दोस्तों मैं एक कुंवारी लड़की हूँ जो अभी कॉलेज में हूँ. दोस्तों आज की इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी में आप पड़ेंगे की कैसे मैंने अपने छोटे भाई के साथ अवैध सेक्स संबंध स्थापित करे और अपनी शारीरिक जरुरत को पूरा करा. अपनी कामवासना शांत करवाने के लिए मैं कुंवारी लड़की हर रोज अपनी चूत चुदवाने लगी मेरे छोटे भाई के देसी मोटे लंड से मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से चुदवाने में कम भाई से चुदवाने में ज्यादा आनंद आया करता था. दोस्तों मेरी गांड और चूत की चुदाई करने के बाद मेरा भाई मेरे मुंह की चुदाई करता था और अपना नमकीन वीर्य में मुंह के अंदर ही टपकाता है और ऐसा करने के लिए मैंने ही उसे बोल रखा है. खैर अब तो मेरी शादी एक बहुत अमिर घराने में हो चुकी है और मेरे दो साल का लड़का भी हैं. अमीर घराने में शादी होने का मुझे एक बहुत बड़ा फायदा मिला है की अब मैं पैसे के दम पर हर रोज नए नए कॉल बॉय को बुक करके अपनी अन्तर्वासना शांत करवा सकती हूँ. पूरी हिंदी सेक्स स्टोरी निचे विस्तार से पढ़ें…
दोस्तों मैं एक शादी शुदा महिला हूँ. आज जो हिंदी सेक्स स्टोरी मैं आप लोगों के साथ शेयर करने जा रही हूँ ये तब की है जब मेरी शादी नहीं हुई थी और मैं मेरे मायके में रहा करती थी. मेरे परिवार में कुल 4 सदस्य थे. मेरे परिवार में मेरे पापा-मम्मी और हम दो भाई-बहन थे. मेरा भाई उम्र में मुझसे छोटा था. हम राजस्थान से हैं और मेरे पापा दिल्ली में जॉब करते हैं. उस समय मैं कॉलेज में थी और मेरा भाई बाहरवीं क्लास में था. जैसे जैसे हम भाई बहन जवान हो रहे थे वैसे वैसे हमारी कामवासना भी बड़ने लगी थी. हम भाई बहन दोनों ही वर्जिन थे. मैंने भी कभी मेरी चूत की चुदाई नहीं करवायी थी और भाई के देसी वर्जिन लंड ने भी किसी चूत की चुदाई चुदाई नहीं करी थी. हम भाई बहन दोनों ही चुदाई से बिलकुल अनजान से थे.
मैं कुंवारी लड़की हर रोज अपनी चूत चुदवाने लगी मेरे छोटे भाई के देसी मोटे लंड से अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

मेरा छोटा भाई किसी नहीं नवेली दुल्हन की तरह काफी शर्मीले मिजाज का हुआ करता था और वो एक अच्छे बच्चे की तरह मेरी हर आज्ञा का पालन करता था. मुझे पता था कि मेरे छोटे भाई की कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी और उसे अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए बाथरूम में जाकर मुठ मारनी पड़ती थी खैर इसमें कुछ गलत भी नहीं था. जब मैं कॉलेज जाती थी तो एक लड़का मुझे लाइन मारता था शायद वो मुझे चोदने के लिए सेट करना चाहता था. मैं भी धीरे धीरे उस लड़के को पसंद करने लगी थी क्योंकि अब मैं जवान हो चुकी थी और अब मेरी वर्जिन गांड और वर्जिन चूत लंड लेने के लिए बहुत ही ज्यादा बैताब रहने लगी थी. धीरे धीरे हम दोनों के बिच बातचीत होना शुरू हो गयी और फिर हमारी दोस्ती हो गयी. चूंकि मेरा छोटा भाई अपनी स्कूल जाने के लिए मेरे कॉलेज के सामने से ही गुजरता था तो मेरे भाई को मेरे और उस लड़के की दोस्ती के बारे में पता चल चूका था और यह बात मेरे भाई को बिल्कुल अच्छी नहीं लगती थी.
मुझ कुंवारी लड़की को मेरे कॉलेज का वो लड़का अच्छा लगने लगा था. अब हम लोग चोरी छुपे मिलते थे. मेरे छोटे भाई को ये बात एक दिन पता लग गई तो उसने मुझे धमकी दी कि वो घर में इस बात के बारे में बोल देगा. बड़ी मुश्किल से मैंने उसको मनाया की घर में कुछ मत बताना. मेरे बहुत समझाने के बाद वो साला बहन का लौड़ा मेरी बात मान गया. अब जुलाई का महीना आ गया था और गर्मी काफी तेज पड़ रही थी. गर्मी से राहत पाने के लिए अब हम सभी उप्पर छत पर सोते थे. एक रात को बारिश का मौसम हो रहा था. मैंने मेरे भाई को छत पर सोने के लिए मना किया मगर वो नहीं माना और कहने लगा कि बारिश आयेगी तब उठकर नीचे आ जायेगा. फिर वो ऊपर सोने चला गया. हमारे घर में दो बैडरूम थे. एक बैडरूम में मेरे मम्मी पापा सोते थे और चुदाई करते थे और एक में हम दोनों भाई बहन सोते थे.
मैं अपने बैडरूम में सो रही थी और भाई उप्पर छत पर सो रहा था. रात को अचानक बहुत तेज बारिश शुरू हो गयी तो मेरी भी आंख खुली. मैं नींद में थी तो फिर मैंने दोबारा से आंखें बंद कर लीं. मगर मुझे याद है कि मैंने मेरे छोटे भाई को भागकर छत से नीचे आते हुए देखा था. वो आकर मेरे पास पलंग पर लेट गया. फिर मैं भी सो गयी. कुछ देर के बाद जब अचानक से मेरी नींद हल्की सी टूटी तो मेरी नजर भाई की ओर गयी. मैंने पूरी आंखें नहीं खोलीं मगर मैं सोने का नाटक करती रही. वो बैठा हुआ मेरे बड़े बड़े स्तनों को घुर घूरकर गन्दी नजरों से देख रहा था. कुछ देर तक वो ऐसे ही मेरे बड़े बड़े स्तनों को बैठा बैठा देखता रहा. फिर वो मेरे पास आकर बैठ गया. मेरी तो धड़कनें तेज हो गईं. मगर उसने मेरे कामुक जिस्म के साथ कुछ गलत नहीं करा. फिर वो दोबारा से लेट गया. मगर इस बार वो मेरे काफी पास लेटा था. लेटने के बाद उसने मेरे पेट पर अपना हाथ रख दिया.
मैं जाग गयी और मैंने उसको बोला की ये क्या कर रहा है तू? वो बोला की सॉरी दीदी मैं गहरी नींद में था तो गलती से हाथ चला गया. फिर मैंने कहा ठीक है भाई कोई बात नहीं तू सो जा आराम से. उसके कुछ देर बाद उसने फिर से मेरे पेट पर हाथ रख दिया. मेरी आंख खुली मगर मैंने सोचा कि नींद में रखा होगा और मैं भी फिर सो गयी. अब मुझे गहरी नींद आ चुकी थी. फिर करीब एक घंटे के बाद मेरी गांड पर कुछ नुकीली सी चीज चुभने लगी. मुझे लगा जैसे कोई नुकीली चीज मेरी गांड के अन्दर जाने का प्रयास कर रही हो. जैसे ही मैंने मेरी आंखे खोलकर देखा तो पाया कि मेरे छोटे भाई के हाथ मेरे बड़े बड़े स्तनों पर थे और वो पीछे से अपना लंड मेरी गांड पर चुभा रहा था शायद वो मेरी गांड मारनी की कोशिश कर रहा था. मैं कुछ नहीं बोली और गहरी नींद में सोने का नाटक करते हुए चुपचाप अपने छोटे भाई की अश्लील हरकतें देखने लगी.
धीरे धीरे वो मेरे हॉट और सेक्सी जिस्म को अपने हाथों से सहलाने लगा. मेरे बड़े बड़े स्तनों से होते हुए मेरे पेट पर और फिर पेट से होते हुए मेरी चूत तक उसका हाथ पहुँच गया. जैसे ही भाई ने मेरी सील पैक वर्जिन बुर को सहलाना शुरू करा वैसे ही एकदम से मेरे कामुक जिस्म में सरसरी दौड़ी जिसको मैंने बड़ी मुश्किल से कंट्रोल किया मगर अब ज्यादा देर तक अपने आप को कंट्रोल कर पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल सा होता जा रहा था. अब मेरा छोटा भाई अपने दोनों हाथों से मेरे बड़े बड़े स्तनों को जोर जोर से दबाने लगा और अपनी अन्तर्वासना शांत करने लगा. मैं भी गहरी नींद में सोने का नाटक करते हुए पूरा आनंद ले रही थी मगर भाई को कुछ नहीं बोल रही थी. भाई की इस सभी अश्लील हरकतों से अब मेरी सील पैक वर्जिन चूत बहुत ही ज्यादा गीली होने लगी थी और अब मेरा चुदवाने का मुंड हो रहा था.
फिर भाई ने मेरे प्राइवेट पार्ट्स के साथ मस्ती करने के लिए धीरे से मेरी कैपरी नीचे कर दी. मैंने भी बिना उसको जाहिर करे अपनी गांड थोड़ी सी उठा दी थी ताकि कैपरी आसानी से निकल जाये. मैं सोने का नाटक पहले की तरह ही करती रही. मेरी कैपरी को नीचे करने के बाद उसने मेरी पैंटी भी नीचे कर डाली और मेरी सील पैक वर्जिन बुर को अपनी जीभ से चाटने लग गया. आज पहली बार कोई मर्द मेरी कुंवारी चूत को चाट रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मेरे छोटे भाई की गर्म जीभ मुझे मेरी चूत पर महसूस हो रही थी. मैं खुद को अब और कंट्रोल नहीं कर पा रही थी. फिर उसने मेरी बुर को चाटते-चाटते अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर पेल दी. जैसे ही भाई की जीभ मेरी चूत के अंदर गयी वैसे ही मेरे मुंह से एक जोर की आह्ह निकल गयी. मैं उठ गयी और चौंक कर बोली की ये क्या कर रहे थे तुम मेरी चूत के साथ तुम्हे जरा भी लज्जा नहीं आई अपनी सगी बहन के साथ ये सब अश्लील हरकतें करते हुए?
मेरा छोटा भाई डरते डरते बोला की सॉरी दीदी मुझे माफ़ कर दो, आप बहुत सेक्सी दिखती हो इस वजह से मुझसे रहा नहीं गया और अपनी कामवासना को शांत करने के चक्कर में बहक गया. मैं नाटक करते हुए बोली की मैं मम्मी को बता दूंगी की तुम मेरा रफ सेक्स करने की कोशिका कर रहे थे. रफ सेक्स शब्द सुनते ही वो बहुत ज्यादा डर गया और रोते रोते अपनी साइड जाकर लेट गया. उसका लंड उसकी निक्कर में अभी भी खड़ा था जो फिर धीरे धीरे सो गया. वो लेट तो गया लेकिन वो डर गया था. वो बोला- दीदी, मम्मी को मत बताना की मैंने आपका रफ सेक्स करने का प्रयास करा है नहीं तो मो मुझे बहुत ज्यदा मारेगी और घर से भी निकाल देगी. मैं बोली की यदि तू मेरी बात मानेगा और जैसा मैं बोलती हूँ वैसा ही करेगा तो मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी. मेरे भाई ने रोते रोते बोला की हां ठीक है दीदी आप जैसा बोलोगी मैं वैसा करने के लिए तैयार हूँ बताओ क्या करना है?
मैं हँसते हुए बोली की मेरे रजा भैया मेरे करीब आ जा और मेरी सील पैक वर्जिन बुर को बड़े अच्छे से चाट. ये सुनकर वो खुश हो गया और अपने आंसू पोछने के बाद मेरे पास आकर उसने फिर से मुझे नीचे गिरा लिया. उसके बाद वो जोर जोर से मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. मैं तो पहले से ही अपने छोटे भाई के देसी लंड से चुदवाने के लिए गर्म हो चुकी थी मगर उसे डराने के लिए थोड़ा नाटक कर रही थी. चूंकि अब भाई को मेरी चूत चाटने की अनुमति मिल गयी थी तो वो पूरे जोश में बिना डरे चूत को बड़े अच्छे से चाट रहा था. इससे मैं जल्दी ही झड़ने को हो गयी. मैं बोली- रुक जा अब … आह्ह … रुक … मेरी बुर का पानी निकलने वाला है. वो बोला की आने दो दीदी मैंने आज तक किसी लड़की की चूत का पानी नहीं पिया है आज मैं आपकी बुर का सारा पानी पी जाऊंगा.
अब मैं तेज तेज कमर हिलाने लगी और अपनी चूत को उसके मुंह से चुदवाने लगी. कुछ ही देर में मेरी सील पैक वर्जिन बुर का पानी निकल गया और मैंने मेरे छोटे भाई के मुंह को अपनी चूत पर दबा लिया. उसने मेरी चूत का सारा पानी पी लिया. जैसे ही मेरी चूत ने पानी का झरना चलाया बस वैसी ही मुझे संतुष्टि प्राप्त हो गई. फिर मेरे छोटे भाई ने मुझे अपने निक्कर में खड़े लंड को दिखाते हुए कहा की दीदी आप तो झड़ गयी मगर अभी मेरा झड़ना बाकि है. वो बोला की दीदी अब आपका तो हो गया, मेरा कौन करेगा? मैंने कहा की ठीक है भाई , मगर मैं थोड़ा सा ही करूंगी. ज्यादा नहीं. वो बोला की ठीक है दीदी आप थोड़ा ही कर दो थोड़े से में ही आनंद आ जायगा.
फिर उसने अपनी कैपरी निकाल दी और मैंने उसका लंड पहली बार देखा. मेरे छोटे भाई का देसी लंड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था और रस में पूरा भीग गया था. फिर ब्लोजॉब करने के लिए मैंने उसके देसी लंड को अपने मुंह में लिया और उसे चूसने व चाटने लगी. मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी मर्द का लंड मुंह में लिया था इस लिए मुझे बड़ा अटपटा सा लग रहा था मगर आनंद भी बहुत आ रहा था. धीरे धीरे मेरी लंड चूसने की रफ़्तार तेज होती चली गयी. ब्लोजॉब का आनंद लेते लेते मेरे छोटे भाई के मुंह से आह्ह … आह्ह … उई… की मादक आवाजें आने लगीं. भाई की मादक आवाजें सुनते ही मैंने ब्लोजॉब देना बंद किया और भाई से बोली क्या हुआ भाई? वो बोला की रुको मत दीदी बस ऐसे ही करती रहो बहुत मजा आ रहा है आज पहली बार कोई लड़की मेरा लौड़ा अपने मुंह में लेकर चूस रही है बड़ा आनंद आ रहा है…
मैं और जल्दी जल्दी से भाई का लंड अपने मुंह में लेकर अंदर बाहर करने लगी और पुरे जोश के साथ चूसने लगी क्योंकि मुझे भी अब लंड चूसने में काफी मजा आने लगा था. करीब दस मिनट तक नॉनस्टॉप लौड़ा चूसने के बाद फिर उससे रहा नहीं गया और वो मेरे सिर को उठाकर बोला- बस दीदी … अब आपकी सील पैक वर्जिन चूत की चुदाई करके आपकी सील तोड़ने का मन कर रहा है इस लिए अब आपकी वर्जिन चूत में मुझे मेरा देसी लंड डालकर आपकी चुदाई करने दो प्लीज. मेरी वर्जिन चूत में भी भाई का देसी लंड लेने के लिए काफी ज्यादा खुजली मची हुई थी इसलिए मैंने भी मौके का फायदा उठाया और मैं चुदाई करवाने के लिए अपनी दोनों तांगे खोलकर भाई के सामने लेट गयी. मेरी वर्जिन चूत की सील तोड़ने के लिए भाई मेरी दोनों टांगों के बीच में आ गया और मेरी वर्जिन चूत पर अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा. मैं भी चुदने के लिए बहुत बुरी तरह से गर्म हो गयी और भाई के वर्जिन लंड का पूरा मजा लेने लगी.
अब मैं चुदवाने के लिए बहुत ही ज्यादा बुरी तरह से तड़प रही थी तो मैंने मेरे भाई से बोला की इतना क्यों तडपा रहा है अब जल्दी से अपने वर्जिन लंड को मेरी सील पैक चूत के अंदर डाल दे और कर ले मेरी चुदाई. लेकिन वो हरामी मेरी चूत पर लंड को रगड़ता ही रहा और काफी देर तक मुझे तड़पाता ही रहा. फिर कुछ देर के बाद उस साले हरामी ने एक जोरदार धक्के के साथ अपना देसी वर्जिन लंड एकदम से मेरी सील पैक चूत में धकेल दिया. जैसे ही भाई का देसी वर्जिन लंड मेरी सील पैक चूत की सील तोड़ते हुए अंदर गया वैसे ही मुझे मेरी बुर में बहुत जोर का दर्द महसूस हुआ और दर्द के मरे मेरे मुंह से बड़ी जोर की आह्ह निकल गयी. भाई ने मेरे मुंह पर हाथ लगा दिया और बोला की दीदी इतनी जोर जोर से आवाजें मत निकालों नहीं तो मम्मी आवाज सुनकर आ जायगी और हम भाई बहन को अवैध सेक्स संबंध बनते हुए पकड़ लेगी.
मेरे छोटे भाई का देसी वर्जिन लंड काफी ज्यादा लम्बा और मोटा था और मेरी चूत कुंवारी होने की वजह से काफी ज्यादा टाइट थी और इसी वजह से भाई का देसी लंड मेरी चूत में फंस गया. मुझे दर्द तो हुआ लेकिन मैं बर्दाश्त कर गयी क्योंकि यदि मैं जोर की आवाज करती तो मेरी माँ हमारे बैडरूम में आ धमकती और हम भाई बहन को अवैध शारीरिक संबंध बनाते हुए पकड़ लेती. फिर वो मेरी चूत में लंड घुसाकर मुझे बड़े प्यार से बिलकुल धीरे धीरे चोदने लगा. हम भाई बहन दोनों के मुंह से आह्ह … आह्ह … करके सिसकारियां निकलने लगीं. आज पहली बार मैं किसी से चुदवा रही थी और पहली चुदाई में ही मुझे पूरा मजा आ रहा था. भाई भी पागलों की तरह मुझे अपनी रंडी बनाकर पुरे जोश के साथ चोदने में लगा हुआ था. भाई के देसी कड़क लंड से चुदते चुदते मैं कुंवारी रांड अब बहुत ज्यादा गर्म हो गयी थी और जोर से चुदना चाह रही थी. मैंने कहा की भाई और तेज रफ़्तार से मेरी बुर की चुदाई करो.
वो बोला की हां चोद रहा हूं दीदी. मगर तुम्हें इतनी जल्दी क्यों मची है? हमें कोई ट्रेन पकड़नी है क्या? चुदवाते चुदवाते मैं मेरे भाई से बोली की भाई तू जल्दी जल्दी चोद … बहुत मजा आ रहा है तेरे लंड से अपनी बुर की चुदाई करवाने में… आह्ह … चोद भाई … चोद दे बहन को … बहन की चूत भाई के लंड से चुदना चाह रही है। अब मेरा भाई मुझे जोर जोर से चोदने लगा. करीब दस मिनट की खतरनाक चुदाई के बाद अब वो थकने लगा तो मैंने उसको नीचे लेटा दिया और मैं उसके लंड पर बैठकर उप्पर निचे कूदने लगी. मुझे भाई के लंड की सवारी करने में बड़ा आनंद आ रहा था. भाई के लंड की सवारी करते करते मेरी चिकनी चूत का पानी निकल चुका था जो भाई के लंड को पूरा गीला कर चूका था. चूत के पानी से भाई का लंड बिलकुल गिला हो चूका तो जिस वजह से अब चुदाई के दौरान फच… फच… की आवाज होने लगी थी जो की पुरे बैडरूम में जोर जोर से गूंजने लगी.
मेरी चुदाई करते करते अब भाई भी झड़ने को हो गया. मुझे चोदते चोदते वो बोला की दीदी … और अंदर लो ना मेरे इस देसी लंड को अपनी चूत के अंदर… आह्ह … लेती रहो दीदी … बहुत मजा आ रहा है तुम्हारी कुंवारी बुर की चुदाई करने में… आह्ह … मैं आने वाला हूं दीदी मेरा वीर्य निकलने वाला है … ओह्ह … मैं आने वाला हूं. मैंने चुदते चुदते भाई से कहा की नहीं मेरी चूत के अंदर नहीं गिराना है मैं कुंवारी तुम्हारे बच्चे की माँ नहीं बनना चाहती हूँ. भाई बोला की ठीक है तो मैं लंड को निकाल लेता हूं. बाहर बिस्तर पर गिरा दूंगा. मैंने मेरे भाई से कहा की नहीं वीर्य बाहर बिस्तर पर भी नहीं गिराना है. मेरा भाई गुस्सा होकर बोला- साली रंडी वीर्य चूत में नहीं टपकाना है तो फिर कहां टपकाना है? मैंने कहा की भाई मेरे मुंह में गिराना अपना वीर्य मैं पीना चाहती हूं तेरा वीर्य. मैं भी चखना चाहती हूं लंड से निकलने वाले पानी का स्वाद कैसा होता है. तूने तो मेरी चूत के रस का स्वाद ले लिया. अब मैं लंड के माल का स्वाद लूंगी.
मेरे मुंह की चुदाई करते करते जब भाई का वीर्य निकलने को हुआ तो उसने मेरी चूत से लंड को निकाल लिया और उठकर मेरे मुंह में लंड दे दिया. वो मेरे मुंह की चुदाई अपने खड़े लौड़े से करने लगा. फिर वो जोर जोर से चिल्लाते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा और फिर भाई के देसी मोटे लंड से गरमा गर्म वीर्य की पिचकारी मेरे मुंह के अंदर चल गयी. वीर्य का स्वाद बहुत ही ज्यादा नमकीन था. मुझे भाई के देसी लंड से निकले वीर्य का स्वाद बहुत अजीब सा लगा लेकिन वीर्य को मुंह में लेकर पीने में बड़ा आनंद आया. मैं भाई के वीर्य को अपने मुंह में ही रखे रही और फिर पास में जाकर थूक आई. उसके बाद मैंने अपने कपड़़े पहने और बाथरूम में जाकर कुल्ला किया. जब मैं बाथरूम से वापस बैडरूम में आई तो मेरी नजर मेरे भाई के लंड पर पड़ी. अब उसका लंड सिकुड़ कर बिलकुल मुमफली के जैसा हो चूका था.
फिर वो नंगा ही लेट गया. मुझ कुंवारी रंडी को मेरे भाई का देसी लंड बहुत ही ज्यादा रसीला लग रहा था. मैं दोबारा से उसके लंड से खेलने लगी. फिर उसने एक बार मुझे फिर से चोद दिया. इस तरह से हम सगे भाई बहन ने उस रात कम से कम तीन बार अवैध शारीरिक संबंध बनाये. उस दिन की चुदाई के बाद तो मैं मेरे सगे भाई के देसी लंड से हर रोज ही चुदवाने लगी. जब तक मेरी शादी नहीं हुई मैं अपने ही घर में रहकर अपने सगे भाई के देसी लंड से बहुत बार चुदी और बहुत बार वही का वीर्य पान किया. कई बार तो मेरे सगे भाई ने मुझे बाहर OYO होटल में ले जाकर भी चोदा है बिलकुल किसी कॉल गर्ल की तरह. जब हम सगे भाई बहन को घर में सेक्स करने का मौका नहीं मिलता था तो हम दोनों OYO होटल में जाते थे और वहां पर चुदाई का मजा लेते थे.
उसके बाद मैंने अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए एक बॉयफ्रेंड भी बना लिया था. पर मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से चुदाई में भी इतना मजा नहीं आता था जितना भाई के लंड से चुदवाने में आता था. उसके बाद फिर शादी हो गयी लेकिन जब भी घर आती मैं भाई का लंड जरूर लेती थी. आज भी हम दोनों सगे भाई बहन के बिच अवैध सेक्स संबंध है. मुझे मेरे सगे भाई के देसी मोटे लंड से अपनी चूत चुदवाने और गांड मरवाने में एक अलग ही मजा आता है. मेरे सगे भाई का लंड मुझे मेरे पति के लंड से ज्यादा आनंद देता है. मेरा पति मुझे बहुत कम चोदा करता था और मेरा चुदवाने का बहुत मन हुआ करता था इस लिए मैं कई बार मेरे भाई को मेरे ससुराल बुला लिया करता था और वो आये दिन मेरे ससुराल में मेरे साथ सेक्स करने आता रहता था. दोस्तों यदि आप सभी को मेरी ये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी पसंद आई हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करना ताकि हम इस वेबसाइट को फ्री में चला सकें हमें आपके सपोर्ट की बहुत आवश्यकता है…


