HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesपापा आज मैं आपकी पूरी रंडी बनकर चुदना चाहती हूँ

पापा आज मैं आपकी पूरी रंडी बनकर चुदना चाहती हूँ

पापा आज मैं आपकी पूरी रंडी बनकर चुदना चाहती हूँ अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश :- यह पूरी तरह मूल अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी है जिसमें दिल्ली की २२ वर्षीय प्रिया अपनी कॉलेज ग्रेजुएशन के बाद पापा अजय के साथ टैबू इन्सेस्ट की आग में जल उठती है। पापा मुझे चोदो वाली भावना से भरी प्रिया बेटी की पापा से चुदाई शुरू करती है। घर के बेडरूम से लेकर किचन तक पापा का मोटा लंड चूसकर और अपनी रसदार चूत में लेते हुए वह बार-बार सिसकारती है।

इस बाप बेटी हिंदी सेक्स कहानी के अंदर बेटे के प्रेग्नेंट होने का रिस्क टैबू भी शामिल है जहां नंगी बेटी को उसके नंगे पापा ने चूसा और चोदा। मम्मी के घर से बाहर होने पर सगे बाप बेटी के बीच अवैध सेक्स संबंध बन जाते हैं। पूरी सेक्स कहानी भावुक गहराई और अश्लील वासना से भरी है जो पाठक को लंबे समय तक बांधे रखती है। पापा की बेटी को चोदना की यह कहानी दिल्ली के घरेलू माहौल में सजी है।


Antarvasna Hindi Sex Kahani – Papa aaj main aapki poori randi bankar chudna chahti hoon :- मैं प्रिया गुम्प्ता हूँ। दिल्ली के एक आरामदेह फ्लैट में रहने वाली २२ साल की कुंवारी लड़की। अभी-अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुई हूँ। मेरे पापा अजय शर्मा एक व्यस्त बिजनेसमैन हैं लेकिन घर में हमेशा मेरे लिए समय निकालते हैं। मम्मी अक्सर बिजनेस टूर पर मुंबई चली जाती हैं। उस रात जब ग्रेजुएशन पार्टी के बाद हम दोनों अकेले थे तो मेरे अंदर कुछ जाग उठा। पापा का शरीर देखकर मेरी चूत में गर्मी फैल गई।

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Antarvasna Hindi Sex Kahani – Papa aaj main aapki poori randi bankar chudna chahti hoon

मैं सोचने लगी कि पापा मुझे अपनी पूरी रंडी बनाकर चोदें तो कितना मजा आएगा। यह सिर्फ कल्पना नहीं थी। मैंने फैसला कर लिया कि आज रात मैं अपने पापा की पूरी रंडी बनकर रहूंगी और पापा के लंड से चुदवाने वाली इच्छा पूरी करूंगी। मेरी टाइट चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी मेरे पापा का लंड खाने के लिए। पापा सोफे पर बैठे टीवी देख रहे थे। मैंने साड़ी पहनी थी जिसमें मेरे बड़े बड़े चुचे उभरे हुए बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे।

मैं धीरे से उनके पास गई और उनके कंधे पर हाथ रखा। “पापा आप थक गए होंगे ना?” मैंने पूछा। उनकी आंखों में थोड़ी हैरानी थी लेकिन मुस्कान भी। मैंने अंदर ही अंदर सोचा कि आज बेटी की पापा से चुदाई होकर रहेगी। मेरी सांसें तेज हो रही थीं। पापा ने मेरे बालों में हाथ फेरा तो मेरा बदन सिहर उठा और मेरे स्तन कड़क हो गए।

मैंने उन्हें बेडरूम की तरफ खींचा। “आज मैं आपकी सेवा करूंगी पापा।” मेरी आवाज में कामुकता थी। पापा हिचकिचाए लेकिन मैंने उन्हें बिस्तर पर धकेल दिया। उनकी पैंट उतारते ही पापा का मोटा लंड बाहर निकला। वह तना हुआ और मोटा था। मैंने तुरंत उसे मुंह में ले लिया और लंड चूसना शुरू कर दिया।

मेरे पापा का लंड काफी मोटा और लम्बा था जिस वजह से मेरा मुंह पापा के लंड से भर गया था। ब्लोजॉब के दौरान मैं जोर-जोर से पापा का लौड़ा चूस रही थी बिलकुल किसी कॉल गर्ल के जैसे। पापा की सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। “प्रिया बेटा क्या कर रही हो?” उन्होंने पूछा लेकिन उनकी आवाज में वासना थी। मैंने जवाब दिया “पापा मुझे चोदो। मैं आपकी रंडी बेटी बनना चाहती हूँ।” मेरी चूत से रस टपक रहा था। मैंने अपनी साड़ी ऊपर उठाई और उनकी गोद में बैठ गई। पापा का मोटा लंड मेरी टाइट चूत में घुस गया। चुदाई की आवाज पूरे कमरे में फैल गई। मैं ऊपर-नीचे उछल रही थी। पापा के हाथ मेरे बोबों को दबा रहे थे।

पापा के लंड से मेरी कुंवारी चूत की वह पहली चुदाई इतनी जोरदार थी कि मैं कई बार झड़ गई। पापा ने मुझे कसकर पकड़ा और अपना गरम वीर्य मेरी चूत में उड़ेल दिया। मैं सिसकार रही थी। “पापा आपका माल बहुत गरम है।” यह मेरी बेटी की पापा से चुदाई की शुरुआत थी। रात भर हम चुदते रहे। मेरी गांड भी उन्होंने चाटी। मैं पूरी तरह सेक्स की दीवानी बन चुकी थी।

बेडरूम में पापा का मोटा लंड चूसती बेटी

अगली सुबह जब मम्मी फोन पर बोलीं कि वह दो दिन और रुकेंगी तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। मैंने पापा को नाश्ते के बाद बेडरूम में बुलाया। “पापा आज फिर मुझे चोदना है।” मैंने कहा। पापा मुस्कुराए और मुझे नंगा कर दिया। मेरे चुचे उनके मुंह में थे। वे निप्पल चूस रहे थे। मैंने फिर से उनका लंड पकड़ा और ब्लोजॉब शुरू किया। लंड चूसना मुझे बहुत पसंद था।

पापा ने मुझे उल्टा कर दिया और मेरी गांड में उंगली डाली। “प्रिया तुम्हारी गांड बहुत टाइट है।” उन्होंने कहा। मैं चीख उठी लेकिन मजा भी आ रहा था। फिर उन्होंने अपना बड़ा मोटा लंड मेरी गांड में ठेल दिया। गांड की चुदाई शुरू हो गई। चुदाई की आवाज पूरे घर में गूंज रही थी। मैं रंडी की तरह चुद रही थी। पापा ने मेरे बाल पकड़े और जोर से ठोका।

मेरा चूतड़ लाल हो गया था लेकिन मैं और मांग रही थी। “पापा और जोर से चोदो। मैं आपकी छिनाल बेटी हूँ।” पापा ने मुझे कई बार झड़वाया। अंत में उन्होंने मेरा मुंह खोलकर अपना चिपचिपा माल उड़ेल दिया। मुखमैथुन का मजा अनोखा था। मैंने सारा वीर्य निगल लिया। यह पापा की बेटी को चोदना का नया रूप था।

दोपहर को हम किचन में गए। मैं बर्तन धो रही थी। पापा ने पीछे से मेरी कमर पकड़ी। “किचन में पापा से सेक्स स्टोरी बनाएंगे आज।” मैंने हंसते हुए कहा। पापा ने मेरी साड़ी ऊपर की और सीधे अपनी उंगली मेरी भोसड़ी में डाल दी। चूत का रस निकलने लगा। मैं सिसक रही थी।

पापा ने मुझे स्टोव के सामने झुका दिया और पीछे से अपना खड़ा लंड घुसा दिया। किचन में चुदाई हो रही थी। लंड के गोटे मेरी चूत से टकरा रहे थे। आवाजें बहुत जोरदार थीं। “पापा मुझे चोदो ना और तेज।” मैं चिल्लाई। पापा ने मेरे बोबों की मालिश की और निप्पल काटे। मैं कई बार झड़ गई।

किचन टेबल पर टैबू चुदाई का मजा

पापा ने मुझे किचन टेबल पर लिटा दिया। अब आमने-सामने चुदाई हो रही थी। उनका मोटा लंड मेरी रसदार चूत में घुस रहा था। मैं उनकी आंखों में देख रही थी। “पापा हम टैबू इन्सेस्ट स्टोरी जी रहे हैं।” मैंने कहा। पापा ने मुझे चूमते हुए जोर से ठोका। मेरी चूत फटने लगी थी लेकिन मजा दोगुना था।

उन्होंने पूछा “प्रिया बेटी अगर तू मेरे साथ सेक्स करने की वजह से प्रेग्नेंट हो गई तो?” मैंने जवाब दिया “पापा प्रेग्नेंट होने का रिस्क टैबू ही तो मजेदार है हमारे इस अवैध सेक्स संबंध के अंदर। हम पड़ोसी यूवक पर दोष डाल देंगे की उसने मेरा रेप कर दिया था जिस वजह से मैं गर्भवती हो गयी हूँ।” यह सुनकर पापा और जोर से चोदने लगे। उनका गरम वीर्य फिर मेरी चूत में भरा। मैं चीख रही थी। किचन में चुदाई की खुशबू फैल गई थी।

शाम को हम लिविंग रूम में सोफे पर थे। मैंने पापा को फिर उकसाया। “पापा बेटी ने पापा को चूसा और चोदा फिर से।” मैंने उनके लंड पर मुंह रखा। ब्लोजॉब के बाद उन्होंने मुझे उल्टा किया और गांड मारना शुरू किया। मेरी गांड का छेद अब ढीला हो चुका था लेकिन अभी भी टाइट फील हो रहा था।

पापा के हाथ मेरे चूतड़ों पर तमाचे मार रहे थे। “तुम्हारी गांड बहुत सुंदर है बेटी।” वे बोल रहे थे। मैं रंडीबाज बनकर चुद रही थी। चुदाई की आवाज पूरे फ्लैट में गूंज रही थी। मैंने कई बार सिसकारी भरी और झड़ गई। पापा ने अंत में मेरा चेहरा अपने वीर्य से भर दिया। फेशियल कम का मजा लेते हुए मैं खुश थी।

अगले दिन सुबह फिर वही सिलसिला। मैं पापा के साथ शावर में गई। पानी के नीचे उन्होंने मेरी चूत चाटना शुरू किया। जीभ मेरी भोसड़ी में घुस रही थी। मैं चीख रही थी “पापा और चाटो।” फिर उन्होंने मुझे दीवार से सटाकर चोदा। गीले बदन पर चुदाई का मजा दोगुना था।

शावर में पापा के लंबे मोटे लंड से गांड चुदाई

शावर के बाद हम बेड पर लेटे। मैंने पापा से कहा “आज मैं आपकी पूरी रंडी बनकर चुदना चाहती हूँ।” पापा ने मुझे चारों हाथ-पैर पर घोड़ी बना दिया और फिर पीछे से मेरी गांड की चुदाई की। मेरा पूरा शरीर हिल रहा था। लंड के ठोकरें मेरी चूत और गांड दोनों में पड़ रही थीं। पापा का लंड मेरे अंदर फटने लगा। उन्होंने मेरा मुंह फिर खोला और अपना चिपचिपा माल उड़ेल दिया। मैंने सारा पी लिया। हम दोनों थक चुके थे लेकिन वासना अभी बाकी थी।

दिन भर हम घर में घूमते रहे वो भी बिलकुल नंगे। घर के हर कोने में हम बाप और बेटी की छोटी-छोटी चुदाई होती। कभी सोफे पर मैं मेरे पापा की रंडी बनकर अपनी कुंवारी चूत चुदवाती तो कभी बालकनी में घोड़ी बनकर गांड मरवाती। पापा मुझे कॉल गर्ल की तरह चोद रहे थे। मैं उनकी छिनाल बेटी बन गई थी। मेरी चूत अब हमेशा उनके लंड के लिए तरसती थी।

मम्मी के आने से पहले आखिरी रात हमने खुलकर अवैध सेक्स संबंध बनाये अपनी अपनी कामुकता शांत करने के लिए। मैंने पापा को पूरे घर में घुमाया और हर जगह चुदाई करवाई। किचन टेबल पर फिर से वही जोरदार चुदाई। पापा का मोटा लंड मेरी ढीली भोसड़ी में आराम से घुस रहा था।

मैं चुदवाते चुदवाते जोर से चिल्लाई “पापा मुझे चोदो और तेज। मैं अब आपकी पूरी रंडी हूँ।” पापा ने चुदाई के दौरान मुझे कई बार झड़वाया और खुद भी कभी मेरी गांड के अंदर झड़े तो कभी मेरी बुर के अंदर अपना माल छोड़ा। हम बाप बेटी दोनों पसीने से तर थे। यह रात यादगार थी हम बाप बेटी दोनों के लिए ही।

आखिरी रात की जोरदार टैबू चुदाई

अगली सुबह मम्मी आ गईं लेकिन हम बाप और बेटी के अवैध सेक्स संबंधों का राज पूरी तरह से छिपा रहा। मैं अब रोज रात को मेरी माँ के सोने के बाद मेरे पापा के साथ चुपके से चुदाई करती। कभी बेडरूम में तो कभी किचन में। मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। पापा का लंड अब मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश बन गया था।

मैं अक्सर सोचती कि बेटी की पापा से चुदाई जैसी कोई और खुशी नहीं। यह टैबू इन्सेस्ट स्टोरी मेरे लिए जिंदगी बन गई। दिल्ली का यह फ्लैट अब हमारी चुदाई का अड्डा था। हर चुदाई में मैं और पापा करीब आते गए। भावनाएं बढ़ती गईं। वासना कभी कम नहीं हुई। मैं हमेशा तैयार रहती उनकी मोटी लंड के लिए।

एक दिन मैंने पापा से कहा “पापा अब हम रोज ऐसे ही चुदेंगे।” उन्होंने हां कहा और मुझे फिर से चोद दिया। मेरी चूत में उनका वीर्य भर गया। हम बाप बेटी की चुदाई की यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हमारी चुदाई चलती रही। हर दिन नया मजा। नई मुद्राएं। नई जगहें…


पापा आज मैं आपकी पूरी रंडी बनकर चुदना चाहती हूँ – निष्कर्ष

यह बाप बेटी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी पाठक को टैबू वासना की गहराई दिखाती है। प्रिया की पापा से चुदाई की यात्रा भावुक विकास और शारीरिक सुख दोनों देती है। प्लॉट में सस्पेंस और फोरशैडोइंग से कहानी रोचक बनी। पाठक इसमें खुद को प्रिया की जगह रखकर चुदाई का मजा ले सकते हैं। अंत में यह बाप बेटी हिंदी सेक्स कहानी बताती है कि सच्ची वासना सभी पवित्र रिश्तों की सीमाओं को तोड़ती है लेकिन प्यार भी बनाए रखती है। पाठक अब खुद ऐसी कहानियां खोजेंगे और अपनी कल्पना में चुदाई का आनंद लेंगे। कहानी का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा और पाठक को बार-बार पढ़ने को मजबूर करेगा।

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