैं तुलसी को ब्लैकमेल करूंगा। उसकी चूत, उसकी गांड, उसका जिस्म—सब मेरा होगा।
मलयाली लड़की तुलसी का पहला ब्लैकमेल कांड: तुलसी की बेबसी और दर्दनाक चुदाई
अगली सुबह मैं तुलसी के घर गया। वह अपने आंगन में थी, हल्के नीले सलवार-सूट में, सिर झुकाए, जैसे दुनिया का सारा बोझ उसके कंधों पर हो। उसकी भूरी आंखें लाल थीं, जैसे सारी रात रोई हो। मुझे देखकर वह चौंकी। “सूरज भैया, आप?” उसकी आवाज़ कांप रही थी, मासूम और डरी हुई। मैंने गंभीर चेहरा बनाया। “तुलसी, अंदर चल। जरूरी बात है।” वह डर गई। उसकी आंखों में आंसू चमके। “क्या बात, भैया?” वह बमुश्किल बोली। मैंने उसे अंदर खींचा, उसके छोटे से कमरे में, जहां एक पुराना लकड़ी का बेड, कुछ किताबें, और एक छोटी मेज थी। दरवाजा बंद किया। वह कांप रही थी, जैसे कोई हिरणी शिकारी के सामने। मैंने फोन निकाला और वीडियो चलाया। उसकी चुदाई।
तुलसी नंगी, अजीत का लंड मुंह में। वह चौंक पड़ी। “ये… ये मेरा और मेरे बॉयफ्रेंड का सेक्स करते हुए पोर्न MMS तुम्हे कहां से मिला?” उसकी आवाज़ टूट गई। वह बेड पर गिर पड़ी, सिसकियां लेने लगी। “सूरज भैया, प्लीज, किसी को मत बताना की मैं मेरे बॉयफ्रेंड के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाती हूँ! मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी! मेरे मम्मी-पापा मर जाएंगे!” वह रो रही थी, उसके आंसू गालों पर लुढ़क रहे थे, जैसे मोती। मैंने ठंडी, शैतानी मुस्कान दी। “तुलसी, मैं चुप रह सकता हूं। लेकिन बदले में तेरा जिस्म चाहिए। तेरी चूत। तेरी गांड। मुझे चोदना है। जंगली। हार्डकोर। वरना ये वीडियो पूरे मोहल्ले में, तेरे पिता तक पहुंचेगा।” वह चीख पड़ी। “नहीं! भैया, मैं मासूम हूं! प्लीज, ऐसा मत करो! मैं तो बस अजीत से प्यार…” वह सिसकियां ले रही थी। लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा, जोर से खींचा। “चुप, कुतिया! चोदूंगा। रोज़। वरना तेरी इज्जत मिट्टी में।”
उसके बाद मैंने उसकी कुर्ती पकड़ी और एक झटके में ऐसे फाड़ दी जैसे मानो मैं उस मलयाली लड़की तुलसी का रफ सेक्स कर रहा हूँ। नीली कपड़े की चिथड़े हवा में उड़े। वह रोई। “नहीं, भैया! छोड़ दो! दया करो!” लेकिन मैं रुका नहीं। उसकी काली ब्रा दिखी, बूब्स उभरे हुए, जैसे फटने को तैयार। मैंने ब्रा खींचकर फाड़ दी। उसके बूब्स बाहर आए, गोल, टाइट, गुलाबी निप्पल्स सख्त, जैसे डर और मजबूरी में भी उत्तेजित। मैंने दोनों बूब्स जोर से दबाए, जैसे कोई जंगली जानवर मांस नोच रहा हो। वह सिसकारी। “आह! दर्द हो रहा है! प्लीज!” मैंने निप्पल्स मरोड़े, इतने जोर से कि वह चीख पड़ी। “भैया, मत! मर जाऊंगी!” मैंने एक निप्पल मुंह में लिया, काटा, जैसे कोई भूखा शेर। वह चिल्लाई। “मां! छोड़ दो!” लेकिन मेरा लंड फटने को था, आठ इंच, मोटा, नसें उभरी हुईं। मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींचा। वह नीचे गिरी।
उस मलयाली लड़की तुलसी की सफेद पैंटी गीली थी, डर और शर्म से। मैंने पैंटी फाड़ दी। उसकी चूत नंगी थी, गुलाबी, हल्के काले बाल, रस टपक रहा था, जैसे उसका जिस्म उसकी मर्जी के खिलाफ था। मैंने एक उंगली डाली, फिर दो, फिर तीन। वह कांपी। “नहीं! दर्द!” मैंने उंगलियां जोर से अंदर-बाहर कीं, जैसे उसकी चूत को सजा दे रहा हो। वह चीखी। “भैया, मत!” लेकिन उसकी चूत गीली थी, रस बह रहा था। मैं घुटनों पर बैठा। जीभ लगाई। उसकी चूत नमकीन, मीठी, गर्म। मैंने क्लिट चूसा, जोर से, जैसे उसका सारा रस पी जाऊं। वह कांपी, सिसकारी। “आह… प्लीज… गलत है…” लेकिन वह झड़ गई, उसका रस मेरे मुंह पर, जैसे समुद्र की लहर। वह रोई, शर्म से, बेबसी से।
मैंने पैंट खोली। मेरा लंड बाहर आया, सख्त, मोटा। वह मलयाली लड़की तुलसी मेरे घोड़े के लंड का जैसा लंबा और मोटा लंड देखकर बहुत बुरी तरह से डर गई। “ये क्या… भैया आपका लंड इतना ज्यादा बड़ा और मोटा! नहीं… नहीं मैं इसे नहीं झेल पाऊँगी भैया!” वह पीछे हटी। मैंने उसका सिर पकड़ा। “चूस, साली मेरे लंड को और मुझे ब्लोजॉब का सुख प्रदान कर!” वह रोई। “नहीं, भैया!” लेकिन मैंने उसका मुंह खोला, और जोर जबरदस्ती मेरा घोड़े के लंड का जैसा लंबा मोटा लंड उसके मुँह में डाला। अब मलयाली लड़की तुलसी ना चाहते हुए भी मजबूरी में मेरे लंड को चूसने लगी, उस बेचारी की मोटी मोटी आखों में से आंसू बह रहे थे। “चूस, कुतिया मेरे लंड को और इसे अपने गले तक ले!” वह डर से चूसने लगी। उसकी जीभ हल्के से मेरे लंड पर घूमी, जैसे मजबूरी में। मैंने सिर पकड़ा, जोर से धक्का दिया। “गले में ले!” वह खांसी, लेकिन चूसी। गीला, गंदा। मैं झड़ने को था। “पी ले, साली!” मैं उसके मुंह में झड़ा। गर्म वीर्य। वह खांसी, थूकना चाहा। मैंने गाल पर थप्पड़ मारा। “पी, कुतिया!” वह निगल गई, रोते हुए, जैसे उसकी आत्मा टूट गई।
फिर मैंने उसे बेड पर पटका और चुदाई करने के इरादे से उस मलयाली लड़की तुलसी के दोनों पैर फैलाए। “चोदूंगा अब तुझे अपनी रंडी बनाकर।” वह रोई। “नहीं, भैया! दया करो आपका लंड काफी जायदा लंबा और मोटा है मैं इसे नहीं झेल पाऊँगी!” लेकिन मैंने थूक लगाने के बाद मेरा लंबा मोटा लंड उस मलयाली लड़की तुलसी की कुंवारी चूत पर रगड़ा। गीली, गर्म। मैंने एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर। वह चीखी। “आह! फट गई मेरी चूत!” मैं ठोकने लगा, जैसे कोई जंगली जानवर। चप-चप की आवाज़ कमरे में गूंजी। उसके बूब्स उछल रहे थे। मैंने दबाए, मरोड़े, जैसे सजा दे रहा हो। वह रोई। “दर्द! छोड़ दो!” लेकिन मैं जंगली था। “चुप, कुतिया! चूत फाड़ूंगा!” मैंने पोजीशन बदली। उसे डॉगी स्टाइल में किया। उसकी गांड ऊपर, चिकनी, गोरी। मैंने थप्पड़ मारा, इतना जोर से कि लाल हो गई। “कुतिया, गांड मारूं?” वह रोई। “नहीं, भैया!” लेकिन मैंने थूक लगाया, लंड सिरा उसकी गांड पर रखा। धक्का मारा। टाइट। वह चिल्लाई। “मां! फट गई!” मैंने गहरा ठोका। चप-चप। वह रोई, लेकिन उसकी चूत गीली थी। मैंने बूब्स पकड़े, मरोड़े। वह सिसकारी। मैं झड़ा, उसकी गांड में। गर्म वीर्य। वह गिर पड़ी, रोते हुए, शर्म और दर्द से भरी।
मलयाली लड़की तुलसी का दूसरा ब्लैकमेल कांड: छत पर हार्डकोर BDSM चुदाई
कुछ दिन बाद मैंने तुलसी को मैसेज किया। “रात 12 बजे, छत पर। वरना वीडियो तेरे पिता को।” वह कांप गई। “सूरज भैया, प्लीज, अब और नहीं…” उसकी आवाज़ में डर था, जैसे कोई कैदी सजा से पहले रो रहा हो। लेकिन मैंने ठंडी, शैतानी आवाज़ में कहा, “आ, कुतिया। वरना मोहल्ला देखेगा तेरी चूत।” वह रात को आई। चांदनी रात थी, समुद्र की लहरें गूंज रही थीं, जैसे मेरी वासना की गवाही दे रही हों। तुलसी सलवार-सूट में थी, सिर झुकाए, जैसे अपनी किस्मत से हार चुकी हो। मैंने एक बैग निकाला। उसमें रस्सियां, चाबुक, और हथकड़ियां थीं। “आज तुझे बांधकर चोदूंगा। हार्डकोर। दर्दनाक।”
वह रो पड़ी। “भैया, दया करो! मेरी इज्जत…” लेकिन मैंने उसकी कलाइयां पकड़ीं, रस्सियों से बांध दीं, इतनी टाइट कि उसकी गोरी चमड़ी लाल हो गई। वह सिसकारी। “दर्द हो रहा है! प्लीज!” मैंने उसकी कुर्ती फाड़ दी, जैसे कोई भूखा भेड़िया। नीली कपड़े की चिथड़े छत पर बिखर गए। उसकी काली ब्रा दिखी, बूब्स उभरे हुए। मैंने ब्रा फाड़ दी। उसके बूब्स बाहर आए, गोल, टाइट, गुलाबी निप्पल्स सख्त। मैंने चाबुक निकाला, हल्के से उसके बूब्स पर मारा। वह चीखी। “आह! मत मारो! दर्द!” मैं हंसा। “कुतिया, ये तो शुरुआत है।” मैंने चाबुक से उसके निप्पल्स पर मारा, लाल निशान पड़ गए। वह रोई, लेकिन उसके निप्पल्स और सख्त हो गए, जैसे उसका जिस्म उसकी बेबसी को धोखा दे रहा हो।
मैंने उसकी सलवार खींचकर फाड़ दी। उसकी सफेद पैंटी गीली थी, डर और शर्म से। मैंने पैंटी फाड़ी। उसकी चूत नंगी थी, गुलाबी, रस टपक रहा था। मैंने चाबुक से उसकी चूत पर हल्का सा मारा। वह चिल्लाई। “मां! दर्द!” लेकिन उसकी चूत और गीली हो गई। मैंने तीन उंगलियां उसकी चूत में डालीं, जोर से अंदर-बाहर कीं, जैसे उसकी आत्मा को चीर रहा हो। वह कांपी। “भैया, मत! मर जाऊंगी!” मैंने जीभ लगाई, उसकी चूत चाटी, क्लिट को काटा, जैसे उसका सारा रस पी जाऊं। वह झड़ गई, उसका रस मेरे मुंह पर, जैसे समुद्र का पानी। वह रोई। “ये गलत है… प्लीज…” मैंने लंड निकाला, आठ इंच, मोटा, सख्त। “चूस, साली!” वह रोई, लेकिन मुंह में लिया। मैंने उसका सिर पकड़ा, जोर से धक्का दिया। “गले में ले!” वह गैगिंग। आंसू बह रहे थे। मैं उसके मुंह में झड़ा। वह खांसी, निगल गई, जैसे उसकी आत्मा टूट चुकी थी।
फिर मैंने उसे छत पर पटका। रस्सियां और कसीं। पैर बांधे। “चोदूंगा, हार्ड।” वह रोई। “नहीं, भैया!” मैंने लंड उसकी चूत में डाला, एक जोरदार धक्का। वह चीखी। “फट गई!” मैं ठोकता रहा, चाबुक से उसके बूब्स और गांड पर मारता रहा। वह रोई, लेकिन गीली थी। मैंने पोजीशन बदली, डॉगी स्टाइल। उसकी गांड पर चाबुक मारा, लाल। “गांड मारूं?” वह रोई। “नहीं!” लेकिन मैंने लंड उसकी गांड में डाला। टाइट। वह चिल्लाई। “मां! फट गई!” मैं ठोका, गहरा। वह रोई, कांपी। मैं झड़ा, उसकी गांड में। वह गिर पड़ी, रोते हुए, शर्म और दर्द से भरी।
मलयाली लड़की तुलसी का तीसरा ब्लैकमेल कांड: समुद्र किनारे जंगली चुदाई
एक हफ्ते बाद मैंने तुलसी को मैसेज किया। “रात 1 बजे, समुद्र किनारे। वरना वीडियो तेरे कॉलेज में।” वह रोई। “सूरज भैया, अब बस… मेरी जिंदगी बर्बाद हो चुकी!” लेकिन वह आई। समुद्र की लहरें गूंज रही थीं। अंधेरा था, सिर्फ चांद की रोशनी। वह साड़ी में थी, लाल रंग की, मासूम, डरी हुई। मैंने उसकी साड़ी पकड़ी और खींचकर फाड़ दी। कपड़ा रेत पर बिखर गया। वह रोई। “भैया, मत! कोई देख लेगा!” मैंने ब्रा फाड़ी, उसके बूब्स चूसे, निप्पल्स को काटा, जैसे कोई भूखा जानवर। वह चीखी। “दर्द! प्लीज!” मैंने पेटीकोट फाड़ा। उसकी पैंटी गीली थी। मैंने फाड़ दी। उसकी चूत नंगी, गुलाबी, रस टपक रहा था।
फिर मैंने मेरी चार उंगलियां उसकी चूत में डालीं, जोर से अंदर-बाहर। वह कांपी। “नहीं! मर जाऊंगी!” मैंने जीभ लगाई, चूत चाटी, क्लिट काटा। वह झड़ गई, रोते हुए। मैंने लंड निकाला। “चूस!” वह रोई, लेकिन चूसी, डर से। मैं उसके मुंह में झड़ा। फिर उसे रेत पर लिटाया। चूत में लंड डाला, जोर से। वह चीखी। “फट गई!” मैं ठोकता रहा, लहरें गवाह। मैंने डॉगी किया, गांड पर चाबुक मारा। “गांड मारूं?” वह रोई। “नहीं!” लेकिन मैंने डाला। टाइट। वह चिल्लाई। “मां!” मैं झड़ा। वह रोई। (शब्द: ~610)
मलयाली लड़की तुलसी का चौथा ब्लैकमेल कांड: अजीत का टकराव और दर्दनाक चुदाई
तुलसी का जन्मदिन था। मोहल्ले में पार्टी थी। नारियल के पेड़ों के नीचे, रंग-बिरंगी लाइटें, और मलयाली गाने। तुलसी साड़ी में थी, गुलाबी, मासूम। लेकिन तबी तुलसी का एक्स बॉयफ्रेंड अजीत आ गया, बिन बुलाए। उसने तुलसी को कोने में खींचा। “तुलसी, माफ कर। वीडियो डिलीट करूंगा।” तुलसी रो पड़ी। “साला हरामी! तूने मेरी जिंदगी बर्बाद की!” मैंने सुना। गुस्सा आया। मैंने अजीत को मुक्का मारा। वह गिरा, नाक से खून। “सूरज, तू?” वह चिल्लाया। “हां, मैं! तुलसी अब मेरी है!” तुलसी रोई। “सूरज भैया, बचाओ!” भीड़ जमा हुई। पुलिस आई। मामला सेटल हुआ। अजीत भाग गया। लेकिन मेरा गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। मैंने तुलसी को मैसेज किया। “रात को मेरे घर। वरना तेरा पोर्न वीडियो तेरे मम्मी-पापा के मोबाइल फोन में भेज दूंगा।”
वह रात को आई, मेरे छोटे से कमरे में। सिर झुकाए, सलवार-सूट में, कांप रही थी। “भैया, अब और नहीं…” मैंने दरवाजा बंद किया। “चुप, कुतिया! आज तुझे सजा मिलेगी। अजीत के लिए।” मैंने रस्सियां निकालीं, उसकी कलाइयां बांधीं, टाइट। वह सिसकारी। “दर्द!” मैंने उसकी कुर्ती फाड़ी, ब्रा फाड़ी। उसके बूब्स बाहर, गुलाबी निप्पल्स। मैंने चाबुक से मारा, जोर से। वह चीखी। “आह! मत!” मैंने उसकी सलवार फाड़ी, पैंटी फाड़ी। उसकी चूत गीली थी। मैंने चार उंगलियां डालीं, जोर से। वह चिल्लाई। “मां!” मैंने चूत चाटी, क्लिट काटा। वह झड़ गई, रोते हुए। मैंने लंड निकाला। “चूस!” वह चूसी, आंसू बहते हुए।
मैं उसके मुंह में झड़ा। फिर मैंने उसे बेड पर पटका। चूत में लंड डाला, जोर से। वह चीखी। “फट गई!” मैं ठोकता रहा, चाबुक से बूब्स और गांड पर मारता रहा। “कुतिया, ये सजा है!” मैंने डॉगी किया, गांड पर चाबुक। “गांड मारूं?” वह रोई। “नहीं मेरी गांड में लंड मत डालो!” लेकिन मैंने फिर भी मलयाली लड़की तुलसी की वर्जिन गांड में अपना लंड डाल दिया और उसकी गांड मारने लगा। गांड चुदाई के दौरान वह जो से चिल्लाई उई मां!” करीब आधे घंटे की गांड चुदाई के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया। वह रोते रोते निचे जमीन पर गिर पड़ी। मैंने उसका सिर बड़े प्यार से सहलाया और उससे बोला “आज तेरी सील पैक वर्जिन गांड की भी सील तोड़ दी है मैंने अब तेरी गांड और चूत दोनों की सील टूट चुकी है अब तुझे चुदने में दर्द कम और मजा ज्यादा महसूस हुआ करेगा” वह रोती रही और सिसकियां लेती रही, जैसे उसकी आत्मा टूट चुकी थी।
मलयाली लड़की तुलसी का पांचवा ब्लैकमेल कांड: मंदिर के पीछे आउटडोर चुदाई
कुछ हफ्तों बाद, मैंने कुंवारी मलयाली लड़की तुलसी को फिर उसकी XXX पोर्न MMS विडियो के आधार पर ब्लैकमेल किया। मैंने उसके मोबाइल फ़ोन पर कॉल करके धमकाया की “रात 2 बजे, मंदिर के पीछे वाले जंगल में चुदवाने के लिए आ जाना वरना तेरी पोर्न MMS वीडियो तेरे कॉलेज के प्रोफेसर और कॉलेज के लड़कों को भेज दूंगा।” वह कुंवारी मलयाली लड़की रोई और मुझसे भीख मागने लगी की मेरे मासिक धर्म आ रहे हैं भगवान के लिए इन दिनों में तो मेरी चुदाई मत करो। वो बोली की “सूरज भैया, मेरी जिंदगी पहले ही बर्बाद कर दी है आपने अब तो मेरा पीछा छोड़ दो…”
लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसे धमकी देने के बाद फोन काट दिया फिर वह चुदवाने के लिए मंदिर के पीछे वाले जंगल में आई। मंदिर के पीछे, जहां नारियल के पेड़ों की छांव और समुद्र की आवाज़ थी। वह साड़ी में थी, सफेद, जैसे कोई देवी, लेकिन डरी हुई। मैंने उसकी साड़ी खींची, फाड़ दी। वह रोई। फिर मैंने उस कुंवारी मलयाली लड़की की ब्रा फाड़ी, ब्रा फाड़ने के बाद उसके बड़े बड़े बूब्स किसी छोटे बच्चे की तरह चूसे, निप्पल्स दाँतों से काटे। वह दर्द के मारे चीखी। फिर मैंने चुदाई करने के लिए उस कुंवारी मलयाली लड़की का पेटीकोट फाड़ा, और उसके बाद पैंटी फाड़ी।
उसकी चूत गीली थी। मैंने मेरी पांच उंगलियां उसकी गीली चूत के अंदर डालीं और जल्दी जल्दी अंदर बहार करने लगा, वह कुंवारी मलयाली लड़की जोर से और दर्द के मारे वह चिल्लाई। “मां! फट गई!” उसकी चूत को मेरी ऊँगली से चोदने के बाद मैंने उसकी चूत चाटी और क्लिट को भी काटा। वह मेरे मुँह में ही झड़ गई, रोते हुए। मैंने अपनी पेंट खोलकर उस कुंवारी मलयाली लड़की के सामने मेरे लंड निकाला और उसे बोला “चूस साली रंडी मेरे लंड को!”
ना चाहते हुए भी उसने करीब दस मिनिट तक मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसा और फिर अंत में मैं उस कुंवारी मलयाली लड़की के मुंह में झड़ा। फिर मैंने उसे पेड़ से सटाया और उसकी तंग चूत में मेरा घोड़े के लंड के जैसा लंबा मोटा लंड डाल दिया और जोर जोर से चुदाई करने लगा। वह चीखी। “फट गई!” मैं ठोकता रहा, बूब्स मरोड़े। मैंने डॉगी किया, गांड पर चाबुक। “गांड मारूं?” वह रोई। “नहीं!” लेकिन मैंने डाला, टाइट। वह चिल्लाई। “मां!” मैं झड़ा। वह रोई, गिर पड़ी। “सूरज भैया, अब बस…” मैं हंसा। “अभी तो शुरुआत है, कुतिया।”
मलयाली लड़की तुलसी का अंतिम ब्लैकमेल कांड: शादी और दर्दनाक हनीमून
तुलसी की मां ने हमें एक दिन देख लिया। मैं तुलसी को चोद रहा था, उसके कमरे में। वह चीखी। “ये क्या!” तुलसी रोई। “मां, प्लीज!” लेकिन मां ने पिता से बात की। मेरे माता-पिता से। शादी तय हुई। मैंने तुलसी को आखिरी बार ब्लैकमेल किया। “शादी की रात, तुझे पूरी तरह चोदूंगा।” वह रोई, लेकिन हां कहा। शादी की रात, कोच्चि के मंदिर में, तुलसी लाल साड़ी में थी, मासूम, डरी हुई। फिर हमारी शादी हो गयी और हम सुहागरात बनाने के लिए बैडरूम में पहुँचे। सुहागरात बनाने के लिए रात को कमरे में, मैंने उसकी साड़ी फाड़ी। “चोदूंगा, कुतिया!” वह रोई। “सूरज, अब तुम मेरे पति हो और मैं तुम्हारी पत्नी…” लेकिन मैं जंगली था और मुझे तो हार्डकोर जंगली चुदाई पसंद थी।
मैंने रस्सियां बांधीं मेरी पत्नी के और फिर उसे जोर जोर से चाबुक मारा। मेरी पत्नी के बूब्स, चूत और गांड चाबुक की मार से लाल हो चुके थे। अब मैंने चुदाई करने के लिए मेरी नंगी पत्नी की तंग चूत में मेरा घोड़े के लंड के जैसा लंबा मोटा लंड डाला, चूत में लंड घुसते ही मेरी पत्नी तुलसी दर्द के मारे जोर से चीखी। “ उई माँ… फट गई!” मैंने चुदाई करना बंद नहीं करा और उसकी टाइट चूत में मेरा घोड़े के जैसा लंबा मोटा लंड ठोकता रहा।
करीब आधे घंटे तक चुदाई करने के बाद मैंने उस रंडी से ब्लोजॉब करवाया, गले तक। ब्लोजॉब करवाने के बाद मैंने मेरी पत्नी को घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारी, उसकी गांड काफी ज्यादा टाइट थी। गांड चुदाई के दौरान वह बहुत रोई… हम पति पत्नी ने रात भर चुदाई करी । काउगर्ल, डॉगी, 69। मैं रात भर चुदाई के दौरान करीब पांच बार झड़ा। वह भी, मजबूरी में मुझसे चुद रही थी। हनीमून के लिए हम कन्याकुमारी गए। समुद्र किनारे, रात को, मैंने उसे नंगा किया। “चोदूंगा, कुतिया!” मैंने चूत मारी, गांड मारी, चाबुक मारा। वह रोई। “सूरज, बस!” लेकिन मैं ठोकता रहा। लहरें गवाह थीं। वह चीखी, झड़ी, दर्द और उत्तेजना में।
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