दोस्तों आज की इस कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी के माध्यम से मैं आपको बताऊंगा की कैसे मैं जिगोलो बनकर पुरुष वेश्यावृत्ति करके रूपये पैसे कमाने लगा और कुंवारी लड़कियों शादी शुदा महिलाओं व विधवा ओरतों की चुदाई करने लगा. आजकल कम उम्र के लड़के ज्यादा पैसे कमाने और सेक्स करने के लालच में मेल प्रोस्टीटयूट अर्थात पेशेवर जिगोलो बनने के सपने देखने लग जाते हैं और पुरुष वेश्यावृत्ति के दलदल में धंसते चले जाते हैं. ये एक ऐसा गंदा धंधा है जिसमें पैसे के साथ साथ रोज नयी नयी महिलाओं के साथ चुदाई करने को भी मिलता है. मेरी जिन्दगी के साथ भी एक ऐसा ही राज जुड़ा हुआ है जो आज मैं आपके सामने रख रहा हूं.
जिन लोगों को मेल प्रॉस्टिट्यूट अर्थात जिगोलो के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं उन्हें बता देता हूं कि जिस तरह महिलाएं रंडी बनकर अपने जिस्म को पैसे में पराये मर्दों को बेचती हैं ठीक उसी प्रकार आजकल मर्द भी अपने जिस्म को बेचने लगे हैं और इस काम को करने वाले मर्द जिगोलो कहलाते हैं. जिगोलो एक व्यक्ति होता है जो अक्सर पैसों के लिए अपने शारीरिक सेवाओं की पेशकश करता है इसे आप पुरुष वेश्यावृत्ति भी बोल सकते हो. जिगोलो वह पुरुष होते हैं जो पैसे लेकर पुरुष वेश्यावृत्ति करते हैं ये मर्द आमतौर पर संभावित रूप से शादी शुदा महिलाओं, विधवा ओरतों व कुंवारी लड़कियों के साथ पैसों के लिए अवैध सेक्स संबंध स्थापित करते हैं, जिनके लिए उन्हें पैसों का भुगतान मिलता है.
मैं जिगोलो बनकर पुरुष वेश्यावृत्ति करके रूपये पैसे कमाने लगा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी

इस जिस्मफरोशी के व्यापार में में कई बार रिश्तों को सिर्फ शारीरिक संबंध के लिए ही स्थापित किया जाता है, और यह जिगोलो के और उनके ग्राहकों के बीच एक व्यापारिक लेनदेन के तौर पर होता है. यह अवैध काम हो सकता है और कई देशों में कानूनी प्रतिबंध होता है. आधुनिक समाज की औरत अब शर्म के पर्दे में दबी रहकर अपनी कामुकता को दबाये रखकर जीना पसंद नहीं करती है. यदि किसी महिला का पति नामर्द होता है तो वो महिला अवैध सेक्स संबंध बनाने से बिलकुल भी नहीं घबराती है और पैसे देखर जिगोलो के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाती है अपनी कामवासना शांत करने के लये.
अगर आपका जीवनसाथी आपकी कामवासना संतुष्टि नहीं कर रहा है तो वह फिर बाजार से उसको खरीदना पसंद करती है. सभी के जिस्म की अपनी अपनी जरुरत होती है इस लिए मेरे खयाल से इसमें कुछ गलत नहीं है. सेक्स हर जिस्म की भूख है जिसको तृप्त करे बिना हर प्राणी अधूरा ही महसूस करता है. मगर जब बात मनुष्य की आती है तो वह समाज की बनाई नैतिकता वाली दीवार में खुद को घिरा हुआ पाता है. आजकल लोगों ने इस दीवार में एक रास्ता ढूंढ लिया है जो दीवार की नींव से होकर नीचे ही नीचे जाता है. दीवार के उस पार उसके लिए एक सेक्स बाजार है जहां पर वह कामवासना की पूर्ति के लिए रूपये पैसे से इन्सानी जिस्म को खरीद सकता है. फिर चाहे वह पुरूष हो या स्त्री.
महिलाओं के लिए वेश्यावृत्ति का चलन पौराणिक काल से ही चला आ रहा है. मगर आजकल ये व्यवसाय पुरूषों द्वारा भी किया जाने लगा है. कुछ मर्द चुदाई करने के शौक को पूरा करने के लिए तो कुछ मर्द रूपये पैसे के लालच में वेश्यावृत्ति करने को मजबूर हो जाते हैं. पैसे लेकर जिस्म बेचने वाले मर्दों को जिगोलो कहते हैं. इसे मेल प्रोस्टिट्यूट या मेल एस्कॉर्ट भी कहते हैं. ग्रामीण भारत में मेल प्रोस्टिट्यूशन यानि पुरुष वेश्या का चलन अभी नहीं पहुंचा है किंतु भारत के महानगरों में यह धड़ल्ले से चल रहा है. वहां की अमीर घराने की औरतें अपनी फंतासी और कामेच्छाओँ की पूर्ति अथवा अय्याशी के लिये जिगोलो मर्दों को गुप्त रूप से खरीदती हैं.
मेल एस्कॉर्ट का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है जो पुरे देश और दुनिया में फैला हुआ है और ये सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपना अवैध सेक्स धंधा चलाते हैं. मेल एस्कॉर्ट अर्थात पुरुष वेश्यावृत्ति के लिए बकायदा ऐजेंसियां होती हैं जो हर तरह के मर्दों से संपर्क रखती है. वही ऐजेंसियां जिगोलो मर्द को महिला क्लाइंट्स सप्लाई करती है. सब कुछ गुप्त तरीके से होता है और इन लोगों के पुलिस से भी सेटिंग रहती है. अब आपके मन में ये भी सवाल आ रहा होगा कि आखिर मैं इस मेल एस्कॉर्ट के धंधे में आकर जिगोलो कैसे बन गया? यह कहानी थोड़ी लम्बी है लेकिन आपको मैं संक्षिप्त रूप में ही बताऊंगा.
उस समय मेरी कॉलेज की पढ़ाई चल रही थी, नया नया खून था और जवानी चरम पर थी. जिम और बॉडी बिल्डिंग का शौक लग गया. वो लत ऐसी लगी कि फिर खुद को मॉडल बनाने की जुगत में लग गया. मैंने मेहनत की और मैं एक मॉडल के रूप में काम करने लगा. मॉडल बनने के बाद मैं माया नगरी मुम्बई आ गया. यहां पर मुझे छोटा मोटा काम मिलता रहा. कभी कोई चड्डी बनियान का विज्ञापन कर लिया तो कभी कोई छोटा फैशन शो कर लिया. ऐसे ही एक बार एक शूट में मुझे एक बहुर ही सुन्दर और सेक्सी महिला मिली. वो सुन्दर और सेक्सी महिला देखने में मॉडल ही लग रही थी. उस कामुक महिला की सेक्स अपील बहुत आकर्षित करने वाली थी.
जब उस जवान और सेक्सी महिला ने मुझे देखा तो वो भी मुस्करा दी. इवेंट में वो बार बार मेरी तरफ ही देख रही थी. फिर उसने बहाने से मुझसे बातचीत शुरू की. मेरे बारे में काफी कुछ पूछा. उसके बाद हम दोनों थोड़े खुल गये और उसने मुझे अपने साथ बीयर पीने के लिए इन्वाइट किया. मेरे मन में भी लड्डू से फूट रहे थे. सेक्सी लड़की थी और रात को बीयर पिलाने के लिए बुला रही थी. आप भी सोच सकते हो कि क्या क्या संभावनाएं हो सकती हैं. मेरे मन में उस सुन्दर और सेक्सी महिला के साथ वन नाइट स्टैंड करने का विचार आ रहा था. वन नाइट स्टैंड का मतलब: शाम रात को मिले, थोड़ी बातचीत हुई, दारू शारू पी. उसके बाद कमरे में अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए गए. जम कर चुदाई की और सुबह उठ कर – तू कौन मैं कौन!
फिर फोटो शूट खत्म हुआ और हम दोनों बाहर आ गये और बीयर पीने के लिए हम दोनों एक होटल के बार में चले गये. वहां उसने रूम बुक किया और फिर हम होटल के रूम में आ गये. उसने बीयर ऑर्डर कर दी. ड्रिंक करते करते हमारे बीच में हंसी मजाक होने लगा. धीरे धीरे बीयर का हल्का नशा भी चढ़ने लगा था. वो मेरी बॉडी की तारीफ करने लगी. उसने शूट के दौरान मुझे बिना शर्ट के देखा था. वो मुझसे कहने लगी फिर एक बार मैं तुम्हारी बॉडी को देखना चाहती हूं. समझ तो मैं भी चुका था कि उसके मन में क्या है इसलिए मैं पहले से ही तैयार था. मैंने अपनी शर्ट और बनियान निकाल दी. मेरी बॉडी अच्छी शेप में थी और एब्स भी काफी अच्छे निकले हुए थे.
फिर बातें करते हुए वो मेरे बाइसेप्स और मेरे एब्स की तारीफ करने के बहाने से सहलाने लगी. उसके कोमल नर्म हाथों के स्पर्श से ही मेरा लंड खड़ा होने लगा. उसकी नजर मेरी जांघों के बीच में भी बार बार जा रही थी. मेरा तनाव में आ रहा लंड उसके सामने अपना आकार लेता जा रहा था. कुछ ही देर में मेरे लंड में झटके लगने लगे और वो उसको देखकर स्माइल करने लगी. वो बोली- तुम तो काफी एक्साइटेड लग रहे हो? मैंने कहा- हां, आप भी होना चाहती हो क्या एक्साइटेड? वह मुस्करायी और उसने अपनी वन पीस ब्लैक ड्रेस की जिप पीछे से खोल दी और गर्दन हिलाकर पीछे की ओर इशारा कर दिया.
उसका इशारा मुझे समझ आ गया था. मैं पीछे की ओर गया और उसकी कमर पर से पूरी जिप खोल दी. फिर मैंने उसकी ड्रेस को निकलवा दिया. वह गहरी गुलाबी ब्रा और पैंटी पहने हुए थी जिसकी किनारियों पर जाली थी. ब्रा पैंटी में वो सुन्दर और सेक्सी महिला बहुत ही गजब का पटाखा लग रही थी जैसी कि गन्दी गन्दी सेक्स फिल्मों में पोर्न स्टार्स होती हैं. मैं तो उसको देखकर पागल सा होने लगा. उसके कामुक जिस्म पर हाथ फिराने लगा. उसके गले से लेकर उसकी बाजुओं और उसके चूचों से लेकर उसकी जांघों तक धीरे धीरे सहलाने लगा. वो बीयर पीये जा रही थी और मेरे लंड के झटकों को देखती जा रही थी. फिर उसने गिलास नीचे रखा और मुझे बेड पर गिरा लिया.
वो कामुकता से भरी जवान और सेक्सी माल महिला मेरे पेट पर आ बैठी और मेरी छाती पर अपने हाथों से सहलाने लगी; मेरे पेट से लेकर मेरी निप्पल्स और गले को सहलाने लगी. फिर उसने पीछे हाथ ले जाकर मेरी पैंट को खोल दिया और मेरी पैंट में अंदर हाथ देकर फ्रेंची के ऊपर से मेरे फटने को हो रहे लंड को सहला दिया. उसका हाथ जैसे ही मेरे लंड पर पड़ा मैंने उसे अपने ऊपर झुका लिया और उसके होंठों को जोर से चूसने लगा. वो भी अपनी गांड को मेरी नाभि से नीचे लंड के पास रगड़ते हुए मेरे होंठों को चूसने लगी. हम दोनों हवस में पागल हो रहे थे और हमारे जिस्म की कामुकता बढ़ती ही जा रही थी. दोनों एक दूसरे को जोर जोर से काटने और चूसने लगे. फिर मैंने उसे नीचे पटका और अपनी पैंट निकाल दी अब मैं अंडरवियर में था.
फिर मैंने उस सुन्दर और सेक्सी माल महिला की ब्रा खोली और उसके बड़े बड़े स्तनों को ब्रा की कैद से आजाद कर दिया. ब्रा खोलते ही उसके मोटे मोटे स्तन पूरी आजादी के साथ झूलने लगे. मैं तो उसकी चूची देखकर कामुकता से भर गया था क्योकि आज से पहले कभी मैंने महिलाओं के स्तनों के दर्शन नहीं करे थे. इतनी मस्त मोटी गोल गोल चूची थी कि मैं उन पर टूट पड़ा. जोर जोर से भींचते हुए उनको पीने लगा. वो सिसकारने लगी- ओह्ह … कमॉन … आह्ह … यस … नाइस … ओह्ह … जोर से … आह्ह … ओह्ह … ओ गॉड … आह्ह। उसकी चूचियों का बुरा हाल करने के बाद मैं नीचे उसकी पैंटी पर आया और उसकी चूत को नंगी धड़ंग कर दिया. क्लीन शेव चिकनी चूत थी. मैंने उसकी चूत में मुंह लगाया और उसको चाटने लगा.
वो भी मदहोश होने लगी. अपनी चूचियों को जोर जोर से अपने ही हाथों से भींचने लगी. फिर उसने मुझे एकदम से उठकर पटका और मेरे अंडरवियर को खींचकर निकाल दिया और मुझे बिलकुल नंगा कर दिया. मैं कुछ सोच पाता इससे पहले मेरा लंड उसके मुंह में था. वो कामुकता से भरी मस्त माल लड़की मेरे लंबे और मोटे लंड को लॉलीपोप की तरह अपने मुंह में लेकर चूस रही थी. फिर हम 69 सेक्स पोजीशन में आये और एक दूसरे के सेक्स अंगों को मस्ती में चूसने लगे. अब दोनों ही चुदाई के लिए बेसब्र थे. मैंने उसको नीचे पटका और उस कामुक लड़की की दोनों टांगें खोलकर अपना खड़ा लंड उसकी टाइट चूत के मुंह पर लगा दिया. उस कामुकता से भरी नंगी महिला की टाइट चूत पहले से ही बहुत ज्यादा गीली हो रखी थी. मेरे लंड का भी ऐसा ही हाल था. मैंने एक धक्के के साथ लंड उसकी चूत में उतार दिया.
उस कामुक लड़की ने हल्की सी आह… करी और फिर मुझे अपने ऊपर खींचकर मेरी कमर से टांगें लपेट लीं. उसने मुझे खींचते हुए खुद ही पूरा लंड चूत में उतरवा लिया. मैं उसके होंठों को चूसते हुए उसकी चूत चुदाई करने लगा. दोनों चुदाई के नशे में खो गये. अब तक बीयर का नशा हल्का हो चुका था. चूंकि वो सेक्सी ज्यादा थी इसलिए उसके रूप और जिस्म की गर्मी के सामने मैं ज्यादा देर नहीं टिक सका. 10-12 मिनट की चुदाई के बाद मेरा माल उसकी चूत में निकल गया. मगर अच्छा ये हुआ कि वो भी उसी समय झड़ गयी. चुदाई होने के बाद उसने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ की. फिर हम दोनों नंगे लेटे रहे और बातें करने लगे. तब उसने बताया कि वह एक मेल प्रोस्टिट्यूशन ऐजेंसी से जुड़ी हुई है. उसने मुझको जिगोलो बनने का ऑफर दिया.
फिर विस्तार से बताते हुए उसने कहा कि इस मेल एस्कॉर्ट लाइन में सेक्स के साथ साथ पैसा भी बहुत है और आज कल तो हर दूसरा आदमी मेल प्रोस्टिट्यूशन बनकर सेक्स करने के साथ साथ पैसे भी कमाना चाहता है. मुझे उसने इस जिगोलो गिरी की सारी प्रक्रिया समझाई. पर मुझे उसकी बात पर यकीन नहीं आया. मैं सोच में पड़ गया था. उसने फिर मुझे एक मोबाइल नम्बर दिया. मुझसे बोली कि अच्छी तरह से सोच लेना और मुझे बता देना. फिर हम वहां से निकल आये. मैं दो दिन तक उस घटना और उस लड़की की बातों के बारे में सोचता रहा. चूंकि मेरे पास भी काम नहीं था और दूसरी तरफ चूत चोदने का मजा भी दिख रहा था. इसलिए मैंने उसकी बातों पर यकीन करने का सोचा.
मैंने सोच लिया एक बार ट्राई करने में क्या जाता है फ्री में चुदाई करने के लिए रोज नयी नयी महिलाओं की गांड और चूत मिलेगी और तो और चुदाई करने के बदले रूपये पैसे मिलेंगे सो अलग. फिर मैंने उससे फोन पर बात की. उसने मेरी बात ऐजेंसी में करवाई और फिर मुझे ऐजेंसी में जाकर बात करने के लिए भेजा. बात पक्की हो गयी और मुझे वहां से औरतों के पास भेजा जाने लगा. मैं कई बार अकेली औरत को संतुष्ट करके आता था तो कई बार औरतों के ग्रुप में बुलाया जाता था. धीरे धीरे मैं सब सीख गया.
जिगोलो बनकर चुदाई करने के बदले मुझे मिलने वाले पैसों में से कुछ पैसा ऐजेंसी को जाता था. पुरुष वेश्यावृत्ति का यह सारा काम बिल्कुल गुप्त तरीके से होता था. दोस्तों मुझे भी अब पुरुष वेश्यावृत्ति करने में बड़ा आनंद आने लगा था क्योंकि अब हर दिन चुदाई करने के लिए नई नई सेक्स करने की प्यासी महिलाओं की गांड और चूत जो मिला करती थी सेक्स करने के बदले रूपये पैसे मिलते थे सो अलग. फिर जब सेक्स कर करके मन भरने लगा तो फिर मेरे लिये मेरा काम जैसे एक मजबूरी बनने लगा. अब औरतों को संतुष्ट करने की बात थी तो परफॉर्म करने का भी दबाव होता था.
दोस्तों अगर आपको यह सब आसान लग रहा है तो कतई इस धोखे में न रहें. अगर आप महिला क्लाइंट को उनकी डिमांड के अनुसार सर्विस नहीं देते हैं या संतुष्ट नहीं कर पाते हैं तो आपकी शिकायत ऐजेंसी में कर दी जाती है. मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ कि औरत संतुष्ट नहीं हो पायी और मेरे पैसे कटे. ढेर सारी बातें भी सुनने को मिलीं. मुकाबला भी बहुत था इस लाइन में क्योंकि नये नये लड़के जिम करके इसी धंधे में उतरने लगे थे. दोस्तों मेल प्रोस्टिट्यूशन के गंदे धंधे में पैसा और चूत का मजा दोनों साथ साथ मिलते हैं. दोस्तों यदि आप भी जिगोलो बनकर सेक्स करने की भूखी महिलाओं की चुदाई करके पैसे कमाना चाहते हो तो मुझसे संपर्क कर लेना मैं आप को भी जिगोलो बनवा दूंगा…


